ज्ञान ही वह तत्व है जो मनुष्य और पशुओं में अंतर को रेखांकित करता है : मुनि आदित्य सागर 

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sadbhawnapaati
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अंजनी नगर में चल रहे पंचकल्याणक महामहोत्सव में आज होगी प्राण-प्रतिष्ठा 
इन्दौर। एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर के पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पर चल रहे आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक महामहोत्सव में आज का दिन ज्ञान कल्याणक के नाम रहा। मुनिश्री आदित्य सागर म.सा. ने कहा कि ज्ञान ही वह तत्व है, जो मनुष्य और पशुओं में अंतर को रेखांकित करता है। ज्ञान से ही मनुष्य स्वयं को श्रेष्ठ और अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। महोत्सव में समवशरण की रचना भी आकर्षण का केन्द्र बनी रही। सुबह से देर शाम तक सैकड़ों समाजबंधुओं ने उत्साह के साथ सभी कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
पंचकल्याणक आयोजन समिति के मंत्री देवेन्द्र सोगानी एवं राजेश काला ने बताया कि सुबह भगवान पर जलाभिषेक एवं शांति धारा के बाद भगवान की मूर्ति देने वाले समाजबंधुओं को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समाजसेवी टी.के. वेद एवं कैलाश वेद तथा महासमिति के सदस्यों ने भगवान एवं गुरुदेव के चित्रों का अनावरण किया। दिलीप लुहाड़िया के निवास पर राजा श्रेयांस के रूप में भगवान के आहार की क्रिया संपन्न हुई। दोपहर में भगवान के समवशरण की रचना हुई, जिसमें मुनि आदित्य सागर म.सा. ने समवशरण में पूछे गए प्रश्नों के सरल एवं सटीक उत्तर दिए। प्रचार समिति के नितिन पाटोदी ने बताया कि दोपहर में ज्ञान कल्याणक की सभी क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य अजीत जैन एवं नितिन झांझरी के निर्देशन में संपन्न हुई। संध्या को आरती की बोली पार्श्वनाथ युवा मंडल अंजनी नगर क नाम रही। रात्रि में महोत्सव की अविरल धारा के तहत ‘मनोरमा सती’ नाटक का मंचन किया गया, जिसमें पांडाल से लेकर बाहर सड़क तक बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। संचालन विकास रारा ने किया और आभार माना ऋषभ पाटनी ने।

आज कार्यक्रम

महोत्सव में बुधवार 15 जून को प्रातः 6 बजे जाप्यानुष्ठान, प्रातः 7 बजे अभिषेक,  शांतिधारा, 7.45 बजे मोक्ष कल्याणक पूजा, 8.15 बजे हवन पूर्णाहुति, 8.45 बजे प्रवचन एवं आशीर्वाद सभा 10.30 बजे शोभायात्रा पांडाल से मंदिर तक, 11.40 बजे वेदिका पर प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही छह दिवसीय पंच कल्याणक महोत्सव का समापन हो जाएगा।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।