Indore News – मास्टर प्लान के तहत अब बढ़ेगी शहर की सरहद – इन 79 गांवों को  इंदौर शहर का हिस्सा बनाने की कवायद शुरू

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इंदौर। नया मास्टर प्लान लागू होने के बाद शहर की सरहद बढ़ने वाली है। प्लान में 79 गांवों को शामिल किया जा रहा है।

उन गांवों के लैंडयूज के नक्शे नगर तथा ग्राम निवेश में तैयार किए गए हैं, लेकिन उसे मास्टर प्लान में शामिल करने के पूर्व ही 450 से ज्यादा आपत्तियां आ गई हैं।

ज्यादातर आपत्तियां ग्रीन बेल्ट को लेकर है। कई निजी जमीनों पर ग्रीन बेल्ट दर्शाया गया है, लेकिन वहां निर्माण का हवाला देकर जमीन मालिक नक्शों में बदलाव कराना चाहते हैं। 79 गांवों के लिए आई आपत्तियों का निराकरण 20 नवंबर को किया जाएगा।

शहर के लिए 2035 तक के लिए तैयार हो रही इंदौर विकास योजना में पुराने मास्टर प्लान में बदलाव के अलावा नए मास्टर प्लान के मुताबिक मार्ग और नए गांव शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है।

ज्यादातर सांवेर विधानसभा क्षेत्रों के गांवों को जोड़ा गया है और नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 15 की उपधारा 1 के तहत मानचित्रों को बनाया गया है।

30 दिन के भीतर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। जिसकी समयसीमा पिछले सप्ताह पूरी हो गई। अब शापिंग काम्प्लेक्स स्थित नगर तथा ग्राम निवेश के कार्यालय में 20 नवंबर को सुनवाई होगी।

जानकारों की राय : सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी के अनुसार 90 के दशक में जो गांव मास्टर प्लान में जोड़े गए थे अभी उनका ही ठीक से विकास नहीं हो पाया है। ऐसे में नए गांव जोड़ने का क्या औचित्य।
नगर निगम ने दूसरी बार सीमा विस्तार किया, तब भी सिर्फ 29 नए गांव ही शामिल किए। जबकि निवेश क्षेत्र के सभी गांवों को शामिल किया जाना चाहिए।
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के पूर्व इंजीनियर जयवंत होलकर का कहना है कि मास्टर प्लान में जो बड़े मार्ग, क्षेत्रीय उद्यान, ग्रीन बेल्ट हैं उनका सीमांकन तय होना चाहिए। चंदन नगर रिंग रोड का सीमांकन नहीं होने का खामियाजा शहर अभी तक भुगत रहा है।

ये गांव होंगे शामिल – 

फूलकराड़िया, माली बड़ौदिया, खेमाना, हिंगोनिया खुर्द, बाल्याखेड़ी, हिंगोन्या, बिसनखेड़ा, खत्रीखेड़ी, बेगमखेड़ी, झलारिया, चौहानखेड़ी, रामगढ़, आम्बामाल्या, गारी पीपल्या, उपड़ीनाथा, सोनगीर, हासाखेड़ी, पिपल्यातफा, असरावद बुजुर्ग, जामन्या खुर्द, बिहाड़िया, तिल्लौर खुर्द, कपाल्याखेड़ी, सोनगुराड़िया, धमनाय, उज्जैनी, सोनवाय, धरनावद, सावल्याखेड़ी, हातोद, बोरिया, खजुरिया, कांकरिया बौर्डिया, सगवाल, सतलाना, खारवाखेड़ी, मुण्डला दोस्तदार, पालिया हैदर, पुवार्डाजुनार्दा, राजधरा, बुरानाखेड़ी, साहू खेड़ी, छिटकाना, इंदौर, पितावली, रिंगनोदिया, मुरादपुरा, बड़ौदिया ऐमा, आमलीखेड़ा, टोडी, खाखरोड़, रामपिपल्या, पांडर्या बजरंग, पंचडेहरिया, जस्सा कराड़िया, बिजुखेड़ी, ढाबली, मुंडलाबाग, सुलाखेड़ी, कदवाली बुजुर्ग, पलास्या, सिलोटिया, बड़ौदा अर्जुन, पीर कराड़िया, डकाच्या, बरलाई जागीर, मगरखेड़ा, बोरसी, औरंगपुरा, मुरादपुरा, पिपल्या झगडू, मोहम्मदपुर, सिंगावदा, नौगांव, राजपुरा उर्फ रैयतपुरा, गुरदाखेड़ी, रोजड़ी, कलमेर बढ़ी एवं पानौड़ गांव।

गांवों के मानचित्रों को लेकर साढ़े चार सौ से ज्यादा आपत्तियां आई हैं। सुनवाई के बाद उनका निराकरण होगा। जो कमियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा। – एसके मुद्गल, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश

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