MP Top News – दतिया के बाद अशोकनगर में हिजाब पर बवाल; छात्राओं को स्कूल में प्रवेश से रोका

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मध्य प्रदेश में हिजाब को लेकर बवाल ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। दतिया में पीजी कॉलेज में प्रिंसिपल के आदेश के बाद अशोकनगर में भी ऐसी ही स्थिति बनती दिखी है।
हैरत की बात यह है कि एक स्कूल ने दो छात्राओं को हिजाब पहनकर आने की वजह से फेयरवेल पार्टी में जाने से रोक दिया। जबकि इसी पार्टी में कुछ छात्राओं ने साड़ी तो कुछ ने जींस-टॉप आदि पहन रखा था।

दतिया मामले में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ कहा था कि प्रदेश में हिजाब पर बैन नहीं है। न ही इसका कोई प्रस्ताव विचारार्थ है। इस मसले पर भ्रम की स्थिति नहीं होना चाहिए।
जब वे यह बयान दे रहे थे, तभी अशोकनगर में दो छात्राओं को स्कूल में प्रवेश से रोका गया। मामला विदिशा रोड़ स्थित मिलन पब्लिक स्कूल का है, जहां छात्राओं को स्कूल में घुसने नहीं दिया गया। दोनों छात्राओं को कई घंटों तक स्कूल के गेट पर ही खड़े रहना पड़ा।

स्कूल प्रबंधक एनके कोचेटा ने छात्राओं को रोके जाने के दावे का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि मैंने तो बच्चों से कहा था कि सीधे क्लास रूम में जाएं। हम पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।

वहीं, बच्चों का कहना था कि कई बार ऐसे कार्यक्रमों में आउटसाइडर आ जाते हैं। इस वजह से हमने बच्चों से कहा था कि यूनिफॉर्म में आएं। वहीं, जिस छात्रा हुज्जमा कुरैशी को रोका गया था, उसने कहा कि मैडम हमारे साथ ही वैन में बैठकर स्कूल पहुंची थी।
उस समय तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। जब हम हिजाब पहनकर आए तो हमें स्कूल के अंदर जाने से रोक दिया गया। हम काफी देर तक बाहर बैठकर इंतजार करते रहे।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।