"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Indore Crime News. इंदौर क्राइम ब्रांच ने मुंबई की एक युवती को 100 ग्राम एमडीएमए (ड्रग्स) के साथ गिरफ्तार किया है। यह युवती 31 दिसंबर की पार्टी के लिए तस्करों को माल (ड्रग्स) की डिलीवरी देने आई थी।
पुलिस ने इससे करीब 10 लाख रुपये की कीमत की 100 ग्राम एमडीएमए जप्त किया है। युवती बच्चों के डायपर में ड्रग्स छुपाकर लाती थी। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणा चारी मिश्रा ने चार दिन पूर्व नार्को हेल्पलाइन नंबर 7049108383 जारी किया था।
पुलिस को इसी नंबर पर युवती के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने इन संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी थी। दो दिन पूर्व क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्राहक बनकर तस्करों से संपर्क किया और युवती को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह बस के द्वारा मुंबई से इंदौर आ रही थी।
युवती ने अपना नाम मानसी बताया है। उसने बताया कि वह एयर होस्टेस रह चुकी है। वह पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा में काम कर चुकी है। हालांकि स्वजनों ने बताया कि वह एयर होस्टेस का काम छोड़ दिया थे।
पुलिस ने बताया कि युवती के पास से नेपाल और बहरीन की भी मुद्रा मिली है। युवती डार्क नेट से जुड़ी थी। पूछताछ के दौरान युवती ने मुंबई और इंदौर के कई तस्करों के नाम कबूले हैं।
सागर गैंग से जुड़ी है युवती
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीजीपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक मानसी देह व्यापार, मानव तस्करी के आरोपित सागर जैन उर्फ सैंडो के गिरोह से भी जुड़ी है।
वह हाई प्रोफाइल पार्टियों में ड्रग सप्लाई करती है। उसने कई अन्य तस्करों के नाम का भी खुलासा किया है।
‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम से भी बुलाते हैं
मेफेड्रोन को आमतौर पर ‘म्याऊं-म्याऊं’ के नाम से जाना जाता है और पार्टियों में अवैध तरीके से नशे के लिए इस्तेमाल होता है।
म्याऊं-म्याऊं का नाइजीरिया और अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। यह ड्रग 2010 से ही चलन में है। बड़े शहरों में इसका मिलना आम है। इसी के चलते सरकार ने 2015 में इसे बैन किया है।
इसे नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के तहत अवैध करार दिया गया है। इसी एक्ट के तहत गांजा, स्मैक, हेरोइन, कोकीन आदि को भी प्रतिबंधित किया गया है।
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati)
(भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381)
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