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शिवराज सरकार का बड़ा फैसला : MP में फिलहाल नहीं बढ़ेगा निगम टैक्स, कांग्रेस का सवाल – टैक्स स्थगित क्यों, रद्द क्यों नहीं ?

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नगरीय निकाय इलाकों में अब किसी तरह की कर वृद्धि (Tax) नहीं होगी. 1 अप्रैल से नगरीय निकायों में लगाए गए टैक्स वृद्धि का फैसला स्थगित कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले के बाद भोपाल इंदौर सहित सभी बड़े शहरों में की गई कर वृद्धि वापस होगी. नगरीय प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.

सरकार के इस आदेश के बाद अब शहरी इलाकों में लगने वाले जल कर और दूसरे टैक्स वापस होंगे. सरकार ने निकायों के कर वृद्धि का आदेश स्थगित करने का फैसला लिया है. इस फैसले के बाद शहरी इलाकों की सेवाओं में किसी तरह की कर वृद्धि नहीं होगी. नगरीय निकाय चुनाव से पहले सरकार शहरी इलाकों में टैक्स बढ़ाने के मूड में नहीं है. आदेश वापिस लेने के बाद अब शहरों में जल और अन्य कर पुरानी दर पर ही लिये जाएंगे.

नगरीय निकाय चुनाव से पहले मुद्दा
इंदौर में नगरीय निकाय ने जलकर और स्वच्छता के नाम पर वसूले जाने वाले टैक्स में वृद्धि के फैसले के बाद कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतर कर इसका विरोध किया था. आम जनता ने भी कांग्रेस के इस विरोध का समर्थन किया था. विरोध के बाद सरकार ने सभी नगरीय निकायों में किसी भी तरह की टैक्स वृद्धि पर फिलहाल रोक लगा दी है. राज्य सरकार के जारी आदेश के बाद शहरों में रहने वाली बड़ी आबादी को फायदा होगा.
 
मध्यप्रदेश कांग्रेस के महासचिव गजेन्द्र  वर्मा ने  सवाल उठाया कि इस फैसले को स्थगित क्यों किया गया जबकि कोरोना काल में हर व्यक्ति परेशान है, इस फैसले को रद्द किया जाना चाहिए था, वर्मा ने बीजेपी की नियत में खोट बताया है  |
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किसानों को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण, कैसे करे खेती |

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देवास के खातेगांव के ग्राम पंचायत बागदा मे एक दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया था | जिसमें क्रषि विभाग के निरंजन सिंह गुर्जर (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी खातेगाँव), ब्रजेश उपाध्याय (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बर्छा खुर्द) के द्वारा  किसानों को बताया गया की फसलों की अच्छी पैदावार कैसे की जाती जमीन में अन्य खाद ना डालते हुए जैविक खाद डाले जैविक खाद का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करे अपने खेतों में  गेहूं की नरवाई न जलाया जाए |
ब्रजेश उपाध्याय के द्वारा बताया गया की अभी गेहूं कटाई का समय चल रहा हे मजदूरों एवं हार्वेस्टर से गेहूं कटाई की जा रही है, जिसके बाद किसान खेत में गेहूं की नरवाई मे आग से जला देते हे नरवाई जलाना न सिर्फ किसान के लिये हानिकारक हे अपितु प्रकृति पर्यावरण भूमि का भी प्रदूषण होता है खेतों मे आग लगने से अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा नुकसान होता है | किसानों को गोबर गैस बनवाना चाहिए कुछ किसानों के सन 2019 की बीमा राशि नहीं मिली उसकी राशि डल चुकी है, उसका पोर्टल चालू हो गया है और भी अन्य जानकारी दी गई |
नीरजनसिंह गुर्जर के द्वारा बताया गया कि अभी मूंग बुवाई का काम चल रहा है किसानों को कितना बीज  कितनी जगह में डालना चाहिए कौन सा खाद डालना चाहिए, संतुलित उर्वरक खाद की मात्रा ज्यादा डाले, फसल दलहन चक्र के बारे बताया किसानों को मिट्टी परीक्षण करवाना चाहिए और भी हमारे अधिकारियों के द्वारा अलग-अलग केंद्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है |
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न्यूजीलैंड में भूकंप के जोरदार झटकों से सुनामी का खतरा, खाली कराए गए तटीय इलाके

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विलिंगटन: न्यूजीलैंड (New Zealand) के उत्तरी-पूर्वी तट पर गुरुवार को भूकंप (Earthquake) के तेज झटके महसूस किए गए. इसके बाद प्रशांत महासागर में सुनामी का खतरा मंडराने लगा. इसे देखते हुए  न्यूजीलैंड, न्यू कैलेडोनिया और वानुअतु के तटीय इलाकों से हजारों निवासियों को बाहर निकाल कर ऊंचे क्षेत्र में पहुंचाया गया है. फिलहाल भूकंप से किसी तरह की गंभीर क्षति या नुकसान की कोई खबर नहीं है. जानमाल को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है.

भूकंप के बाद नूमी में चेतावनी के तौर पर सायरन बजते हुए सुना गया. अधिकारियों ने डर के बीच लोगों को रिहायशी इलाके खाली करने के आदेश दिए. अधिकारियों ने कहा कि तीन मीटर (10 फीट) ऊंची की लहरें फ्रांसीसी क्षेत्र की ओर बढ़ रही थीं.


आपातकालीन सेवा के प्रवक्ता एलेक्जेंडर रोसिग्नॉल ने सार्वजनिक रेडियो के हवाले से कहा, “सभी लोग समुद्र तट के इलाकों को तुरंत खाली कर दें, पानी में हो रही सभी गतिविधियों को रोक दें और अपने बच्चों को स्कूलों न भेजें.”

न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप के हिस्सों में 8.1तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इससे पहले उसी क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 7.4 और 7.3 तीव्रता के झटके महसूस किए जा चुके थे. इसके बाद सुनामी के चेतावनी का सायरन बजाया गया ताकि लोग सुरक्षित ऊंचे स्थान पर जा सकें. न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने लोगों से तुरंत अनुरोध किया कि लोग अपने-अपने घरों को छोड़ दें. एजेंसी ने लोगों से अनुरोध किया कि जो भी लोग तटीय इलाकों में हैं, तुरंत अपने घर छोड़कर ऊंचे इलाकों में चले जाएं.
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण’ के मुताबिक न्यूजीलैंड तट से 1000 किलोमीटर दूर सुबह 8.28 बजे (स्थानीय समयानुसार) भूकंप के झटके महसूस किए गए. प्रारंभिक तौर पर भूकंप की तीव्रता 6.9 मापी गई है और जिसका केंद्र जिस्बॉर्न शहर से लगभग 178 किलोमीटर (111 मील) दूर 10 किलोमीटर (छह मील) की गहराई में स्थित था.

क्यों आता है भूकंप?

पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं. जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं और नीचे की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. फिर इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है.

कब कितनी तबाही लाता है भूकंप?

रिक्टर स्केल असर
0 से 1.9 सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है.
2 से 2.9 हल्का कंपन.
3 से 3.9 कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर.
4 से 4.9 खिड़कियां टूट सकती हैं. दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं.
5 से 5.9 फर्नीचर हिल सकता है.
6 से 6.9 इमारतों की नींव दरक सकती है. ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है.
6 से 6.9 इमारतों की नींव दरक सकती है. ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है.
7 से 7.9 इमारतें गिर जाती हैं. जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं.
8 से 8.9 इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं. सुनामी का खतरा होता है.
9 और उससे ज्यादा पूरी तबाही. कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी. समंदर नजदीक हो तो सुनामी.

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यौन उत्पीड़न के मामले कालीन के नीचे दबाने की अनुमति नहीं दे सकते: सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा यौन उत्पीड़न के एक मामले में शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को चुनौती देने वाली याचिका वापस लेने के लिए कहा है। दरअसल, मध्य प्रदेश के एक पूर्व जिला न्यायाधीश पर जूनियर न्यायिक अधिकारी से यौन उत्पीड़न का आरोप है। मामले में पूर्व जज के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी।

मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन-जजों की पीठ ने हालांकि उन्हें जांच के लिए हाजिर होने की स्वतंत्रता दी है। पीठ ने कहा, हम इस तरह से यौन उत्पीड़न के मामलों को कालीन के नीचे दबाने की अनुमति नहीं दे सकते।

पीठ ने याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील बालासुब्रमण्यम से कहा, आप बहुत नाजुक रास्ते पर चल रहे हैं। आप किसी भी समय गिर सकते हैं। आपके पास जांच में एक मौका हो सकता है।

दलीलें सुनने के बाद बेंच ने कहा कि वह याचिकाकर्ता के विवाद से निपटने और विशेष अनुमति को खारिज करने के लिए एक आदेश देगी।

हालांकि, वरिष्ठ वकील बालसुब्रमण्यम की अर्जी वापस लेने की स्वतंत्रता के आग्रह पर, अदालत ने उन्हें जांच में भाग लेने के लिए की स्वतंत्रता के साथ याचिका को वापस लेने की अनुमति दी।

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खाली प्लाॅट मुसीबत, गंदगी, दुर्घटना, शरारती तत्वों का बन रहा अड्डा |

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बड़वाह नगर मे इंदौर-इच्छापुर रोड पर  शासकीय काॅलेज की स्वामित्व भूमि वाले प्लाट पर उगी झाड़ियाँ दे रहीं दुर्घटनाओं को न्यौता…काॅलेज प्रशासन सोया…
 
बड़वाह नगर मे इंदौर-इच्छापुर रोड नर्मदा मार्ग शनि मंदिर के सामने  शासकीय काॅलेज की स्वामित्व वाली भूमि का प्लाॅट मुसीबत बनता जा रहा है। क्योंकि प्लाॅट मे गदंगी का अम्बार लगा हुआ है| प्लाॅट पर उगी झाडियां रोड पर आ गई हैं जो दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है। झाडियां इतनी बड़ी हो गई है कि रोड पर आकर आवागमन और राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। इंदौर इच्छापुर रोड पर दर्दनाक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं फिर भी कॉलेज प्रशासन गहरी नींद में सोया है| वहीँ एक ओर बड़वाह नगर मे सफाई को लेकर सब जगह हल्ला है| बड़वाह नगर को नंबर 1 बनाने की कियावद की जा रही तो वही शासकीय काॅलेज की भूमि के प्लाॅट पर गदंगी का अंबार लगा है| उगी झाडियां शरारती तत्वो का भी अड्डा बन चुकी है। वही उगी झाडियां दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही है। काॅलेज प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नही है जबकि काॅलेज प्रशासन  रोज झाडियों के पास से ही गुजरता है। वह तो अपनी ही धुन मे मगन है। क्यो नही काॅलेज प्रशासन खाली प्लाॅट की झाडियां कटवाकर, प्लाॅट पर गार्डन विकसित कर दे, जिससे बड़वाह नगर के सौदंर्यकरण मे वृद्धि होगी।
सुनील परिहार की रिपोर्ट 

पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न मामले को सुप्रीम कोर्ट ने किया बंद

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सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस रंजन गोगोई पर लगे यौन उत्पीड़न मामले को बंद कर दिया है। कोर्ट ने कहा इस मामले में गठित कमेटी द्वारा जो रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दी गई है, उसे सीलबंद लिफाफे में ही रखा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्व जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी। जस्टिस पटनायक कमेटी ने अक्टूबर 2019 में अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंप दी थी।

सुप्रीम कोर्ट के वकील उत्सव बैंस ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर लगे यौन शोषण के आरोपों के पीछे साजिश होने का दावा किया था। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने उन्हें नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने बैंस को दायर शपथपत्र में दावों को स्पष्ट करने को कहा था। बैंस ने अपनी जिस फेसबुक पोस्ट में साजिश की बात कही थी, उसी में उन्होंने ये भी लिखा था कि मुझे लोगों को ये बात बताने से पहले कई वरिष्ठ शुभचिंतकों ने रोका था। शुभचिंतकों ने मुझसे कहा था कि जिन जजों की लॉबी ने ये साजिश रची है, वो मेरे खिलाफ हो जाएगी और मुझे व्यावसायिक रूप से नुकसान पहुंचाएगी।

शीर्ष अदालत की पूर्व कर्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने अक्टूबर 2018 में उनका यौन उत्पीड़न किया था। 35 वर्षीय यह महिला अदालत में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के पद पर काम कर रही थीं। उनका कहना था कि चीफ जस्टिस द्वारा उनके साथ किए ‘आपत्तिजनक व्यवहार’ का विरोध करने के बाद से ही उन्हें, उनके पति और परिवार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

पिछले साल 26 अप्रैल को इस मामले में बनी जांच समिति की पहली बैठक हुई और पीड़िता समिति के समक्ष पेश हुई थीं। इसके बाद जस्टिस रंजन गोगोई भी समिति के सामने पेश हुए थे। मामले की सुनवाई शुरू होने के कुछ दिन बाद पीड़ित ने आंतरिक समिति के माहौल को डरावना बताते हुए समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था। शिकायतकर्ता महिला ने अदालत में अपने वकील की मौजूदगी की अनुमति नहीं दिए जाने समेत अनेक आपत्तियां जताते हुए आगे से समिति के समक्ष नहीं पेश होने का फैसला किया था।

महिला कर्मचारी जांच समिति की कार्यवाही में यह कहकर शामिल नहीं हुई थीं कि उन्हें लीगल रिप्रेजेंटेशन की अनुमति नहीं दी गई। बाद में समिति के फैसले पर महिला ने निराशा जताई थी। इस मामले के सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के ऑफिस ने बयान जारी कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इनके पूरी तरह से झूठ और बेबुनियाद होने की बात कही थी।

महिला का आरोप था कि उन्हें नौकरी से निकालने के बाद दिल्ली पुलिस में तैनात उनके पति और देवर को भी निलंबित कर दिया गया था। हालांकि जून 2019 में उनके पति और देवर को दिल्ली पुलिस ने बहाल कर दिया था। वहीं, मार्च 2019 में महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। उनपर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से पैसे लिए थे।

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ट्विटर विवाद के बीच Koo ऐप हुआ पॉपुलर, रोज जुड़ रहे 1 लाख नए लोग, अबतक आए ये बड़े नाम

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जब से भारत सरकार और ट्विटर के बीच का विवाद सार्वजनिक हुआ है Koo ऐप पर लोगों का आना तेज हो गया है. पिछले दो से तीन दिनों में हर रोज एक लाख से अधिक नए लोग Koo ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं.

भारत सरकार और ट्विटर के बीच जारी घमासान से इतर देसी ट्विटर के नाम से मशहूर Koo App मशहूर होता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में इस देसी ऐप का पैमाना बढ़ गया है. यहां तक की देश के कई मंत्री, नेता, अभिनेता भी इस नए प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ते जा रहे हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब से भारत सरकार और ट्विटर के बीच का विवाद सार्वजनिक हुआ है Koo ऐप पर लोगों का आना तेज हो गया है. पिछले दो से तीन दिनों में हर रोज एक लाख से अधिक नए लोग Koo ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं, जबकि कुल डाउनलोड की संख्या तीस लाख को पार कर गई है.

कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐलान किया था कि वो अभी अब Koo ऐप पर हैं. अब उनके अलावा भी कई बड़े नाम इस देसी ऐप से जुड़ गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, बॉलीवुड स्टार अनुपम खेर, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के अलावा कई बड़े नाम इस ऐप पर मौजूद हैं.

साथ ही भारत सरकार के कई बड़े मंत्रालय और अधिकारियों ने भी अब इस ऐप को ही चुना है.

Koo ऐप के को-फाउंडर में से एक ए. राधाकृष्णा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई गुना लोग इस ऐप से जुड़े हैं. यही कारण है कि हाल ही के वक्त में ऐप लोड नहीं ले पाया है और कुछ बार डाउन भी हुआ है. लेकिन उनकी कोशिश है कि लगातार सुधार किया जाए, ताकि अधिक लोड लिया जा सके.

को-फाउंडर ने ये भी बताया है कि उनका फोकस ये है कि सिर्फ भारतीय सर्वर का ही इस्तेमाल किया जाए. आपको बता दें कि भारत सरकार और ट्विटर के बीच लगातार तकरार हो रही है, ऐसे में लोग इस ओर शिफ्ट हो रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में इस ऐप की तारीफ कर चुके हैं

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भारत में पॉपुलर हो रहा है Koo एप

खातेगांव पुलिस में 26 जुआ खेलने बाले लोगो को रंगे हाथ पकड़ा

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कन्नौद . खातेगांव में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एडिशनल एसपी कन्नौद सूर्यकांत शर्मा के नेतृत्व में खातेगांव थाना प्रभारी सज्जन सिंह मुकाती ने अपनी टीम द्वारा खातेगांव स्थित छाया होटल में दबिश दी,  जिसमें 26 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा जुआरियों के कब्जे से ₹2,40,500, रुपये नगदी, व 25 मोबाइल फोन,  3 कार, तथा दो मोटरसाइकिल जप्त किए गए सभी जुआरियों के खिलाफ धारा 13 जुआ एक्ट का प्रकरण खातेगांव थाने में दर्ज किया गया |
पुलिस द्वारा सभी जप्त की गई सामग्री की कुल कीमत 18 लाख 88 हजार  650 रूपए बताई गई है एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी जुआरियों के खिलाफ एवं होटल मालिक के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है साथ ही यह अभियान सतत जारी रहेगा उप कार्रवाई में खातेगांव थाना प्रभारी सज्जन सिंह मुकाती उप निरीक्षक संतोष वाघेला उपनिरीक्षक लीला सोलंकी युवा टीम द्वारा अंजाम दिया गया पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह ने सभी अधिकारी और कर्मचारियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
*देवास से कैमरामैन दिपक बैरागी के साथ अरूण उईके की रिपोर्ट।*
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मिल मजदूरों ने कि बड़े आंदोलन करने की घोषणा

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इंदौर | मिल मजदूर संघ इंटक एवं हुकुमचंद मिल मजदूर कर्मचारी अधिकारी समिति के आव्हान पर बड़े चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की. आज 500 से ज्यादा मजदूरों की एक बैठक में सामूहिक रूप से आंदोलन की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया . जिसमें दिनांक 15 फरवरी सोमवार सुबह 10:00 बजे मिल प्रांगण में इकट्ठा होकर जुलूस के रूप में संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन देकर मांग की जाएगी कि 15 दिन के अंदर मजदूरों को उनके हक के पैसों का भुगतान किया जाए अन्यथा मजदूर इस आंदोलन को और बड़ा एवं तेज करेंगे. जिसमें इंदौर बंद, घेराव, चक्का जाम सहित विधानसभा सत्र में 6000 मजदूर एवं उनके परिवार के लोग भोपाल पहुंच कर विधानसभा का घेराव भी करने के लिए मजबूर होंगे. बैठक को मजदूर नेता हरनाम सिंह धालीवाल ,नरेंद्र श्रीवंश, किशनलाल बोकरे ,ठाकुर लाल गौड़ ने संबोधित किया.

हम है माई के लाल -सपाक्स

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नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सपाक्स पार्टी का अधिवेशन सम्पन्न हुआ

इंदौर. जैसे-जैसे नगर निगम चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सभी राजनीतिक पार्टियां में सरगर्मियां बढ़ती जा रही है ऐसा ही एक आयोजन सपाक्स पार्टी द्वारा इंदौर में हुआ । जिसमे आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई ।

इस अवसर पर सपाक्स की राष्ट्रीय सचिव डॉ श्वेता माहेश्वरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इंदौर जैसी मेट्रो सिटी में महिलाओं व युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया एवम प्रत्येक वार्ड में चाय चौपाल एवम घर घर दस्तक अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जोगेन्दर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में सम्मेलन सम्पन्न हुआ एवम उनकी विचाधारा कि,  क्रीमीलेयर आरक्षण छोड़े इस विचारधारा  को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश शुक्ला ने युवाओं को नगरीय निकाय चुनाव में उत्साह पूर्वक भाग लेने का आह्वान किया ।

इस अवसर पर नवनियुक्त राष्ट्रीय प्रवक्ता सुश्री सुचित्रा दुबे का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेश सचिव विजय झा, प्रदेश सचिव जी. के. माथुर , सतीश शर्मा, मुकेश द्विवेदी  एवं अन्य अतिथियों का स्वागत इंदौर जिला अध्यक्ष जितेंद्र शर्मा एवम मनोज झा ने किया।

कार्यक्रम का संचालन चक्रेश जैन ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अंकुश गुप्ता, मनोज शुक्ला, उदयरंजन सिसोदिया, उपेन्द्र झा,सुनील देवड़ा, आदि उपस्थित थे।

आभार संतोष रत्नाकर ने माना।

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