पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय विश्नोई ने  शिवराज को बुलडोजर के बजाए शराबबंदी की दी सलाह

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भोपाल. उमा भारती के अभियान को बीजेपी नेताओं का भी साथ मिलने लगा है. एमपी में दंगाइयों-बदमाशों के खिलाफ चल रहे बुलडोजर पर अब बीजेपी नेता ही सवाल उठाने लगे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय विश्नोई ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय विश्नोई  ने अपनी ही सरकार को बुलडोजर के मसले पर घेरा है. उन्होंने कहा बुलडोजर चलाने के बजाय शराब बिक्री पर रोक लगाई जाना चाहिए.

बीजेपी विधायक और असंतुष्ट नेता अजय विश्नोई हर बार सोशल मीडिया पर अपने ट्वीट और अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. उनके अधिकांश बयान ट्वीट अपनी ही सरकार के खिलाफ होते हैं. इस बार भी उन्होंने अपनी सरकार को बुलडोजर के मामले में घेरते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा मप्र को यदि उत्तरप्रदेश का अनुसरण करना है तो गांव गांव में बिक रही शराब को रोकें. बुलडोज़र के मुकाबले ज्यादा समर्थन मिलेगा ज्यादा वोट मिलेंगे।विवादों से पुराना नाता

अजय विश्नोई मंत्री रह चुके हैं. वो असुंष्ट माने जाते हैं. वो पार्टी विरोध बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं. दमोह से सात बार विधायक रहे जयंत मलैया ने पिछले उप चुनाव में पार्टी की हार को जनता का विरोध बताया था. इस पर उन्हें नोटिस दिया गया था. उनके बेटे सिद्धार्थ मलैया को पार्टी से निकाल दिया गया था. इस बीच वरिष्ठ नेता और विधायक अजय विश्नोई ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा था कि क्या हार की जवाबदारी टिकट बांटने वाले और चुनाव प्रभारी लेंगे.विवाद नंबर 2

शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पूर्व मंत्री और पाटन विधायक अजय विश्नोई ने पार्टी की नीतियों पर सवाल खड़े किये थे. उन्होंने ट्वीट के जरिए अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था. मंत्रिमंडल विस्तार के अगले ही दिन अजय विश्नोई ने बगावती ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि अगर महाकौशल उड़ नहीं सकता सिर्फ फड़फड़ा सकता है.विवाद नंबर 3

एक बार बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने अपनी सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी मध्य प्रदेश का विद्युत उपभोक्ता परेशान है. विशेष तौर पर ग्रामीण उपभोक्ता. घरेलू और कृषि दोनों ही बिजली परेशान कर रही है. ट्रांसफार्मर बार-बार जल रहे हैं. बदलने में देरी होती है. विद्युत मंडल ने 2 साल से नए ट्रांसफार्मर खरीदे नहीं हैं, बल्कि उन्हें ही सुधार कर लगाया जा रहा है. बिजली के जमीन छूते तार दुर्घटनाओं को न्यौता दे रहे हैं.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।