सावधान! इंदौर में सक्रिय है ‘एटीएम एक्सचेंज’ गैंग: मदद के बहाने बुजुर्ग को लगाया 55 हजार का चूना, 24 घंटे में 3 गिरफ्तार

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इंदौर। इंदौर की परदेशीपुरा थाना पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाश उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के भिंड के रहने वाले हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से शहर में वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
मदद का नाटक और चंद सेकंड में कार्ड पार
घटना 2 जनवरी की सुबह नंदनगर स्थित एसबीआई एटीएम की है। फरियादी राजेश जोशी जब पैसे निकालने पहुंचे, तो मशीन में आई तकनीकी दिक्कत का फायदा उठाकर वहां मौजूद तीन युवकों ने मदद की पेशकश की। बातों में उलझाकर बदमाशों ने बुजुर्ग का असली कार्ड बदल लिया और उन्हें दूसरा फर्जी कार्ड थमा दिया। जोशी के वहां से निकलते ही उनके मोबाइल पर 55,000 रुपये कटने के मैसेज आने लगे।
पुलिस की घेराबंदी और फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी आर.डी. कानवा की टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों का हुलिया और उनकी बिना नंबर की पल्सर बाइक की पहचान हुई।
अगले ही दिन, 3 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि उसी हुलिए के तीन युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक पर परदेशीपुरा क्षेत्र में किसी नए शिकार की तलाश में घूम रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर रोहित भदौरिया (भिंड), हर्षवर्धन चौहान (मैनपुरी, यूपी) और अंकित परिहार (मैनपुरी, यूपी) को धर दबोचा।
ठगी के पैसों का डिजिटल खेल
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगी के 55,000 रुपयों में से 40,000 रुपये उन्होंने तुरंत अपने निजी बैंक खातों में जमा (Deposit) कर दिए थे, ताकि पुलिस उन्हें नकद राशि के साथ न पकड़ सके। पुलिस अब इन खातों को फ्रीज करने और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है।
पुलिस टीम की सफलता
इस त्वरित कार्रवाई में परदेशीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कानवा, उपनिरीक्षक दीपक जामोद, प्रधान आरक्षक राजकुमार दुबे और आरक्षक मोहरसिंह, जैवेन्द्र व जितेन्द्र की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की सलाह:
* एटीएम के अंदर किसी भी अपरिचित व्यक्ति से मदद न लें।
* अपना पिन डालते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढकें।
* कार्ड वापस लेते समय नाम और कार्ड नंबर की जांच जरूर करें।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।