अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य द्वारा की गई कल्याण योजनाओं की समीक्षा 

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sadbhawnapaati
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इन्दौर। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य एवं केन्द्रीय मंत्री दर्जा कु. सैयद शहजादी तीन दिवसीय शासकीय प्रवास के दौरान गुरुवार को विभिन्न विभागों की अल्पसंख्यक वर्ग की योजनाओं एवं प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा बैठक वल्लभ भवन के सभागार में की।
बैठक में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, गृह विभाग, आयुष विभाग, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, पीआईयू विभाग, कौशल विकास विभाग तकनीकी शिक्षा एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए विभागों की योजनाओं की प्रगति की जानकारी साझा की।
इस दौरान सदस्य ने म.प्र. में चल रही केन्द्र प्रवर्तित एवं राज्य शासन की योजनाओं की प्रगति से पूर्ण संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के स्व-सहायता समूह गठित कर कौशल विकास एवं स्व-रोजगार से जोड़ने के सार्थक प्रयास किए जाने पर बल दिया।

राज्य के सभी जिलों में धर्म गुरुओं की समिति बनाकर उनके द्वारा साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के लिए लगातार बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिये।

गृह विभाग को निर्देश दिये कि वे राज्य में तीन तलाक के कितने प्रकरण दर्ज किये तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई है की विस्तृत जानकारी प्रदत्त करें।
अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं को छात्रवृत्ति का लाभ लेने तथा कौशल विकास हेतु अधिकाधिक प्रेरित करने का आव्हान किया। अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के कौशल उन्नयन के लिए सभी अल्पसंख्यक जिलों में कौशल विकास केन्द्र स्थापित करने को कहा।
इसके साथ ही समस्त आठ जिलों में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आवासीय विद्यालय बनाने के निर्देश भी दिये।
जिला स्तरीय अल्पसंख्यक समिति के शीघ्र गठन के निर्देश भी दिये। प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा PMJVK योजनाओं की लंबित राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए कहा।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।