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म. प्र. में कोरोना वायरस के 10 हजार से अधिक नए मामले, 53 लोगों की मौत

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मध्य प्रदेश में गुरुवार को कोविड-19 संक्रमण से 53 और लोगों की मौत हो गई तथा 10,166 नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। नए रोगियों एवं इससे मरने वालों का यह एक दिन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया, गुरुवार को प्रदेश में 53 कोविड-19 मरीजों की मौत हुई है। इसी के साथ इस वायरस से राज्य में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 4365 हो गई है।

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 10,166 नए मरीजों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 3,73,518 तक पहुंच गई। प्रदेश में किसी एक दिन का यह कोविड-19 के नए मरीजों एवं इससे मरने वालों का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान 3970 मरीज ठीक भी हुए हैं। प्रदेश में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 55,694 मरीज उपचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के 1693 नये मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 1637, ग्वालियर में 595, जबलपुर में 653 एवं उज्जैन में 267 नये मामले आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 3,73,518 संक्रमितों में से अब तक 3,13,459 मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं।

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बेशर्मी के बोल : कोरोना से हो रही मौतों पर MP के मंत्री बोले ‘उम्र हो जाती है तो मरना भी पड़ता है’

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मध्य प्रदेश में कोरोना से मौतों की बढ़ती संख्या को लेकर शिवराज सिंह चौहान के मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने विवादित बयान दिया है। कोरोना से बढ़ती मौतों के सवाल पर प्रेम सिंह पटेल ने कहा, ‘इन मौतों को कोई रोक नहीं सकता। हर कोई कोरोना से बचाव के लिए सहयोग की अपील कर रहा है।’ यही नहीं प्रेम सिंह पटेल ने कहा कि आपका कहना है कि हर दिन बहुत से लोगों की मौत हो रही है। यदि लोग बुजुर्ग हो जाते हैं तो मरना भी पड़ता है। इस तरह प्रेम सिंह पटेल ने कोरोना से होने वाली मौतों को बढ़ती हुई उम्र से जोड़ा। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर भी एक तरह से उन्होंने साफ कर दिया कि सरकार भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है कि यह संकट कब खत्म होगा।

बता दें कि प्रेम सिंह पटेल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मध्य प्रदेश में कई जगह अस्‍पतालों से डरावनी तस्‍वीरें सामने आ रही हैं. यही नहीं शिवराज सरकार पर कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़े छुपाने का आरोप भी विपक्ष लगा रहा है.

भोपाल और इंदौर के श्मशान घाट में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई, जहां लोगों को मृतकों का अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा. जबकि सरकार ने मौत के जो आंकड़े दिए वो बेहद कम थे. 

बता दें कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मध्य प्रदेश में कोरोना से मौतों का आंकड़ा काफी अधिक है, लेकिन प्रदेश सरकार इसे कम करके बता रही है। कई जिलों में श्मशान घाटों पर कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार की कतारों का हवाला देते हुए ऐसे दावे किए गए हैं। हालांकि प्रदेश सरकार का कहना है कि हमारी ओर से पूरा आंकड़ा दिया जा रहा है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खुद कहा था कि सरकार पूरी अपडेट दे रही है और संदिग्धों का भी कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है।   

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MP में ऑक्सीजन टैंकरों के लिए बनेंगे ग्रीन कॉरिडोर, अस्पताल तक ऐसे पहुंचेगी ऑक्सीजन

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mp में ऑक्सीजन के टैंकर (oxygen tankers) तय समय पर अस्पतालों में पहुंच सकेंगे. इसके लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार अब मध्य प्रदेश में ऑक्सीजन के टैंकर ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर (green corridor) बना रही है. अब इन्हीं ग्रीन कॉरिडोर से तय समय और बड़ी तेजी से ऑक्सीजन के टैंकर अस्पतालों तक पहुंच सकेंगे. इसके लिए सरकार ने पुलिस को पूरी जिम्मेदारी दी है.पुलिस की पायलट गाड़ी टैंकर के आगे चलेंगे और बिना किसी रूकावट के तेजी से गंतव्य स्थल की ओर जा सकेंगे. ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते भर पुलिस के पॉइंट तैनात रहेंगे. ट्रैफिक को रोक दिया जाएगा. इसके अलावा पुलिस के दो जवान  ऑक्सीजन टैंकर में भी तैनात रहेंगे.

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के अलावा जिन जिलों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जानी है. वहां पर ऑक्सीजन को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे. पुलिस इसी ग्रीन कॉरिडोर से ऑक्सीजन के टैंकर को बिना रुकावट के तत्काल ले जा सकेगी. पुलिस की पायलट गाड़ी ऑक्सीजन टैंकर के सबसे आगे चलेगी. किसी ऑर्गन के लिए जिस तरीके से ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाता है उसी तरीके से ऑक्सीजन के टैंकरों के लिए भी कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं. पुलिस पूरी तरह से यह सुनिश्चित करेगी कि बिना किसी भी रोक-टोक के तेज रफ्तार के साथ ऑक्सीजन टैंकर अस्पतालों में समय पर पहुंच सके.

केंद्र के सहयोग से मिली 450 मैट्रिक टन ऑक्सीजन
मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार के सहयोग से 450 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. मध्यप्रदेश को आईनॉक्स (गुजरात) से 120 मीट्रिक टन, आईनॉक्स (देवरी) से 40 मीट्रिक टन, आईनॉक्स (मोदीनगर) से 70 मीट्रिक टन, लिंडे (भिलाई) से 60 मीट्रिक टन, स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (भिलाई) से 80 मीट्रिक टन, लिंडे (राउरकेला) से 40 मीट्रिक टन, स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (राउरकेला) से 40 मीट्रिक टन समेत कुल – 450 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिलेगी.

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प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हालात विकट हो गए हैं – शिवराज सिंह ,जाने कुछ मुख्य बातें

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 मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ये कहना है की प्रदेश में कोरोना संक्रमण से हालात विकट हो गए हैं । बुधवार को स्मार्टसिटी में पौधरोपण के बाद उन्होंने यह बात मीडिया से कही। दरअसल, सरकार भी अब मान रही है कि 30 अप्रैल तक स्थिति और बिगड़ने वाली है और यह बात हाल ही में सरकार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन में सामने आई है। इसके मुताबिक 30 अप्रैल को प्रदेश में एक्टिव केस 1.85 लाख हो सकते हैं, इनके लिए 50 हजार 43 बेड की जरूरत होगी, लेकिन 30% यानी करीब 17 हजार मरीजों को बेड नहीं मिल पाएंगे। 2500 से अधिक संक्रमितों को आईसीयू बेड की कमी रहेगी। इस प्रेजेंटेशन में तीन तरह के बेड की आवश्यकता बताई गई है।

800 टन ऑक्सीजन चाहिए, करार 670 टन के
इतने एक्टिव केस के हिसाब से ऑक्सीजन की व्यवस्था जुटाना भी लगभग असंभव है। सरकार ने अभी तक 670 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के करार अलग-अलग राज्यों के साथ किए हैं, लेकिन तब जरूरत 800 टन से अधिक की होगी।

इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में 1900 आईसीयू, एचडीयू बेड चाहिए
इस प्रेजेंटेशन में तीन तरह के बेड की जरूरत बताई गई है। पहला- बिना ऑक्सीजन सपोर्ट वाले आइसोलेशन बेड, दूसरा- ऑक्सीजन वाले आइसोलेशन बेड और तीसरा- आईसीयू व एचडीयू बेड। भोपाल-इंदौर की हालत और बिगड़ सकती है। इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में ऑक्सीजन युक्त बेड व आईसीयू-एचडीयू बेड की करीब 1900 की आवश्यकता प्राइवेट सेक्टर में होगी।

दूसरी ओर कोरोना समीक्षा बैठक में बुधवार को तय किया गया कि रेमडेसिवीर इंजेक्शन को हेलीकॉप्टर से प्रदेश में कहीं भी भेजा जाएगा। ऑक्सीजन को ट्रेन से लाने के प्रयास हो रहे हैं, क्योंकि आधा समय टैंकर की ट्रैकिंग में जा रहा है कि वह कहां तक पहुंचा।

कोरोना से निपटने की सलाह देंगे कैलाश सत्यार्थी
कोरोना से निपटने व इससे बनने वाली परिस्थितियों से उबरने बारे में सलाह देने के लिए 12 लोगों की समिति बनी है। इसमें नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ माखनलाल पत्रकारिता विवि के कुलपति केजी सुरेश, डॉ. जितेंद्र जामदार के साथ अन्य लोग शामिल हैं। समिति के संयोजक स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे।

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BJP MLA ने अपनी सरकार पर उठाए सवाल, कांग्रेस बोली-अब प्रदेश में ऑक्सीजन घोटाला

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कोरोना (Corona) के भीषण संकट और ऑक्सीजन की भारी डिमांड के बीच एक नया घोटाला सिर उठा रहा है. कोरोना संकट के इस भीषण संक्रामक दौर में भी क्या कोई घोटाला (Scam) मध्यप्रदेश में पनप सकता है. कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में ऑक्सीजन घोटाला फल फूल रहा है. कांग्रेस के इस आरोप को बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के ट्वीट से बल मिला.

सूबे की सियासत में ये इस आरोप से ही सरगर्म है. भाजपा के विधायक और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने एक ट्वीट मुख्यमंत्री सीएम शिवराज को किया. ट्वीट में विश्नोई ने बताया था कि मध्यप्रदेश के मुकाबले महाराष्ट्र में 10 गुना ज्यादा मरीज हैं वहां ऑक्सीजन की खपत मध्य प्रदेश से काफी कम है. दो प्रदेशों के बीच मरीजों में ऑक्सीजन की खपत को लेकर किया गया ट्वीट कई सवाल खड़े कर गया. कांग्रेस ने इसी के आधार पर घोटाले का आरोप लगाया

मुख्यमंत्रीजी, कृपया ध्यान दें
अजय विश्नोई ने, अपने ट्वीट के जरिए प्रदेश में कोविड मरीजों की औसत संख्या और उन पर खर्च की जाने वाली ऑक्सीजन की तुलना महाराष्ट्र से करते हुए सवाल खड़े किए. उन्होने टवीट् करते हुए लिखा -मुख्यमंत्री जी कृपया ध्यान दें. अप्रैल के प्रथम सप्ताह में महाराष्ट्र में 50000 मरीज थे और ऑक्सीजन 457 मीट्रिक टन खर्च हुई है. लेकिन मध्यप्रदेश में सिर्फ 5000 मरीजों पर 732 मीट्रिक टन ऑक्सीजन खर्च क्यों हुई?

कांग्रेस बोली-सीएम साहब अपने विधायक के सवाल का जवाब दें
विश्नोई के ट्वीट को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लपक लिया. उसने रि ट्वीट करते हुए इसे ऑक्सीजन घोटाले से जोड़ दिया. मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया शिवराज जी अपनी सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई के सवाल का ही जवाब दे दीजिए! महाराष्ट्र के मुकाबले सिर्फ 10 प्रतिशत मरीज होते हुए भी ऑक्सीजन की खपत ज्यादा क्यों हुई? क्या नया घोटाला ऑक्सीजन होगा! पैसा हो,चाहे जैसा हो.

अजय विश्नोई का बयान

इस पूरे मामले पर अजय विश्नोई का बयान भी सामने आया है. उन्होंने खुलकर कहा प्रदेश में सरकार कोविड-19 से लड़ने का हर संभव प्रयास कर रही है. लेकिन प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी अभी भी बनी हुई है. ऐसे में उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए सीएम शिवराज सिंह का ध्यान आकर्षित करना चाहा है. बहरहाल विश्नोई के ट्वीट के बाद ऑक्सीजन का मसला जांच का विषय बन सकता है.

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म.प्र. में कोरोना का तांडव जारी, 4 मुख्य बड़े शहरों में हाहाकार

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मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। बेड और ऑक्सीजन की कमी सामने आने लगी है। चार बड़े शहरों में ही 24 घंटे में 4511 नए मरीज आए हैं। 24 मौतें हुई हैं, जबकि एक दिन पहले 4136 मरीज आए थे और 21 मौतें हुई थीं। सबसे ज्यादा इंदौर में 1611 नए केस, 6 मौतें और भोपाल में 1497 केस, 4 मौतें हुईं। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 9 मौतें हुई हैं और 801 नए केस मिले हैं। जबलपुर में 601 नए केस, 5 मौतें हुई हैं।

प्रदेश के आधे हिस्से में लॉकडाउन किया जा चुका है। इसमें 23 जिले या तो पूरा जिला या शहरी क्षेत्र शामिल हैं। मंगलवार की शाम डिंडौरी, धार, होशंगाबाद, ग्वालियर में कोरोना कर्फ्यू लगाया गया।

इंदौर के हाल – इंदौर में लगातार दूसरे दिन नए केसों का आंकड़ा 1500 से ज्यादा रहा। 1611 नए केस आए। 6 मरीजों की मौत भी हो गई। यहां एक्टिव मरीज अब 9275 हैं, जबकि कुल मरीज 82597 हैं। पॉजिटिव दर 20.7% है। हालत यह है कि सभी बड़े अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं। बढ़ते मरीजों की संख्या की वजह से राधा स्वामी सत्संग आश्रम में 500 बिस्तरों का अस्थाई सेंटर तैया किया जा रहा है।

  1. भोपाल के हाल- प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना से स्थिति खराब होती जा रही है। रोज नए केस बढ़ते जा रहे हैं। 24 घंटे में 1497 नए केस आए हैं। 4 की मौतें सरकारी आंकड़े में दर्ज की गई है। जबकि एक दिन पहले 1456 केस आए थे। यहां पर 70 पुलिसकर्मी संक्रमित मिले हैं। अस्पतालों में व्यवस्था कम पड़ने लगी है। ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल जूझ रहे हैं।

ग्वालियर के हाल –  ग्वालियर में कोरोना संक्रमण ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 24 घंटे में 3192 सैंपल में 801 नए संक्रमित मिले हैं। इनमें से 72 संक्रमित BSF टेकनपुर के जवान व अफसर हैं। साथ ही 29 जिले के बाहर के मरीज हैं, जबकि 9 लोगों की मौत हुई है। कुल संक्रमित का आंकड़ा 23 हजार क्रॉस कर गया है। कुल मौत का आंकड़ा 349 पर पहुंच गया है।

जबलपुर: 600 से ज्यादा केस आए, किराना दुकानें भी बंद

जिले में मंगलवार को कोरोना ने 600 का आंकड़ा पार करते हुए 602 पर पहुंच गया। इसी के साथ जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 23 हजार से ऊपर पहुंच गई। रिकवरी रेट 84.98 पर आ गया है। एक्टिव केस 3549 हैं। अप्रैल में कोरोना नियंत्रण से बाहर हो चुका है। अब इसी के साथ पाबंदियों भी बढ़ा दी गई है। कलेक्टर ने 15 अप्रैल से शहरी क्षेत्रों में खुल रही किराना की दुकानों को भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। किराना दुकानों से सिर्फ होम डिलीवरी ही हो पाएगी।

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मुख्यमंत्री सहित नौकरशाह AC कक्षों से निकल मुक्तिधामों-कब्रस्तान जाएं,हकीक़त आ जायेगी सामने-के.के.मिश्रा

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सरकार परोस रही है सफेद झूठ,बेड, ऑक्सीजन,रेमडेसिवीर इंजेक्शन की आज भी किल्लत,अब टोसिलिजुमैब इंजेक्शन भी बाजार से गायब,कालाबाजारी जारी!

     निजी अस्पताल कैश लेश इलाज़ नहीं कर रहे,गहने-मकान गिरवीं रख परिजन करवा रहे हैं,संक्रमितों का इलाज.

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री व मीडिया प्रभारी के.के.मिश्रा ने पूरे प्रदेश में कोरोना संक्रमण की भयावहता, चिकित्सकीय सेवाओं,सुविधाओं,मौत के वास्तविक आंकड़ों को लेकर सरकार व नौकरशाहों पर निरन्तर सफेद झूठ परोसने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस स्थिति का लाभ लेकर निजी अस्पताल भी बीमित संक्रमित का केश लेश उपचार नहीं कर रहे हैं,मजबूरीवश निर्धन -मध्यमवर्गीय परिवार अपने गहने/मकान गिरवीं रख संक्रमितों की जान बचाने पर मजबूर हैं! उन्होंने यहां तक कहा है कि सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों की अकर्मण्यता ही इस भयावहता और सैकड़ों निर्दोष मौतों की जवाबदार हैं।
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री,एसीएस (स्वास्थ्य), आयुक्त स्वास्थ्य, औषधि व ड्रग कंट्रोलर,जिलों के कलेक्टर्स सभी सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है,ऑक्सीजन से कोई मौत नहीं हुई है,रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध हैं,हां ब्लैक में जरूर उपलब्ध हैं! अब तो कालाबाजारी करने वालों ने टोसिलिजुमैब इंजेक्शन भी बाजार से गायब कर दिए हैं, इनका भी ब्लैक शुरू हो गया है,यही नहीं कुछ प्रमुख जिलों में स्थानीय भाजपा नेता व उनसे जुड़े लोगों के ही नाम प्रामाणिक रूप से इस कालाबाजारी में सामने आए है!


उन्होंने यहां तक कहा कि यह वक्त आरोप-प्रत्यारोपों का नहीं है किंतु इस भीषण व विषम दौर में जब सरकार की अकर्मण्यता/असफलता के कारण शांति का टापू प्रदेश जब मुक्तिधामों व कब्रिस्तानों में तब्दील हो रहा हो, तब खामोश रहना भी एक सामाजिक/राजनीतिक अपराध ही कहा जायेगा।

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MP में एक दिन में सबसे अधिक 6,489 नए कोरोना मामले दर्ज, भोपाल में लगा कोरोना कर्फ्यू

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देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार कोरोना के बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं, यही कारण है कि देशभर में तमाम जगहों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं। इस बीच मध्यप्रदेश में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 6,489 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 3,44,634 तक पहुंच गयी।

राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से 37 और व्यक्तियों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 4,221 हो गयी है। यह जानकारी मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दी है।

उन्होंने कहा कि सोमवार को कोविड-19 के 1552 नये मामले इंदौर में आये, जबकि भोपाल में 824, ग्वालियर में 497, जबलपुर में 469 एवं उज्जैन में 212 नये मामले आये। अधिकारी ने बताया कि अब तक 3,01,0762 मरीज स्वस्थ हो गये हैं और 38,651 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सोमवार को 3,117 रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

इस बीच मध्य प्रदेश के भोपाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 19 अप्रैल तक कोरोना कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है। कोरोना कर्फ्यू का ऐलान करते हुए मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल में जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए कोरोना कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया गया है। कल 12 अप्रैल से लेकर 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगाया जाएगा।

इसके अलावा इन दौरान किन सेवाओं पर रोक नहीं रहेगी, इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के चीजों की गतिविधियां चालू रहेंगी। इसमें अन्य राज्यों और जिलों में माल तथा सेवाओं का आवागमन, अस्पताल, नर्सिंग होम, मेडिकल, स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं, केमिस्ट, किराना दुकान, होम डिलीवरी, पेट्रोल पंप, ATM, बैंक, दूध और सब्जी की दुकानों को छूट रहेगी।

इसी के साथ कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश के 52 जिलों में से करीब 19 जिलों में सात से नौ दिन के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया जा चुका है।
मालूम हो कि प्रदेश के जिन 19 जिलों में सात से नौ दिन के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है, उनमें भोपाल के अलावा इंदौर,शाजापुर, उज्जैन, बड़वानी, राजगढ़, विदिशा, रतलाम, बैतूल, खरगोन, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बालाघाट,नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, देवास एवं पन्ना शामिल हैं। इनमें से कुछ जिलों में नौ अप्रैल शाम छह बजे से 19 अप्रैल सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा और कुछ जिलों में 22 अप्रैल की सुबह तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा।

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‘चुनाव में नहीं है कोरोना- शादी विवाह में है रोना’ स्लोगन लिखी तख्तियों से MP के दमोह में शिवराज का विरोध

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मप्र के दमोह में विधानसभा उपचुनाव होना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को जिले में प्रचार के लिए पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। टेंट कारोबारियों ने शिवराज को स्लोगन लिखी तख्तियां दिखाकर पूछा कि क्या चुनावी भीड़ पर कोरोना के नियम लागू नहीं होते हैं?

मुख्यमंत्री चौहान ने दिनभर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। वह तलैया में आयोजित उमा मिस्त्री की सभा को संबोधित करने के लिए पहुंचे तो वहां पहले से खड़े टेंट हाउस एसोसिएशन, डीजे समेत शादी कार्यक्रम से रोजगार पाने वाले लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने की बात कहकर नारेबाजी की। विरोध के दौरान लोगों ने चुनाव में नहीं है कोरोना, शादी विवाह में है रोना, चुनाव का बहिष्कार, पेट पर पड़ रही मार जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां भी मुख्यमंत्री को दिखाईं।

चुनाव आयोग तय करेगा क्या करना है: मुख्यमंत्री
एक चुनावी सभा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज से मीडियाकर्मियों ने पूछा कि दमोह में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, फिर भी लॉकडाउन क्यों नहीं हो रहा? इसके जवाब में उन्होंने कहा- दमोह हमारे कार्यक्षेत्र में नहीं है। चुनाव आयोग तय करेगा क्या करना है।

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MP College Exams 2021: महाविद्यालयीन परीक्षा समय-सीमा में हों – शिक्षा मंत्री

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मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए महाविद्यालयी परीक्षाएं समय सीमा कराई जाएं।

डॉ. यादव ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों से विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन, परीक्षा परिणाम, प्रायोगिक परीक्षाएं, नवीन पाठ्यक्रमों आदि बिंदुओं पर विस्तार से चचार् की। इस अवसर पर भोपाल में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव उपस्थित थे। डॉ. यादव ने कहा कि महाविद्यालयीन परीक्षाएं समय-सीमा में कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान कोरोना की गाइड लाइन का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में एलएलबी फाइनल की परीक्षाएं हो गई हैं तो उनके परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जाएं। परीक्षाओं की कापी विद्यार्थी स्वयं अपने नजदीकी महाविद्यालयों में जमा करवा सकते हैं। विद्यार्थियों को कोविड महामारी में किसी प्रकार की तकलीफ न उठानी पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। परीक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, पहनना सुनिश्चित करें। परीक्षा सेन्टरों की संख्या बढ़ाया जाए। छात्रों का नामांकन एक ही बार हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए। बार-बार नामांकन की प्रक्रिया न हो, इसका अवश्य ध्यान दिया जाए।

वीसी में सत्र 2020-21 की विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन, स्नातकोत्तर प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम, प्रायोगिक परीक्षाओं, नवीन पाठ्यक्रमों के संचालन तथा नवीन प्रवेशित विद्यार्थियों के नामांकन/यूनिक आईडी/पात्रता के सम्बन्ध में चर्चा के साथ ही कृषि, वेटनरी, हार्टिकल्चर, मेडिकल कॉलेज एवं टूरिज्म, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कोर्सों के बारे में भी से चर्चा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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