Indore News। परिवहन विभाग में प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालय में कंप्यूटरीकृत कार्य करने वाली स्मार्ट चिप कंपनी की लापरवाही चरम पर है। यह कंपनी प्रतिदिन करोड़ रूपया कमा रही है उसके पश्चात भी कर्मचारियों की कमी के साथ कई मशीनें भी खराब हो रही हैं, यहां तक कि कंप्यूटर भी पुराने हो गए हैं फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसका खामियाजा आने वाले आवेदक भुगत रहे हैं।
आरटीओ कार्यालय लाइसेंस कार्ड बनाने का काम स्मार्ट चिप कंपनी द्वारा किया जाता है। यहां पिछले 15 दिनों से एक प्रिंटर खराब होने के चलते कई लाइसेंस अटके हुए है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लाइसेंस के लिए आने वाले लोगों ने इसको शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की है, लेकिन वहां से भी मामले का निराकरण नहीं हो पा रहा। परिवहन विभाग ने कुछ दिन पहले लर्निंग लाइसेंस को लेकर ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की थी। लाइसेंस के लिए कार्यालय में आकर टेस्ट देने के बाद कार्ड बनवाना होते है यहां लाइसेंस विभाग की व्यवस्था बिगड़ी हुई है और स्मार्ट कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले कार्ड का एक प्रिंटर खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण प्रतिदिन 250 से ज्यादा कार्ड नहीं निकल पा रहे है। यहां बैठने वाले स्मार्ट कंपनी के कर्मचारी का भी जवाब मांगने पर लोगों से विवाद चल रहा है। कई लोगों ने इसकी सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की है।
6 साल पुराने हैं प्रिंटर
आरटीओ विभाग में कार्ड निकालने वाले प्रिंटर सन 2015-16 के बताए जाते है। यहां कई बार इन्हें ठोक बजाकर चलाना पड़ता है। स्मार्ट हो रहे शहर में यहाँ की व्यवस्था लचर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक पिछले दो माह में प्रिंटर कई बार बंद हुए है।

