कोरोनाकाल के 2 साल बाद पर्यटन स्थलों पर फिर लौटी रौनक, वीकेंड पर लगभग सभी शासकीय और निजी होटलों में बुकिंग हो रही फुल

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

इंदौर. प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कोरोना महामारी के चलते लोखड़ौन के कारण 2 साल बाद पर्यटन स्थलों पर फिर रौनक लौट आई हैं। शहर के आसपास शनिवार-रविवार को पर्यटक स्थलों पर लगभग सभी शासकीय और निजी होटलों में बुकिंग फुल हो रही हैं।

होटलों के लिए लोगों को एडवांस बुङ्क्षकग कर इंतजार करना पड़ रहा हैं। शहर के आसपास पातालपानी, मांडव, हनुवंतिया, चोरल, गांधीसागर, उज्जैन, सैलानी टापू आदि जगहों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। शहर के साथ ही बाहरी पर्यटक भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं।

दो साल से इन स्थानों पर विदेशी पर्यटक भी नहीं आ रहे थे, लेकिन इस बार यह भी नजर आने लगे हैं। इन स्थानों की हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने के कारण इन स्थानों पर कारोबार में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। शहर के टूर-ट्रेवल्स संचालकों के पास भी स्थलों पर जाने के लिए बुङ्क्षकग आ रही हैं।

अगस्त के लिए हो रही बुकिंग
अगस्त माह में छुट्टियां अधिक होने व सावन का माह होने के कारण विभाग के पास अभी से ठहरने के लिए पर्यटकों की बुङ्क्षकग आ रही हैं। सभी पर्यटकों के लिए एडवांस बुङ्क्षकग हो रही हैं। इन दिनों में सभी पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या भी अधिक रहेगी।

हनुवंतिया में कम पड़ रही सुविधाएं
हनुवंतिया में विभाग ने 10 काटेज बनाए है, लेकिन यह भी अब कम पडऩे लगे हैं। इनकी बुङ्क्षकग के लिए पर्यटकों को इंतजार करना पड़ रहा हैं। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां कई तरह की एक्टिविटी भी पर्यटकों के लिए शुरु कर दी हैं।

मांडव में उमड़ रहा पर्यटकों का सैलाब
मांडव में भी पर्यटक उमड़ रहे हैं। यहां के किले विश्व प्रसिध्द है, साथ ही हरियाली भी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करती हैं। जिसे निहारने के लिए यहां रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां विभाग ने हाल ही में 16 नए कमरों का निर्माण किया हैं।

पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट आई हैं। शनिवार के दिन सबसे ज्यादा बुङ्क्षकग आ रही हैं। साथ ही सबसे ज्यादा एडवांस बुङ्क्षकग हमारे पास अगस्त माह के लिए आ रही हैं। -एनके स्वर्णकार, क्षेत्रीय मैनेजर

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।