Crime News Indore – फर्जी ईमेल, आईडी व अलग-अलग पते का इस्तेमाल कर अमेज़न पर खरीदे 21 लाख के मोबाइल

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Crime News.राज्य साइबर पुलिस ने एक ऐसे धोखेबाज मोबाइल कारोबारी को पकड़ा है जिसने एक ग्राहक की अमेजन आईडी हैक कर उससे 21 लाख के 68 मोबाइल धोखे से बुलवा लिए।

आरोपी ने इसके लिए फर्जी ईमेल आईडी और अलग-अलग पतों का इस्तेमाल किया था। मामले की शिकायत के बाद जांच हुई तो साइबर पुलिस ने आरोपी दुकानदार को पकड़ लिया।

साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह के अनुसार फरियादी अमित पिता श्रीकांत परवाल निवासी इंदौर ने एक शिकायत की थी।

उसने बताया कि उसके मोबाइल हैंडसेट पर डाउनलोड अमेज़न एप्लीकेशन से किसी ने 3 महीनों में 21 लाख के मोबाइल खरीद लिए हैं। तकनीकी टीम ने मामले में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की और अमेजन यूजर आईडी की जानकारी अमेज़न से प्राप्त की।

जिसमें दो संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आए और मोबाइल नंबर की पड़ताल की गई तो वह प्रतीक लालवानी पिता सुभाष लालवानी निवासी सिल्वर पैलेस कॉलोनी का निकला। आरोपी प्रतीक की जेल रोड पर प्रतीक मोबाइल के नाम से दुकान है।

पूछताछ में उसने बताया कि फरियादी उसकी शॉप पर लोन पर मोबाइल खरीदने आया था। तब उसके अमेज़न आईडी की जानकारी उसने हैक कर ली थी।

उसने अपने मोबाइल में उस आईडी को लॉग इन कर लिया और फरियादी की जानकारी के बिना 3 महीनों में अलग-अलग क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर मोबाइल की खरीदी की और कस्टमर को भेज दिए। आरोपी ने जीएसटी चोरी और इनकम टैक्स बचाने के लिए इस तरह से काम किया था उससे मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।

ऐसे बचें धोखाधडी से –
साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि अनजान व्यक्ति को अपना मोबाइल नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा

1. किसी भी अंजान व्यक्ति के हाथों में अपना मोबाइल नहीं दे।
2. किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने मोबाइल पर आये हुए ओटीपी शेयर न करें।
3. बैंक के संबंध में आये हुए कोई भी मैसेज प्राप्त होने पर बैंक जाकर ही जानकारी प्राप्त करें।
4. ऑनलाइन शॉपिंग अप्पलीकेशन की यूजर आइडी एवं पासवर्ड अंजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
5. डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी अंजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
6. फोन कॉल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा दिये जा रहे निर्देष का पालन बिल्कुल भी न करें।
7. मोबाइल पर किसी भी प्रकार की रिमोट अप्पलीकेशन डाउनलोड न करें।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।