"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read
SHARE
पत्नी ने लिखा- जिंदगी में बहुत उलझन है, मेरी चिता दुल्हन की तरह सजाना
इंदौर में बैंक कर्मचारी और उसकी पत्नी ने जहर खा लिया। मंगलवार शाम को अस्पताल ले जाते समय पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया।
उनके कमरे से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें जिंदगी से परेशान होकर मर्जी से खुदकुशी की बात लिखी है। पुलिस के मुताबिक ग्रीन व्यू कॉलोनी के आयुष्मान अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में रहने वाले मोनू गुप्ता और उसकी पत्नी अंजलि ने मंगलवार शाम जहर खा लिया था।
इसके बाद वह तड़पते हुए फ्लैट से बाहर आए थे। पड़ोसियों ने डायल 100 पर सूचना दी थी। दोनों को अस्पताल जाया गया। जहां मोनू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अंजलि को आईसीयू में भर्ती किया गया था।
इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। दोनों की इसी साल शादी हुई थी। मोनू कोटेक महिंद्रा बैंक में काम करता था। उसके घर में बैंक का कार्ड भी मिला है।
जिंदगी से परेशान हैं. स्वेच्छा से दे रहे जान
मौके पर एसआई गौरव तिवारी और एफआरवी के सिपाही गौतम पाल पहुंचे थे। उन्हें कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है कि जिंदगी में बहुत उलझन है।
अब जीना नहीं चाहते, स्वेच्छा से जान दे रहे हैं। अंतिम संस्कार गांव में किया जाए। पुलिस के मुताबिक दंपती यहां किराए से रहते थे।
मोनू बैंक में खाते खुलवाने का करता था काम
अंजलि मूल रूप से बेटमा की रहने वाली थी, जबकि मोनू मूसाखेड़ी इलाके का रहने वाला था। अप्रैल में शादी के कुछ दिनों बाद दोनो मूसाखेड़ी से लसुड़िया इलाके में आकर रहने लगे थे।
मोनू की एक छोटी बहन है। उसके पिता फास्ट फूड का ठेला लगाते है। मोनू बैक में खाते खुलवाने का काम करता था। सुसाइड नोट में अंजलि ने लिखा है कि उसे दुल्हन की तरह तैयार किया जाए।
उसी वेष में उसका अंतिम संस्कार किया जाए। मोनू के परिवार के मुताबिक एक दिन पहले वह घर पर अंजलि को लेकर सबसे मिलने आया था। आखिरी बार तभी उसी से बात हुई थी।
आत्महत्या के पीछे की वजह कर्ज बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल और सुसाइड नोट जब्त किया है।
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati)
(भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381)
"दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं।
हम क्यों अलग हैं?
बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है।
हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।