अफगानिस्तान तक जाएगा मालवा का गेहूं

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sadbhawnapaati
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इंदौर। मालवा के आष्टा सीहोर का गेहूं यूं तो दुनिया के कई देशों में अच्छी क्वालिटी के लिए जाना जाता है लेकिन इस बार यहां का शर्बती गेहूं अफगानिस्तान भी भेजा जाएगा।

भारत सरकार ने अफगानिस्तान को बारह करोड़ रूपए का पचास हजार टन गेहूं भेजने का करार किया है। यह पाकिस्तान के रास्ते सड़क मार्ग से भेजा जाएगा। सीहोर के दो हजार टन गेहूं की पहली खेप 20 मार्च को पाकिस्तान होकर अफगानिस्तान जाएगी। निजी प्रयोगशाला में गेहूं की जांच की जाने के साथ यह भेजा जा रहा है।
भारत में 2021-2022 में गेहूं उत्पादन 111.32 मिलियन टन का रिकार्ड बनाएगा। पिछले साले यह 109.59 मिलियन टन था। 15 मार्च के बाद मंडियां गेहूं के आने से लबरेज हो जाएगी। शर्बती गेहूं आकार में बड़ा दाना और गोलाई लिया आटे से भरपूर होता है। यह सुनहरी चमक वाला होता है।
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि, ब्रिटानिया, पार्लेजी सहित कई बिस्कुट कंपनियां इसी गेहूं के बिस्कुट बनाती है जो स्वाद में प्राकृतिक मिठास वाले होते हैं।
एफसीआई (फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) के सहायक जनरल मैनेजर असद सिद्दीकी ने कहा कि शरबती गेहूं की आवक इंदौर से अफगानिस्तान को की जाएगी।
लक्ष्मीनगर मंडी में अभी 6100  बोरा गेहूं आया जो 2350 रू. प्रति क्विंटल भाव से बिका। कुल आवक 8042 बोरा रही, जिसमें गेहूं 1900 से 2500, डॉलर चना पांच से 6 हजार रू. रहा।
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