खुड़ैल में फसाद के साथ ही इंदौर पुलिस अलर्ट पर, करीबी शहरों में भी खुफिया निगाहें

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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इंदौर। पुलिस को इंदौर में भी अलर्ट रखा गया है। खरगोन, बड़वानी के बाद इंदौर से लगे खुडैल में सांप्रदायिक उन्माद की घटना के बाद पुलिस की हर संवेदनशील बस्ती पर खुफिया निगाहें हैं।
पुराने लिस्टेड उपद्रवियों पर खास नजर रखी जा रही है। खरगोन, बड़वानी के बाद इंदौर से लगे छोटे से गांव खुड़ैल में फसाद के हालात बनना षडयंत्र की तरफ इशारा करता है। छोटे गांव जहां हर व्यक्ति एक दूसरे को जानता है वहां दंगे की नौबत पैदा होना आश्चर्य की बात है।
खरगोन बडवानी के अलावा खुड़ैल में दंगाइयों के मैदान में आने की घटना के बाद शिवराजसिंह चौहान सरकार सख्त मूड में आ गई है।
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिन घरों से पत्थर आए हैं उन घरों के पत्थर भी सरकार निकाल देगी। इसका अर्थ यह है कि दंगाइयों घरों पर बुलडोजर चलाया जाएगा।
दंगों के हालात बनाने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया गया है। दंगाइयों के हौसले इतने बुलंद थे कि एसपी सिद्धार्थ चौधरी के पैर में गोली मार दी। ये घटनाएं किसी बड़े षडयंत्र की तरफ इशारा करती है।
इसलिए म.प्र. में कहीं भी दंगाइयों को छोड़ा नहीं जाएगा। कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का गढ़ है। यहां खजराना, चंदन नगर, आजाद नगर, नयापुरा, खजरानी इसके केंद्र रहे हैं। इसके मद्देनजर भी पुलिस को चौबीस घंटे अलर्ट रहना जरूरी है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।