परिवार ने बताया कि बच्चों ने बस में ड्राइवर के पास वाली सीट पर बैठने की जिद की थी। ड्राइवर नितेश ने जहां बच्चे बैठे थे, उसी तरफ से बस, सड़क पर खड़े कंटेनर से टकरा दी। बच्चे नींद में थे। वे बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही जलकर उनकी मौत हो गई।
द्वारकापुरी इलाके की शनि मंदिर वाली गली में हादसे की खबर मिलने के बाद से ही सन्नाटा था। लोग एक-दूसरे को दीपावली की बधाई देने की बजाय शर्मा परिवार को ढांढस बंधा रहे थे। दुर्गा के पिता इस हादसे में घायल हुए हैं। उनका कहना है कि भगवान ने बच्चों पर ही क्यों कहर बरपाया। रोहित का परिवार भी इंदौर आकर बेटे को खोने के गम में डूब गया।
ड्राइवर से हुआ था झगड़ा
इंदौर के 60 फीट रोड स्थित द्वारिकापुरी निवासी विकास चौबे ने बताया कि प्रवीण शर्मा और गली में रहने वाले उनके मामा जगदीश शर्मा और जीजा जगदीश शर्मा समेत अन्य रिश्तेदार गुरुवार रात दिवाली मनाने के बाद मथुरा दर्शन के लिए निकले थे। ड्राइवर नशे में था। देवास के पास इस बात को लेकर परिवार से ड्राइवर से झगड़ा भी हुआ था। इसके बाद गुना में हादसा हो गया।


