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देश में खुलेंगे कई नई बैंक, लाइसेंस के लिए आरबीआई के पास आए 8 आवेदन

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देश में बड़े और छोटे बैंक जल्द ही खुलने वाला है। यह जानकारी खुद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दी है ।  गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़े और छोटे वित्त बैंक खोलने के लिए आए आठ आवेदनों का खुलासा किया। आरबीआई ने बताया कि यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए चार आवेदक हैं,  यूएई एक्सचेंज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, रिपेट्रिएट कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड (आरईपीसीओ बैंक), चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड और पंकज वैश्य हैं। वहीं छोटे वित्त बैंकों में वीएसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, कालीकट सिटी सर्विस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, अखिल कुमार गुप्ता और द्वारा क्षत्रिय ग्रामीण वित्तीय सेवा प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

पूर्व डिप्टी गवर्नर की अध्यक्षता में कमेटी
आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर श्यामला गोपीनाथ की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो बड़े और छोटे बैंकों के लिए आए आवेदन की समीक्षा करेगी। पैनल के अन्य सदस्यों में आरबीआई सेंट्रल बोर्ड के निदेशक रेवती अय्यर, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बी महापात्रा, केनरा बैंक के पूर्व अध्यक्ष टीएन मनोहरन और पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष हेमंत शामिल हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 2015 में दो बैंकों को मंजूरी दी थी। इसमें  IDFC Ltd और बंधन फाइनेंशियल बैंक शामिल हैं|

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रेमडेसिवीर का उत्पादन दोगुना करने को मंजूरी, कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

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केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को बताया कि सरकार ने रेमडेसिवीर दवा का उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका उत्पादन 80 लाख शीशियां प्रतिमाह किया जाएगा और इस सप्ताह के अंत तक यह दवा 3500 रुपये के दाम पर मिलने लगेगी। गंभीर कोरोना मरीजों को दी जाने वाली एंटीवायरल दवा रेमडेसिवीर (Remdesivir) की देश में दवा कमी के बाद यह मनमानी कीमत पर बिक रही है। सरकार ने कहा है कि वह जल्द ही इसकी कीमतों पर लगाम लगाने का काम करेगी।

कोरोना मामले कम होने पर की गई थी उत्पादन में कटौती

मंत्री के अनुसार जब फरवरी में मामले कम हो रहे थे तो इस दवा के उत्पादन में भी कटौती की गई थी। मगर अब राष्ट्रीय औषधि नियंत्रक तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधिकारियों ने निर्माता कंपनी को दवा का उत्पादन बढ़ाने को कहा है। इससे पहले केंद्र सरकार ने इस दवा के निर्यात पर रोक लगा दी थी। मंगलवार को मंत्रालय ने यह आदेश भी जारी किया था कि रेमडेसिवीर का इस्तेमाल सिर्फ अस्पतालों में गंभीर मरीजों पर ही किया जाना चाहिए। ये घरों में इस्तेमाल के लिए नहीं है।

देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी
बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1 लाख 84 हजार 372 नए मामले सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्रालय के बुधवार के आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण के कुल मामले एक करोड़ 30 लाख 73 हजार 825 हो गए हैं, जबकि 13 लाख से अधिक लोग अभी संक्रमण की चपेट में हैं। मंत्रालय के सुबह 8:00 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 1027 लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद अब तक मरने वालों की संख्या 1 लाख 72 हजार 085 हो गई है। 18 अक्टूबर 2020 के बाद ये एक दिन में मरने वालों की सबसे ज्यादा संख्या है।

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Haridwar महाकुंभ में कोरोना की मार, 100 से ज्यादा श्रद्धालु और 20 साधु हुए कोरोना संक्रमित, प्रशासन में हड़कंप

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आखिर जिस बात का डर था वही हुआ उत्तराखंड में चल रहे महाकुंभ में कोरोना विस्फोट हुआ है. यहां 102 तीर्थयात्री और 20 साधु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. मेले में कई धार्मिक संगठन के प्रमुखों ने कोरोना टेस्ट कराने से इंकार कर दिया था. नतीजा ये है कि अब मेले में हालात बेहद खराब हो सकते हैं. वहीं, इस दौरान कोरोना गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया जा रहा है. ना तो मास्क दिख रहा है और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का ही पालन किया जा रहा है.

18 साधु-संत कोरोना पॉजिटिव

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की माने तो सोमवार को शाही स्नान के लिये एक लाख साधु-संत जुटे थे. हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एसके झा ने बताया कि,सरकार द्वारा जारी कोरोना की गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया गया. सीएमओ ने जानकारी देते हुए कहा कि, बीते 24 घंटों में जूना अखाड़ा के पांच, दो निरंजनी अखाड़ा, नाथ व अग्नि के एक-एक साधु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.

 उन्होंने बताया कि, बीते चार दिनों में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़ा के मुखिया नरेंद्र गिरी समेत 18 साधु कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. सीएमओ ने बताया कि, नरेद्र गिरी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स हरिद्वार भेजा गया है.

हरिद्वार के CMO डॉ. एस के झा ने कहा कि साधुओं से आग्रह किया गया है कि वो स्वयं को आइसोलेट कर लें और स्वयं को श्रद्धालुओं से दूर रखें। शाही स्नान के चलते कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ गई। हम उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि कोरोना से बचने के लिए क्या प्रोटोकॉल है किन्तु वो उसपर ध्यान ही नहीं दे रहे।  

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पीएम मोदी करेंगे रायसीना संवाद के छठे संस्करण का उद्घाटन, 50 देशों के दिग्गज होंगे शामिल

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को रायसीना डायलॉग के 6 वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। रवांडा के राष्ट्रपति, पॉल कगामे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री, मेट्टे फ्रेडरिक्सन भी मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। यह संवाद वस्तुतः 13 से 16 अप्रैल, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। रायसीना डायलॉग 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत का प्रमुख सम्मेलन है। यह संयुक्त रूप से विदेश मंत्रालय और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री, स्कॉट मॉरिसन भी बाद के एक सत्र में सम्मेलन में भाग लेंगे। COVID-19 महामारी की असाधारण परिस्थितियों के बीच, आयोजकों ने ऑनलाइन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल को एक वीडियो संदेश के साथ इस वार्ता का आरंभ करेंगे।’ बताया कि रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कगामे और डेनमार्क के प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन रायसीना संवाद में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरीसे पायने और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन वेस ली ड्रायन भी रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेंगे। कई अन्य अधिकारी भी इसमें मौजूद रहेंगे। पुर्तगाल, स्लोवेनिया, रोमानिया, सिंगापुर, नाइजीरिया, जापान, इटली, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, केन्या, चिली, मालदीव, ईरान, कतर और भूटान के विदेश मंत्री भी इसमें भाग लेंगे।

2021 संस्करण में 50 सत्र होंगे जिसमें 50 देशों और बहुपक्षीय संगठनों के 150 वक्ता शामिल होंगे। 80 से अधिक देशों से 2000 से अधिक उपस्थित लोगों ने पूर्व-पंजीकृत किया है और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को विभिन्न सामाजिक मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से संवाद में शामिल होने की संभावना है।

मंत्रालय ने कहा कि पिछले छह वर्षों में, रायसीना संवाद कद और प्रोफाइल में बड़ा हो गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मामलों पर एक प्रमुख वैश्विक सम्मेलन के रूप में उभर कर सामने आया है। यह वैश्विक रणनीतिक और नीति-निर्माण करने वाले समुदाय से प्रमुख विदेश नीति और दुनिया के सामने आने वाले रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अग्रणी सोच को आकर्षित करता है।

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कुरान की 26 आयतों पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज, SC ने याचिकाकर्ता वसीम रिजवी पर लगाया जुर्माना

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कुरान की 26 आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

नई दिल्लीः कुरान की 26 आयतों को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला बताने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वसीम रिजवी पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने इन आयतों में गैर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और उनकी हत्या को प्रेरित करने वाली बातें लिखी होने की दलील दी थी. अपने दलील में रिजवी ने यह भी कहा था कि इन आयतों को मदरसों में इनकी शिक्षा पर रोक लगाई जाए.

वसीम रिजवी ने कहा था, ”धर्म गुरु तो सुन नहीं रहे हैं. इसलिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हमने तो 16 जनवरी को चिट्ठी लिखी थी लेकिन कोई जवाब नहीं आया. जबकि इन 26 आयतों का इस्तेमाल आतंकवादी कर रहे हैं.”

क्या कहते हैं रिजवी?

वसीम रिजवी बताते हैं कि इन 26 आयतों से कट्टरता को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने दावा किया था कि ये 26 आयतें कुरान में बाद में जोड़ी गई थीं. रिजवी के इस कदम के बाद उनके परिवार के लोगों ने भी साथ छोड़ने का ऐलान कर दिया था.

जलाया गया था रिजवी का पोस्टर

रिजवी के इस कदम से देश भर के मुस्लिम समाज उनपर भड़क उठा था. मुस्लिम समाज के लोग उनके खिलाफ सड़कों पर उतरकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने रिजवी का पोस्टर भी जलाया था.

बीजेपी ने बताया था गलत

वसीम रिजवी के इस कदम के बाद बीजेपी के नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा उनकी पार्टी दृढ़ता से उन लोगों के खिलाफ है जो किसी भी धार्मिक ग्रंथ का अपमान करते हैं. शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि रिजवी को इस तरह के कृत्य में लिप्त होकर देश का माहौल खराब नहीं करना चाहिए.

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किसान आंदोलन : किसान केएमपी एक्सप्रेस-वे 10 अप्रैल को 24 घंटे बंद रखेंगे

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कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर धरना-प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को 133 दिन हो गए. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए आंदोलन के 135वें दिन 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस-वे (KMP Express Way) को 24 घंटे के लिए बंद रखने का आह्वान किया गया है. मोर्चा ने भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘हम सभी किसानों की तरफ से आश्वस्त करते हैं कि बंद के दौरान एक्सप्रेस-वे पर लोगों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाएगा.’ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे लंबे आंदोलन (Farmers Protest) को किसान मजबूत धार देने में लगे हुए हैं, यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में महापंचायतों के अलावा कभी भारत बंद तो कभी केएमपी बंद करने की रूपरेखा बनाई जा रही है.

सरकार तक आवाज पहुंचाना मकसद
सयुंक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया कि किसान कभी नागरिकों को परेशान नहीं कर सकते, उनकी मंशा सिर्फ सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना है. मोर्चा ने एक बयान जारी कर कहा, ‘हम सभी किसानों की तरफ से आश्वस्त करते हैं कि केएमपी बंद पूर्ण रूप से शांतमय रहेगा. हम आम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि अन्नदाता के सम्मान में इस कार्यक्रम में अपना सहयोग दें.’ तीन नए खेती कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से ही राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों ने सरकार पर दबाब डालने के लिए इससे पहले भी रणनीति बनाकर आंदोलन के अलग-अलग रूप दिखा चुके हैं, लेकिन सरकार और किसान नेताओं के बीच फिर से वार्ता शुरू होने की सूरत अब तक नहीं बन पाई है.

सरकार और किसान नेताओं में गतिरोध जारी
कमेटी ने रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले नौ आंतरिक बैठकें भी कीं. मिश्रा के अलावा कमेटी के अन्य सदस्यों में शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवत और कृषि अर्थशास्त्री तथा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष अशोक गुलाटी शामिल हैं. कमेटी के चौथे सदस्य भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान ने काम शुरू करने से पहले ही कमेटी से खुद को अलग कर लिया था. केंद्र सरकार सितंबर में पारित किए तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे.

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Pariksha Pe Charcha 2021: प्रधानमंत्री ने 96 मिनट में विद्यार्थियों को दिए परीक्षाओं में सफलता के ये मंत्र हर स्टूडेंट्स जरुर देखे Video

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Pariksha Pe Charcha 2021, PM Modi Pariksha Pe Charcha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 7 अप्रैल को शाम 7 बजे “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में देशभर से स्टूडेंट्स, शिक्षक और अभिभावकों से संवाद किया। कार्यक्रम में पीएम ने बच्चों के परीक्षा आदि से जुड़े सवालों का बड़ी बेबाकी और सहजा से सामना किया। साथ ही एग्जाम से जुड़ी उनकी शंकाओ को भी दूर किया। कार्यक्रम में भारत ही नहीं विदेशों से भी बच्चों शामिल हुए जो परीक्षा के समय तैयारी और पढ़ाई के प्रेशर से बचने के टिप्स पूछे।

कार्यक्रम के लिए 14 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स, शिक्षक और अभिभावकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। पीएम ने न सिर्फ बच्चों बल्कि कार्यक्रम में  शिक्षकों और पैरेंट्स के भी कई सवालों के जवाब दिए। बच्चों के सवाल के जवाब में PM ने परीक्षा के साथ करियर, जेनेरेशन गैप, पौष्टिक खान-पान आदि पर भी विचार प्रकट किए। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के इस दौर में बिना डरे परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

कोरोना के कारण इस बार परीक्षा पे चर्चा ऑनलाइन हुआ। बोर्ड एग्जाम के फियर के बीच पीएम ने कठिन विषयों, एग्जाम प्रेशर, मार्क्स, एडमिशन आदि जैसे विषयों पर बच्चों के कनफ्यूजर दूर कर डाले।

पीएम ने ट्वीट करके परीक्षा पे चर्चा का समय और तारीख बताई थी। साथ ही लिखा था “एक नया प्रारूप, विषयों की एक श्रृंखला पर कई दिलचस्प सवाल और हमारे बहादुर योद्धाओं, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ एक यादगार चर्चा। सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए ‘परीक्षा पे चर्चा।” पीएम ने कहा कि वह परिवार के सदस्‍य के रूप में छात्रों को परीक्षा संबंधी दबाव से उबरने में मदद करना चाहते हैं।

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आज सुबह PM मोदी को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगी, नर्स का ऐसा था रिएक्शन, जानिए क्या कहा |

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देश में वैक्सीन की अबतक 9 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं. 1 अप्रैल से टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू हुआ था, जिसके तहत 45 साल या उससे ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को कोरोना डोज दी जा रही है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के एम्स में कोविड टीके की दूसरी डोज लगवा ली है. इससे पहले एक मार्च को पीएम मोदी ने वैक्सीन की पहली डोज ली थी. एम्स में पीएम को टीके की डोज देने वाली दो नर्सों में एक पुडुचेरी की पी निवेदा हैं और दूसरी पंजाब की निशा शर्मा हैं.

पीएम मोदी को दूसरी डोज देने वाली नर्स निशा शर्मा ने कहा, “मैंने आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कोवैक्सीन’ की दूसरी खुराक दी है. उन्होंने हमसे बात भी की. मेरे लिए यह एक यादगार पल था क्योंकि मैं उनसे मिलने और उन्हें टीका देने के लिए आई.”

वहीं एक मार्च को पहली डोज देने वाली नर्स निवेदा ने कहा, “मैं वैक्सीनेटर हूं जिसने पीएम नरेंद्र मोदी को ‘कोवैक्सीन’ की पहली डोज दी थी. आज मुझे उनसे मिलने और दूसरी बार टीका लगाने का एक और अवसर मिला. उन्होंने हमसे बात की, हमने उनके साथ तस्वीरें भी क्लिक कीं.”

पीएम मोदी ने की वैक्सीन लगवाने की अपील
पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में टीका लेने के लिए पात्र सभी लोगों से जल्द से जल्द टीका लगवाने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया, ”आज AIIMS में मुझे कोरोना वैक्सीन की मेरी दूसरी खुराक मिली. टीकाकरण हमारे पास वायरस को हराने के कुछ तरीकों में से एक है. अगर आप वैक्सीन लगवाने के लिए योग्य हैं तो जल्द ही cowin.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करा कर वैक्सीन लगवाएं.”

बता दें कि देश में वैक्सीन की अबतक 9 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं. पिछले कुछ हफ्तों में भारत में फिर से कोरोना मामलों में जारी उछाल के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है. 1 अप्रैल को टीकाकरण अभियान का तीसरा चरण शुरू हुआ था, जिसके तहत 45 साल या उससे ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को कोरोना डोज लगवाने की अनुमति है.

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World Health Day 2021: आज मनाया जा रहा 71वां विश्व स्वास्थ्य दिवस, जानिए क्या है उद्देश्य

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हर साल 7 अप्रैल के दिन विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है. इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने की थी. साल 1948 को 7 अप्रैल के दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहली बैठक में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था. जिसके बाद साल 1950 से हर साल इसे मनाया जाने लगा. इस साल दुनियाभर में 71वां विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा.

आज मनाया जा रहा विश्व स्वास्थ्य दिवस

शुरुआती दौर में WHO से संबद्ध देश ही इस दिवस का आयोजन करते थे. वहीं समय के साथ WHO के सदस्य देशों की संख्या बढ़ने के साथ ही बाकी देशों में भी इसे मनाया जाने लगा. हर साल इस दिवस को मनाए जाने के साथ ही इसके लिए एक खास थीम का भी चुनाव किया जाता है. इस बार WHO की ओर से ‘एक निष्पक्ष, स्वस्थ दुनिया का निर्माण’ थीम को चुना गया है.

विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य

दुनियाभर में लाखों की संख्या में लोग आज कई बड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं. जिसमें मलेरिया, हैजा, टीबी, पोलियो, कुष्ठ, कैंसर और एड्स जैसी घातक बीमारी शुमार हैं. दुनियाभर के लोगों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए जागरूक करना ही इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है.

विश्व स्वास्थ्य दिवस के जरिए लोगों को अपने स्वास्थ्य की देखभाल और इसके लिए जागरूक रहना सिखाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से इस दिन स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवर और अन्य संगठन जो स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे हैं उन्हें सहयोग प्रदान किया जाता है.

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विपक्ष रोज उठकर ‘आज इस मंत्री को डुबाएंगे, कल उस मंत्री की विकेट गिराएंगे’ – सामना

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सामना ने बीजेपी के नेताओं पर हमल करते हुए लिखा, ”महाराष्ट्र में विपक्ष रोज उठकर ‘आज इस मंत्री को डुबाएंगे, कल उस मंत्री की ‘विकेट’ गिराएंगे’, ऐसा बयान देता है. केंद्रीय जांच एजेंसियां हाथ में नहीं होतीं तो उनकी ऐसी बेसिर-पैर की बातें करने की हिम्मत ही नहीं हुई होती. राज्य को बदनाम करने का यह षड्यंत्र है.”

वसूली कांड में अनिल देशमुख के इस्तीफे के बाद शिवसेना ने विपक्ष को निशाने पर लिया है. शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में अनिल देशमुख के मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. सामना में लिखा है कि देशमुख को अलग न्याय, येदियुरप्पा को अलग न्याय. सामना में लिखा है.विपक्ष के पास कोई सबूत ना होते हुए केवल हवा हावी आरोप कर राज्य सरकार को बदनाम करने की साज़िश की जा रही है.

देशमुख को अलग न्याय, येदियुरप्पा को अलग न्याय
सामना में लिखा है, ”अनिल देशमुख पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपो के मामले में एक न्याय और सीएम येदियुरप्पा को दूसरा ये कैसे ? सामना में लिखा है की “ अनिल देशमुख पर आरोपों के हवाई फायर होने के दौरान उच्च न्यायालय ने उनकी सीबीआई जांच का आदेश दिया. उसी समय कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें राहत दी है. सर्वोच्च न्यायालय ने येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के मामलों में स्थगनादेश दे दिया है. मतलब देशमुख को अलग न्याय व येदियुरप्पा को अलग न्याय.”

राज्य को बदनाम करने का यह षड्यंत्र
सामना ने बीजेपी के नेताओं पर हमल करते हुए लिखा, ”महाराष्ट्र में विपक्ष रोज उठकर ‘आज इस मंत्री को डुबाएंगे, कल उस मंत्री की ‘विकेट’ गिराएंगे’, ऐसा बयान देता है. केंद्रीय जांच एजेंसियां हाथ में नहीं होतीं तो उनकी ऐसी बेसिर-पैर की बातें करने की हिम्मत ही नहीं हुई होती. राज्य को बदनाम करने का यह षड्यंत्र है.”

साबुन के बुलबुलों को बम बता रहे हैं
इससे पहले महाराष्ट्र में विपक्ष ने सत्ताधारियों पर आरोप लगाकर धूल उड़ाई है. कई बार मंत्री और मुख्यमंत्रियों को जाना पड़ा है, परंतु उनमें आज के विपक्ष जैसा द्वेष और जहर भरा नहीं था. विपक्ष के हाथ में सचमुच कुछ प्रमाण था इसलिए हंगामा किया. आज साबुन के बुलबुले उड़ाकर ‘बम-बम’ ऐसी दहशत निर्माण की जा रही है.

देशमुख मुद्दे पर कांग्रेस को पवार के पलटने का डर- सूत्र
शरद पवार ने ही महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार बनवाई थी. अब कांग्रेस को डर यही है कि पवार ही महाराष्ट्र सरकार को गिरा सकते हैं. एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र कांग्रेस को डर है कि कहीं पवार फिर ना बदल जाएं शक का कारण गुजरात में हुई पवार और अमित शाह की कथित मुलाकात है. कांग्रेस नेताओं को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं देशमुख के मामले में केंद्र का शिकंजा कसता देख पवार बदल ना जाएं.

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पवार के दम पर ही टिकी हुई है. सूत्रों के मुताबिक अगले एक दो दिनों में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है. पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात को लेकर हुई कांग्रेस की रिव्यू बैठक में सोनिया गांधी को सभी स्थितियों से अवगत कराया गया.

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