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New Delta Plus variant may cause faster surge of Covid-19 cases in India, warns AIIMS chief Guleria

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He said the new mutation of Delta Plus variant, the K417N, has been associated with immune escape, or evasion, that leaves it less susceptible, or more immune, to the vaccine or any form of drug therapy.
The additional mutation called K417N which could become a “variant of concern” if unchecked, said AIIMS Chief Dr Randeep Guleria
 
The Delta Plus variant, a mutated version of the more aggressive B.1.617.2 strain that drove the second wave of infections in India, is undergoing additional mutation called K417N which could become a “variant of concern” if unchecked, said AIIMS Chief Dr Randeep Guleria, adding that India needs to learn from the UK where the said variant is causing a surge in cases.
Dr Guleria said India could see a faster surge if aggressive Covid-appropriate behaviour is not followed. He also insisted on aggressive surveillance to guard against any spike in the Covid cases following unlocking in parts of the country.

“Delta plus is a variant which is of same lineage as Delta variant, with a slight change as there is one more mutation found, which could be a cause of concern because this mutation, the K417N, is something which may change the virus to some extent as far as its infectivity is concerned… What we need to do is observe. Currently, the WHO has said that this is a variant of interest but it could become a variant of concern because currently the number of cases is less. Will this Delta plus again become the dominant variant that is something that we need to observe over the next few weeks,” said Dr Guleria in an interview to NDTV.
The B.1.617.2 variant is characterised as being highly infectious. The spike protein is what helps the virus enter and infect human cells, and the K417N mutation has been associated with immune escape, or evasion, that leaves it less susceptible, or more immune, to the vaccine or any form of drug therapy.
“We don’t need to take this virus casually. We need to understand this virus is changing and changing to survive and infect more and more people, therefore we have to be aggressive and try and be ahead of the virus. Vinod Scaria, another CSIR-IGIB scientist, said the K417N variant was more frequent in Europe, America and other Asian countries.

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योग से बढ़ती है इम्यूनिटी और मिलती है अच्छी सेहत

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देश में कोरोना महामारी का प्रकोप जारी है. कोरोना संक्रमण ने शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. एक सरल और प्रभावकारी निवारण के रूप में यहां हम ऐसे योग क्रियाओं के बारे में जानेंगे, जिनके अभ्यास से शारीरिक थकान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी दूर होगा. लोगों का विचलित मन शांत रह पायेगा और नींद भी अच्छी आयेगी. स्वयं और परिवार के स्वास्थ्य को ठीक रखने में इन योग क्रियाओं से अन्य कई लाभ भी मिलेंगे. आइए, इन योग क्रियाओं के बारे में जानते हैं.

शवासन

यह रिलैक्सेशन यानी शिथिलीकरण का प्रमुख आसन है. इसमें दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखते हुए पीठ के बल सीधा लेट जाएं. हथेलियों को ऊपर की ओर खुला रखें. पैरों को थोड़ा अलग कर लें, जिससे उनके बीच की दूरी करीब 15 इंच रहे. आखें बंद कर शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें. शरीर को शव की तरह पड़ा रहने दें. श्वास को सामान्य करते हुए लयबद्ध होने दें और उसे आते-जाते महसूस करें. अब श्वास को भीतर जाते हुए और फिर बाहर आते हुए सजगता से अनुभव करें और गिनें भी. कुछ मिनटों तक ऐसा करने पर तन-मन शिथिल हो जायेगा और आप बहुत रिलैक्स्ड फील करेंगे. इसे रोजाना कम-से-कम पांच मिनट तक करें. बस लेटने का स्थान समतल हो और श्वास-प्रश्वास के प्रति सचेत रहें.

मकरासन

शिथिलीकरण के इस आसन में किसी समतल स्थान में पेट के बल सीधा लेट जाएं. अब कुहनियों के सहारे सिर और कंधे को उठाएं तथा हथेलियों पर ठुड्डी को टिका दें. आखें बंद कर शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें. अब श्वास-प्रश्वास पर मन को केंद्रित करते हुए उनकी गिनती शुरू कर दें. लंबी गहरी सांसें लेते हुए कुछ समय तक लगातार इस अवस्था में रहें. इस अभ्यास को भी रोजाना कम-से-कम पांच मिनट तक करें. हां, इस आसन की समयावधि जितनी ज्यादा होगी, उतना ही बेहतर फल मिलेगा. ऐसे आपको जब जरुरत महसूस हो इस क्रिया को करें.

अद्धासन

दोनों हाथों को सिर के सामने सीधा करके पेट के बल सीधा लेट जाएं. ललाट को सतह पर रखें. शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें और श्वास-प्रश्वास को दीर्घ, सहज और लयबद्ध कर लें. अब पूरी एकाग्रता से सांस को आते-जाते देखें और हो सके तो गिनती भी करें. लंबी गहरी सांसें लेते हुए जितनी देर संभव हो इस अवस्था में रहने का आनंद लें. शिथिलीकरण के इस आसन से स्लिप डिस्क सहित कई शारीरिक-मानसिक रोगों में आराम मिलता है.

मत्स्य क्रीड़ासन

बायीं ओर करवट लेकर लेट जाएं. अब ऊंगलियों को फंसा कर दोनों हथेलियों को सिरहाने ऐसे रखें कि बायीं कोहनी सिर के ऊपर की ओर रहे और दायीं कोहनी बगल में नीचे की ओर. अब दायें पैर को बगल की तरफ इस तरह मोड़ें कि दायीं कोहनी को दायीं जांघ पर रख सकें. बायें पैर को सीधा रखें. शरीर को ढीला छोड़ दें. इस अवस्था में जितनी देर संभव हो लेटे रहें. श्वास-प्रश्वास को दीर्घ, सहज और लयबद्ध करें. यही क्रिया दायीं करवट लेकर करें. यह स्थिति कीड़ारत मछली के समान है. आंतों को सक्रियता प्रदान करने और साइटिका दर्द से निदान में यह क्रिया बहुत कारगर है.

योगनिद्रा

शरीर और मन को शिथिल करने की इस सरल विधि में शवासन में लेट जाएं. शरीर को ढीला छोड़ दें और शांत मन से आंखें बंद करें. सांस सामान्य लेते रहें. मन में दोहराएं कि ‘सोना नहीं है’. अब एकाग्रता से आसपास की सभी चीजों को मन की आंखों से देखना शुरू करें. कमरे के बाहर से घीरे-धीरे दरवाजा, दीवार आदि को देखते हुए भीतर आइए. कमरे के अंदर की एक-एक चीज को देखते जाइए. जहां लेटे हैं, उस स्थान को महसूस करें.

अब अपने स्वाभाविक श्वास के प्रति सजग होकर उसके आने-जाने की ध्वनि को सुनिए. फिर एक-एक कर शरीर के सारे अंगों को मन की आंखों से देखिए. सिर से लेकर पांव तक छोटे-बड़े सभी अंगों को. पायेंगे कि आप बिलकुल शांत हो रहे हैं. इस क्रिया को करते हुए अनेक लोगों को सचमुच नींद आ जाती है, जबकि आप दोहराते हैं कि सोना नहीं है. इस क्रिया से तन-मन दोनों को अतिशय आराम मिलता है और आप अच्छा फील करते हैं.

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डाइट चार्ट के कारण कोरोना में तेजी से होगी रिकवरी

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कोरोना वायरस के संक्रमण से रिकवरी के लिए आपको एक हेल्दी डाइट प्लान की जरूरत है. कोरोना से ठीक होने के बाद मरीज को काफी दिन तक कमजोरी महसूस होती है. हम आपको ऐसा डाइट प्लान बता रहे हैं जिससे आपकी कमजोरी दूर होगी और इम्यूनिटी भी मजबूत होगी. इस तरह के भोजन से आप तेजी से रिकवर करेंगे.

कोरोना वायरस से बचने के लिए आजकल लोग अपनी लाइफस्टाइल और खान-पान में कई तरह के बदलाव कर रहे हैं. लोगों ने हेल्दी खाने और खुद को फिजिकली फिट बनाने की कोशिश शुर कर दी है. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए लोग विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर खाना खा रहे हैं. वहीं जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं वो भी अपने खाने-पीने को लेकर बहुत अलर्ट हैं. कोरोना से बाद शरीर में कमजोरी और कई तरह के परेशानी हो रही हैं. ऐसे में आपको तेजी से रिकवर करने के लिए अपने डाइट प्लान में कुछ बदलाव करने की जरूरत है. आज हम एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर ऐसा डाइट प्लान बता रहे हैं जो कोरोना के होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होगा. इससे आपको तेजी से रिकवर होने में मदद मिलेगी.

कोरोना से रिकवरी के लिए डाइट चार्ट

1- कोरोना से रिकवर कर रहे मरीजों को सुबह भीगे हुए बादाम और किशमिश खानी चाहिए.
2- कोरोना रिकवरी के वक्त आपको हल्का नाश्ता जैसे रागी डोसा, दलिया या फिर ओट्स खाना चाहिए. इससे आप ग्लूटेन फ्री डाइट से फाइबर डाइट पर शिफ्ट हो जाएंगे और डायजेशन भी अच्छा रहेगा.
3- आप खाने में या बाद में थोड़ा गुड़ और घी खाएं. आप चाहें तो रोटी के साथ गुड़ और घी का खा सकते हैं. इससे इम्यूनिटी मजबूत होगी.
4- रात को आपको हल्का भोजन लेना चाहिए. जिसमें आप खिचड़ी खा सकते हैं. खिचड़ी में आपको जरूरी पोषक तत्व मिल जाएंगे और डायरिया की समस्या भी खत्म हो जाएगी.
5- अपने शरीर को हाइड्रेट रखें. खूब पानी पिएं, इसके अलावा घर का बना नींबू पानी और छाछ भी ले सकते हैं. शरीर को हाइड्रेट रखने से इम्यूनिटी अच्छी होती है. You May Like
6- डाइट में प्रोटीन वाली चीजें जैसे चिकन, फिश, अंडा, पनीर, सोयाबीन और बादाम जरूर शामिल करें. इससे शरीर की मांसपेशियां जल्दी रिकवर होती हैं.
7- रंग-बिरंगी सब्जियां और फल खाएं. इन सब्जियों में विटामिन और मिनरल भरपूर होते हैं.
8- अगर आप घर पर हैं और आपको स्ट्रेस या एन्जाइटी हो रही है तो आप थोड़ी सी डार्क चॉकलेट भी खा सकते हैं.
9- तेजी से रिकवरी के लिए आप रोज रात में हल्दी वाला दूध जरूर पीएं. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी.
10- आप कुकिंग के लिए सरसों का तेल, ऑलिव ऑयल या अखरोट, बादाम का तेल इस्तेमाल करें.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की सदभावना पाती न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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सेलेब्रिटी फिटनेस ट्रेनर Yasmin Karachiwala से जानें , 5 आसान एक्सरसाइज

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सीनियर सिटीजन के लिए एक्सरसाइज-

1. घुटनों के बीच तकिए के साथ करें एक्सरसाइज 

इस एक्सरसाइज को आप बिस्तर पर बैठे-बैठे कर सकते हैं। ये उम्र के साथ बढ़ने वाले पीठ दर्द और कमर दर्द को ठीक करने में मदद करता है। अपने घुटनों या जांघों के बीच एक तकिया रखकर एक्सरसाइज करने से कूल्हों और श्रोणि के बीच नेचुरल एलाइनमेंट बनाए रखने में मदद मिलती है। यह बेहतर एलाइनमेंट सूजन वाले पैरों या मांसपेशियों से तनाव को दूर करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा ये भी है, जो कि साइटिका के दर्द को कम करता है। इसे करने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना बस

  • -बिस्तर पर या योग मैट पर लेटना है।
  • -उसके बाद सिर के नीचे कोई तौलिया मोड़ कर लगाएं, जिससे कि सिर पीठ के सीध में रहे।
  • -अब दोनों पैरों को उठाएं और उनके बीच में तकिया लगाएं।
  • -अब पैरा को उठाएं, फिर नीचे कर लें।
  • -इस दौरान तकिया आपके दोनों पैरों के बीच में ही रहना चाहिए।
  • -इसे 10 बार करें।

2. क्लैम एक्सरसाइज (clams exercise)

क्लैम एक्सरसाइज विशेष रूप से ग्लूटस मेडियस को मजबूत करने में मदद कर सकता है, जो नितंबों के बाहरी किनारे पर होता है और आपके श्रोणि को स्थिर करता है। साथ ही क्लैम एक्सरसाइज आपकी आंतरिक और बाहरी जांघों और आपके पेल्विक फ्लोर के बीच मांसपेशियों को संतुलित करने में भी मदद कर सकती है। इसके अलावा ये आपके को दूर करता और इन्हें मजबूत बनाता है। इसे करने के लिए

  • -बिस्तर पर ही या योग मैट पर एक तरफ सो जाएं।
  • -अब पैरों को आगे की ओर एक साथ जोड़ लें।
  • -अब अपने जांघों को तितली की तरह फैलाएं और फिर चिपकाएं।
  • -इसे 10 से 15 बार करें।

3. मिनी स्वान (Mini Swan)

इस व्यायाम के कई शारीरिक फायदे हैं। जैसे कि इसमें एब्डोमिनल को खींचना, हिप फ्लेक्सर्स को लंबा करना और हाथ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करना आपको बहुत आराम महसूस करवाएगा। इसके अलावा ये आपकी से राहत दिलाता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। इसे करने के लिए

  • -अपने पेट के बल लेट जाएं।
  • -फिर जैसे आप पुशअप करते हैं, वैसे ही शरीर को हल्की सा उठाएं।
  • -शरीर को उठाते समय ध्यान रखे कि ये रीढ़ की हड्डी के सीध में हो।
  • -इसे बार-बार करते रहें।

4. वॉल पुशअप (Wall Pushup)

वॉल पुशअप शुरुआती लोगों या कंधे की चोट वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक परफेक्ट एक्सरसाइज है। इस प्रकार का पुशअप कंधे और छाती की ताकत बढ़ाने में मदद करता है और मांसपेशियों पर कम भार डालता है। इसके अलावा ये हाथ,कंधे और छाती के लिए भी एक बेहतरीन है। इसे करने के लिए

  • – एक दीवार के सामने खड़े हो जाएं
  • -अपने हाथों को दीवार पर दोनों तरफ लगाएं।
  • -अप पुश अप करते हुए अपने चेहरे को कभी दीवार के पास ले जाएं तो कभी हटाएं।
  • -इसे 5 से 10 बार करें।

5. थैराबेंड एक्सटेंशन एक्सरसाइज- Theraband Goal Post Extension

ये बेंड एक्सटेंशन एक्सरसाइज आपकी स्ट्रेंथ बढ़ाता है। ये आपके नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं और आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। ये हाथों के लिए बहुत अच्छी एक्सरसाइज है, जो कि हाथों को मजबूत बनाता है। इसे करने के लिए

  • -एक कुर्सी पर बैठ जाएं।
  • -अब एक थैरा बैंड हाथ में लें।
  • -एक हाथ से एक बार थैरा बैंड को खींचे
  • -दूसरे हाथ से दूसरी बार
  • -इस तरह बार-बार दोनों कोनों को खींचे हुए ये एक्सरसाइज करें।

तो, अगर आप भी अपने माता-पिता या दादा-दादी को बढ़ती हुई उम्र के साथ फिट देखना चाहते हैं तो, उन्हें भी एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करें। कोशिश करें कि शुरुआत हल्के एक्सरसाइज से करें और बाद में फुल बॉडी वर्कआउट करें।

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योग दिवस के साथ भाजपा चलाएगी जन अभियान

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नई दिल्ली: भाजपा अगले सप्ताह योग दिवस से लेकर करीब एक पखवाड़े तक विभिन्न कार्यक्रम के जरिए लोगों को साधने का जन अभियान चलाएगी। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद शुरू होने वाले इस अभियान के तहत योग दिवस 21 जून को करीब 600 स्थान पर आयोजन किया जाएगा, जबकि पीएम नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए लगभग 13 हजार से अधिक बूथ पर सीमित संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। बताया जाता है कि भाजपा के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मोत्सव 6 जुलाई को इसका समापन होगा।

प्रदेश वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार कोरोना संक्रमण कम होने के कारण भाजपा ने करीब एक पखवाड़े तक इस बार मुखर्जी के जन्मोत्सव पर कई आयोजन किए जाने की योजना है। प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के मुताबिक 21 जून को योग दिवस, 27 जून को पीएम मोदी के मन की बात सहित कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीएम के मन की बात को सुनने के लिए हरेक बूथ स्तर तक पर सीमित संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। इसमें प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी भी जुड़ेंगे। पौधरोपण अभियान के जरिए भी लोगों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि 25 जून को आपातकाल दिवस में बंद हुए लोगों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

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गठिया के दर्द में अच्छी औषधि है सौंफ की चाय, जानें अन्य फ़ायदे .

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सौंफ की चाय पिए यह आपके स्वास्थ्य को ठीक रहने में काफी मददगार साबित होती हैं। सौंफ की चाय में एंटीऑक्सीडेंट्स, अमीनो एसिड, विटामिन ए, बी कॉप्लेक्स, विटामिन सी और डी होता है, जो कि हमारे शरीर के स्टेमिना को बढ़ाने में मदद करता है। आईये जानते हैं सौंफ की चाय पिने के फायदे –

यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या का उपचार करने के साथ ही हमारे पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में मदद करती है।

यह हमारी श्वसन प्रणाली में वाली बाधाओं को रोकने में मदद करती है। इसी के साथ यह ब्रोन्कियल मार्ग और श्वसन संबंधित विकारों को प्रभावी ढंग से दूर करती है।

सौंफ की चाय हमारे हृदय को भी स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम होता है जो कि आपके ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में मदद करता है।

महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को भी यह चाय कम करने में मदद करती है।

इसमें होने वाले एंटीमाइक्रोबल गुण के कारण यह हमारे मसूड़ों के स्वास्थ्य को ठीक करती है।

इसमें अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को बेहतरीन बनाने में मदद करते है।

यह हमारे शरीर में आंतरिक कीड़ों को खत्म करके उन्हें बाहर निकालने में मदद करती है।

सौंफ की चाय गठिया के दर्द को कम करती है। इसमें होने वाले सुपरऑक्साइड डिसूटोसेज के कारण जोड़ों की सूजन कम होती है।

सौंफ में विटामिन सी होता है, जो हमारी आंखों के विजन को बढ़ाने में मदद करता है। आप चाहें तो इसे एक आई ड्रॉप की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं।

सौंफ के बीजों में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं, जो कि हमारी त्वचा से निकलने वाले ऑयल को निकालने में मदद करते हैं। जिससे मुंहासे होने का खतरा कम हो जाता है।

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हार्ट के लिए फायदेमंद होता है बकरी का दूध

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आपने सुना होगा की बकरी के दूध में बहुत से गुण पाए जाते है और यह प्रोटीन से भरपूर होता है। यही वजह है कि बहुत से लोग आज भी बकरी का दूध पीना अत्यधिक पसंद करते हैं। आइए आपको बताते हैं कि बकरी के दूध के क्या फायदे हैं और इसमें कौन- कौन से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

विटामिन से भरपूर
बकरी के दूध में मैग्नीशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, विटामिन A, B2, C और D बहुत ही प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

हार्ट के लिए फायदेमंद
बकरी के दूध में मौजूद मैग्नीशियम हार्टबीट को सुचारु रुप से चलाने में बहुत सहायक होता है। यह शरीर में खून के थक्कों को जमने से पूर्णतः रोकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल का खतरा कम रहता है और इससे शरीर को काफी ऊर्जा भी मिलती है।

वजन घटता है

आपको बता दे की बकरी के दूध में कैल्शियम और प्रोटीन दोनों भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर का वजन कम करते हैं प्रोटीन मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में भरपूर मदद करते हैं।

एनीमिया से बचाव
आपको बता दे की बकरी का दूध एनीमिया से भी बचाता है। इसमें आयरन की बहुत ही भरपूर मात्रा पाई जाती है।

पचाने में आसान
बकरी के दूध में फैट की मात्रा बहुत कम होने के कारण यह पचाने में आसान होता है। इससे पाचन क्रिया भी पूर्णतः ठीक रहती है।

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सोयाबीन का सेवन करेगा प्रोटीन की कमी को दूर, जाने

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हमारी सेहत के लिए सोयाबीन बेहद फायदेमंद होती हैं, अगर आप इसका सेवन करेंगे तो आपके शरीर में कभी प्रोटीन की कमी नहीं होगी। इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती हैं।

सोयाबीन सेहत के लिए बेहद ज्यादा गुणकारी होती है जिसमें अंडे से और नॉनवेज से भी बहुत ज्यादा प्रोटीन होता है लेकिन इसे खाना थोड़ा मुश्किल होता है।

क्योंकि इसका स्वाद बड़ा ही खराब होता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है आप इससे बेहतर बनाकर अवश्य ही खा सकते हैं टमाटर प्याज के साथ या अपने मनपसंद मसाले में मिलाकर इसे खाएं ताकि आपको उतना बुरा ना लगे जितना कि यह होता है।

-सोयाबीन के लिए कई इंसानों में अफवाह है जिससे नपुंसकता बढ़ती है लेकिन ये सब कहने की बातें हैं अगर आप की उम्र 30 से ज्यादा है तो आप दिन में 2 बार सोयाबीन खाएं लेकिन अगर आप की उम्र 25 के अंदर है तो आप इससे अच्छा अनुसार खा सकते हैं और ये आपके लिए गुणकारी रहेगा। सोयाबीन में लगभग 36 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है इसलिए फायदेमंद होता है लेकिन इसमें कमी भी है इसमें तकरीबन 20 ग्राम फैट पाया जाता है अगर आपको अपना अपनी बॉडी बना रहे हैं तो ये आपके लिए उतना गुणकारी नहीं है लेकिन हां अगर आप अपना केवल शरीर का विकास करना चाहते हैं तो ये आपके लिए गुणकारी हो सकता है।

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पिपरमेंट के चमत्कार आपको चौंका देंगे, पढ़ें 5 फायदे

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पिपरमिंट को हम सभी जानते हैं। इसका उपयोग हमारे दादी-नानी के जमाने होता आ रहा है। पिपरमिंट का पौधा करीबन 30 से 60 सेमी ऊंचा और सुगंधित पौधा होता है। यह हमें कई बीमारियों से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके रस और तेल आदि का इस्तेमाल चिकित्सा के लिए किया जाता है। इसे कई अलग-अलग नामों से भी पुकारा जाता है। संस्कृत में इसे सुंधित पत्र, हिन्दी में पिपरमेंट या विलायती पुदीना, गुजराती में पुदीनो, मराठी में पेपरमिंट और अंग्रेजी में ब्रान्डी मिंट कहा जाता है।

आइए जानते हैं पिपरमिंट के चमत्कारिक फायदे-

1. कफ और सर्दी- जब भी मौसम बदलता है कई लोगों को सर्दी-खांसी अपने चपेट में ले लेती है। ऐसे समय में सर्दी से आराम दिलाने में पिपरमिंट बहुत ही गुणकारी माना गया है। ऐसे लोगों को पिपरमिंट की भाप लेने से कफ, सर्दी आदि में राहत मिलती है।

2. दांत दर्द- पिपरमिंट का प्रयोग दांत दर्द में बहुत अधिक फायदेमंद माना जाता है। आज के समय में बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी दांत दर्द की समस्या से किसी न किसी समय परेशान होते ही रहते हैं। इसके लिए पिपरमिंट क्रिस्टल को दर्द वाले दांतों के बीच में रखकर दबाने से दांत दर्द में लाभ होता है।

3. दस्त- अक्सर खाने-पीने में लापरवाही की वजह से दस्त लगना आम बात है। ऐसे समय में पिपरमेंट के पत्तों का 5 से 10 मिलीग्राम की मात्रा काढ़ा बनाकर पीने से मरोड़ युक्त अतिसार या दस्त में आराम मिलता है तथा पेट संबंधी समस्या दूर होकर पेट दर्द में लाभ मिलता है।

4. पेट दर्द- अक्सर ज्यादा चटपटा या मसालेदार खाना खाने से पेट में गैस, अपच तथा पेट दर्द, बेचैनी होने लगती है। ऐसे समय में पेट दर्द से जल्दी आराम पाने के लिए 25 मिग्रा पिपरमेंट के पत्तों को बारीक करके उसको एक कटोरी में निचोड़ कर उसमें शक्कर मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द से राहत मिलती है।

5. बाल झड़ने की समस्या- अगर आप भी बाल झड़ने की समस्या से परेशान है तो आप पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नारियल के तेल में पिपरमेंट ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर सिर की मालिश करें और इस तेल को बालों में 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें, उसके बाद बालों को साधारण पानी से धोकर शैंपू से बाल धोएं

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DGHS ने बच्चों के लिए कोरोना गाइडलाइन जारी की

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भारत सरकार के परिवार और स्वास्थ्य मंत्रालय की सहभागी संस्था स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने आज बच्चों के लिए कोविड-19 गाइडलाइन जारी किया। अपने गाइडलाइन में DGHS ने कहा है कि वे 18 साल से कम उम्र के बच्चों के कोविड-19 इलाज के लिए रेमडेसिवीर की सिफारिश नहीं करते हैं। DGHS ने बच्चों के लिए HRCT इमेजिंग (उच्च संकल्प सिटी स्कैन) के तर्कसंगत उपयोग का सुझाव दिया है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) ने अपने दिशानिर्देशों में पैरेंट्स को 5 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनाने से परहेज करने को कहा है। वहीं 6-11 वर्ष की आयु के बच्चों के बारे में निर्देश दिया है कि वे माता-पिता के देखरेख में मास्क पहन सकते हैं या फिर अगर जरूरी हो तो डॉक्टरों के सलाह पर मास्क पहन सकते हैं।

DGHS के दिशा निर्देशों पर बोलते हुए सर गंगा राम अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धीरेन गुप्ता ने कहा कि ये गाइड्लाइन्स बहुत देर से आए हैं। DGHS के ये दिशा निर्देश कम से कम 2 महीने पहले आ जाना चाहिए था। DGHS द्वारा HRCT इमेजिंग (उच्च संकल्प सिटी स्कैन) के दिशा निर्देश पर उन्होंने कहा कि कुछ परिस्थितियों को छोड़कर बाल रोगियों में सीटी स्कैन का शायद ही कोई उपयोग होता है।

ज्ञात हो कि DGHS के दिशा निर्देश ऐसे समय में आया है जब कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने के कगार पर है। फिर भी तीसरी लहर के आने की संभावनाओं को देखते हुए इन दिशा निर्देशों की उपयोगिता भविष्य में हो सकती है। अभी भी इन दिशा निर्देशों की उपयोगिता है, क्योंकि कोरोना पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

 

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