कैशलेस बिजली बिल भुगतान पर अब पहले से ज्यादा छूट

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

इन्दौर । मध्यप्रदेश बिजली नियामक आयोग द्वारा दिए गये आदेश के तहत अब मप्रपक्षेविविकं एलटी बिजली कनेक्शनों के ऑन लाइन (कैशलेस) बिल भुगतान पर पहले से ज्यादा छूट दे रही हैं। इस संबंध में कंपनी के पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय ने सभी 15 जिलों के अधीक्षण यंत्रियों को निर्देश दिए हैं।
मार्च तक एलटी कनेक्शनों के बिजली बिलों के भुगतान पर  न्यूनतम 5 से 20 रूपए की अधिकतम सीमा थी, प्रतिशत में बिल राशि की 0.5 फीसदी छूट निर्धारित थी। इस तरह पहले कोई भी एलटी उपभोक्ता कैशलेस बिजली बिल भुगतान पर अधिकतम 20 रूपए माह की ही छूट पा सकता था।
अप्रैल से जारी निर्देश के अनुसार अब उपभोक्ता को बकाया बिल की कुल राशि पर 0.50 फीसदी की छूट मिलेगी। अधिकतम छूट सीमा का कोई बंधन नहीं रहेगा। नए निर्देशों के तहत 4 हजार रूपए से ज्यादा का कैशलेस बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा छूट मिल सकेगी।
पांच हजार के कैशलेस बिल भुगतान पर पच्चीस रूपए, पचास हजार रूपए के भुगतान पर 250 रूपए एवं 1 लाख के एलटी बिजली बिल कैशलेस भुगतान पर 500 रूपए की छूट मिल सकेगी। यह छूट अगले बिजली बिल में स्पष्ट उल्लेखित रहेगी।
बिजली कंपनी आयोग के अनुसार एचटी उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर पहले ही 100 से 1000 रूपए की छूट दे रही हैं। मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने उपभोक्ताओं से कैशलेस बिजली बिल का भुगतान करने की अपील की है। यह कार्य आसान है, छूट दिलाता है, साथ ही विलंब व सरचार्ज जैसी परेशानी से भी बचाता है।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।