मध्य प्रदेश की 17 सड़कों पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी हो चुकी है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम शुल्क वसूली के लिए टेंडर करेगा।
पांच साल के ठेके में पांच साल और बढ़ाए जा सकेंगे। हालांकि ये टोल व्यावसायिक वाहनों से वसूला जाएगा।
प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ये वसूली सड़कों के रखरखाव के लिए की जा रही है। टोल से प्राप्त राशि सड़कों के विकास और संधारण पर खर्च की जाएगी।
व्यावसायिक वाहनों से टैक्स लिया जाएगा। प्रति वर्ष थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर दर में वृद्धि होगी, जो सितंबर से प्रभावी की जाएगी।
मध्य प्रदेश में जिन सड़कों पर टोल लगाने का फैसला किया है, उनमें शाजापुर-दुपाडा-कानड-पचलाना-पि
हालांकि नियमानुसार इन मार्गों पर इन लोगों को टोल से छूट रहेगी। इसमें सांसद-विधायक, पूर्व सांसद एवं विधायक के वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, भारतीय सेना से संबंधित वाहन, केंद्र या राज्य सरकार संबंधित वाहन, भारतीय डाक तथा तार विभाग के वाहन, कृषि कार्य के उपयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली, ऑटो रिक्शा, दुपहिया तथा बैलगाड़ी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं अधिमान्य पत्रकार।

