कुछ तो हे जो नहीं किया करते

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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शायर एवं रचयिता
साहिल (राकेश मालवीय)

जिसको चाहते हैं हम उसका दिल तोड़ा नहीं करते ।
सागर जैसी आंखों में नमक ज्यादा हो जाए तो अश्कों को आने दिया नहीं करते ।।
गर जमाना लड़ाए  हम दोनों को तो लड़ा नहीं करते ।
प्यार में दिल दिया जाता है जान दिया नहीं करते ।।
प्यार गहरा इतना हो कि समुंदर छोटा हो मगर ।
प्यार को कैद किया नहीं करते ।।
जिस जगह ना हो कदर प्यार की ।
उस  जगह जाया नहीं करते ।।
अपनी तो आदत है कि जहर कितना भी अच्छा हो पिया नहीं करते ।।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।