NLIU के प्रोफेसर पर लगे यौन शोषण के आरोप, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश, इस्तीफा लिखाने का वीडियो VIRAL

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को यहां स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) के एक प्रोफेसर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप की जांच का निर्देश दिया। उत्तर प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुधीर कुमार सक्सेना और भोपाल के पुलिस आयुक्त मकरंद देउस्कर को संबंधित प्रोफेसर के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। चौहान ने यह भी कहा कि एक महिला पुलिस अधिकारी को भी जांच में शामिल किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कों और लड़कियों के साथ ‘दुर्व्यवहार’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो इस मामले पर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के साथ भी चर्चा की जाएगी। एनएलआईयू के एक प्रोफेसर द्वारा लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने और उसके बाद विद्यार्थियों के विरोध की खबरों पर संज्ञान लेते हुए चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किया और मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
प्रोफेसर का एक वीडियो आज वायरल हुआ है जिसमें छात्र-छात्राएं उन्हें घेरकर खड़े हैं। ये लोग प्रोफेसर से इस्तीफा लिखने का कह रहे हैं लेकिन वे उनसे कुछ समय मांगते दिखाई दे रहे हैं।
वायरल वीडियो डेढ़ मिनिट का
प्रोफेसर मोहंती और छात्र-छात्राओं का यह वायरल वीडियो एक मिनिट 31 सेकंड का है जिसमें प्रोफेसर उनसे समय मांग रहे हैं। मगर छात्र-छात्राएं यह कहते सुने जा सकते हैं कि बहुत समय दे चुके हैं और अब नहीं देंगे। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

 

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।