भोपाल। राजधानी की साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने फर्जी सिम गिरोह के मास्टरमाइंड को करैरा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बताया गया कि गिरोह करीब डेढ़ हजार से ज्यादा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम एक्टिवेट करवा के कई राज्यों मे साइबर ठगों को बेच चुका है।
शातिर जालसाज आधार कार्ड में फोटो अपने साथियों की लगाता था लेकिन उन सभी का नाम, पता फर्जी उपयोग डालता था।
इस फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर गिरोह के आरोपी खुद ही पी ओ एस एजेंट रजिस्टर्ड हो जाते और फिर पीओएस एजेंट में मास्टरमांइड अपने अन्य साथियों की फोटो का इस्तेमाल कर पीओएस एजेंट भोपाल के पते पर रजिस्टर्ड करवाता।
इस तरह शातिर गिरोह अलग-अलग नाम व पते पर करीब 1,500 सिमे एक्टिवेट कर सायबर अपराधियों को दे चुके है। पुलिस अफसरों ने बताया कि शातिरो द्वारा जारी करवाई गई सभी डेढ़ हजार सिमो को ब्लॉक कराने के लिए टेलीकॉम कंपनी को पत्र भेजा गया है।
इन फर्जी सिमो के जरिये देश के कई शहरों मे साइबर ठग लोगों को दिल्ली से बैठकर ही अपना शिकार बनाकर धोखाधड़ी करते है।
साइबर क्राइम ब्रांच अफसरों ने बताया कि तकनीकी पड़ताल के आधार पर हाथ लगे सुरागो के जरिये टीम द्वारा करैरा जिला शिवपुरी में घेराबंदी कर पूर्व में सिम एक्टिवेट करने वाले 2 फर्जी पीओएस एजेंट सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले में फरार चल रहा आरोपी दीपक साहू निवासी करैरा जिला शिवपुरी को भी पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी के पास से 2 मोबाइल, 6 सिम कार्ड, एक सीपीयू सहित एक हार्ड डिस्क जब्त की गई है।


