शायर एवं रचयिता
साहिल (राकेश मालवीय)
जिसको चाहते हैं हम उसका दिल तोड़ा नहीं करते ।
सागर जैसी आंखों में नमक ज्यादा हो जाए तो अश्कों को आने दिया नहीं करते ।।
गर जमाना लड़ाए हम दोनों को तो लड़ा नहीं करते ।
प्यार में दिल दिया जाता है जान दिया नहीं करते ।।
प्यार गहरा इतना हो कि समुंदर छोटा हो मगर ।
प्यार को कैद किया नहीं करते ।।
जिस जगह ना हो कदर प्यार की ।
उस जगह जाया नहीं करते ।।
अपनी तो आदत है कि जहर कितना भी अच्छा हो पिया नहीं करते ।।


