Indore devlopment News. शहर के सबसे बड़े कॉलोनाइजर के रूप में विख्यात विकास प्राधिकरण की संपत्ति या नहीं बिक रही है। दरअसल रेट अधिक होने के कारण लगातार परेशानी बनी हुई है लेकिन विकास प्राधिकरण की ओर से रेट कम नहीं किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति विकास प्राधिकरण के अलग-अलग योजनाओं में देखने को मिल रही है जिसमें परेशानी बनी हुई है।
विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 134 में तकरीबन 14 करोड़ की लागत से वसुंधरा कॉम्पलेक्स का निर्माण वर्ष 2020 में हुआ। यहां पर 40 फ्लैट हैं जिनकी नीलामी के लिए प्राधिकरण ने 4 बार टेंडर निकाले तो उसमें से मात्र दो फ्लैट ही बिक पाए हैं। आईडीए का महत्वपूर्ण वसुंधरा कॉम्पलेक्स प्रोजेक्ट जो कि 14 करोड़ में पूरा हुआ इसके फ्लैट्स के लिए नीलामी की कई बार प्रक्रिया अपनाई लेकिन महंगे होने के कारण फ्लैट ही नहीं बिक पाए हैं। हालत यह है कि यहां पर देखा जाए तो 1 बीएचके के फ्लैट भी लगभग 31 से 35 लाख रुपए में रजिस्ट्री सहित खरीददार को मिल रहा है, इसलिए यहां पर कोई फ्लैट लेने को तैयार नहीं है। इसके साथ ही 27 रु. वर्ग फीट के भाव से जब से बिल्डिंग बनी है तब से याने 23- 9-2020 से मेंटेनेंस चार्ज भी लिया जा रहा है जबकि यहां पर न लिफ्ट चालू है ना ही बिजली पानी की बराबर व्यवस्था है।
वसुंधरा कॉम्पलेक्स के फ्लैट्स की नीलामी के लिए पहला टेंडर 8-9-2020 को निकाला कोई खरीददार नहीं मिला दूसरा टेंडर 9-11-2020 को निकाला, तीसरा टेंडर 28-12-2020 को निकाला और चौथी बार टेंडर 17-6- 2021 को निकाला तब कहीं जाकर दो फ्लैट नीलाम हुए हैं उसमें भी ब्लॉक ए और बी के फ्लैट बमुश्किल बिक पाए हैं। यहां पर फ्लैट अधिक महंगे होने के कारण परेशानी बनी हुई है और वसुंधरा कॉम्पलेक्स में कोई सुविधा नहीं होने से नीलाम नहीं हो रहे हैं। वसुंधरा कॉम्पलेक्स के नीचे की और 20 दुकानें हैं जिसमें से मात्र 4 दुकाने बमुश्किल नीलाम हो पाई है। वसुंधरा कॉम्प्लेक्स कुल 5 मंजिला है जिसमें नीचे की और दुकानें हैं और शेष निवास के लिए फ्लैट्स का निर्माण किया गया है।
प्राधिकरण के इंजीनियर के अनुसार यहां पर सभी सुविधा है। फ्लैट के और टेंडर निकाले जाएंगे पहली मर्तबा 20 फ्लैट के लिए टेंडर निकाले थे अब फिर से नीलामी की तैयारी है। वहीं कुल 20 दुकानें हैं जिसमें से 4 बिक चुकी है। प्राधिकरण सीईओ विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि वसुंधरा कॉम्पलेक्स में हम लोग फिर से फ्लैट नीलामी की प्रक्रिया अपना रहे हैं। यहां पर प्राधिकरण की गाइड लाइन के अनुसार रेट कम नहीं किया जा सकता है जो निर्धारित दरें हैं वहीं रहेगी, हम कोई बदलाव नहीं ला सकते हैं। नियमों के अनुसार ही फ्लैटों की फिर नीलामी होने जा रही है।


