Indore Top News – इन्दौर में खान पान की दुकानें 24 घंटे खुलने के साथ रात्रिकालीन सिटी बसें भी चलेंगी 

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Indore News। प्रशासन ने इन्दौर शहर के कुछ हिस्सों को आईटी और स्टार्टअप कंपनियों के लिए 24 घंटे खोलने की योजना पर काम शुरू कर दिया है, अभी बीआरटीएस कॉरिडोर और उसके दोनों तरफ 100-100 मीटर के दायरे में आने वाले खानपान और अन्य प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी।
होटल, बार बंद ही रहेंगे।
इसके साथ ही बीआरटीएस पर दौड़ने वाली आई बसों की सुविधा भी रात में मिलेगी। हर आधे घंटे में ये बसें चलाने की भी तैयारी की जा रही है। अभी बीआरटीएस पर वातानुकूलित लगभग 55 आई बसें दौड़ती है, जिनमें से अभी रात में 8 से 10 बसें चलाई जा सकती हैं। बसों की संख्या कम-ज्यादा आने वाले दिनों में मिलने वाले यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्दौर में जो स्टार्टअप कॉन्क्लेव पिछले दिनों ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की थी, उस अवसर पर यह भी घोषणा की थी कि इन्दौर में 24 घंटे दुकानें, बाजार खुले रह सकते हैं।
दरअसल, स्टार्टअप के साथ-साथ कई बड़ी आईटी कंपनियां इन्दौर आ गई है और उनके कॉल सेंटर से लेकर अन्य ऑफिस रातभर खुले रहते हैं, जिनमें काम करने वाले कर्मचारियों को खान-पान से लेकर कई अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती है।
लिहाजा स्टार्टअप कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ही शासन-प्रशासन के समक्ष यह मांग रखी थी कि रात में भी रेस्टोरेंट सहित खाने की दुकानें खुली रहें।
नतीजतन अभी शनिवार को एआईसीटीएसएल मुख्यालय पर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि अभी बीआरटीएस के आसपास के 100 मीटर के दायरे में आने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, जिसमें शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट व खान-पान सहित अन्य दुकानें शामिल रहेंगी, उन्हें खोलने की अनुमति दी जाए।
निरंजनपुर चौराहा से विजय नगर चौराहा तक ये दुकानें, हाट बाजार और रात्रिकालीन बाजार खुले रहेंगे, जिसमें साफ-सफाई, यातायात, नागरिकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों द्वारा ली जाएगी। इस संबंध में प्रतिष्ठानों, दुकानों के प्रबंधकों से भी चर्चा की जाएगी।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।