अरविन्द सिंह लोधी
दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सागोनी के जंगल में मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। फ्यूजन फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट विनोद अहिरवार की हत्या महज एक लाख रुपए लूटने के इरादे से की गई थी। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी गोविंद आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया है।
किस्त देने के बहाने बुलाकर रची साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी गोविंद आदिवासी की मां ने फ्यूजन फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। इसकी किस्त वसूलने विनोद अहिरवार अक्सर उनके घर जाया करता था। 27 जनवरी को आरोपी ने साजिश के तहत विनोद को फोन कर उमरघाट बुलाया और यह कहकर झांसा दिया कि वह अपनी मां के लोन की दूसरी किस्त भी चुकाना चाहता है।
किस्त मिलने की उम्मीद में विनोद वहां पहुंचा, जिसके बाद आरोपी उसे अपनी बाइक पर बैठाकर सागोनी के जंगल की ओर ले गया।
पत्थर से सिर कुचलकर की हत्या, पैसे लेकर फरार
जंगल के सुनसान इलाके में पहुंचते ही आरोपी ने विनोद पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने पत्थर से सिर कुचलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी और उसके पास मौजूद कलेक्शन के करीब एक लाख रुपए लेकर फरार हो गया। 28 जनवरी की सुबह विनोद का शव लहूलुहान हालत में पत्थरों के बीच दबा मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
लूट की रकम और मोबाइल बरामद
तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया कि आरोपी के कब्जे से लूटे गए एक लाख रुपए में से 80 हजार रुपए बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी ने लूट की रकम से एक नया मोबाइल फोन भी खरीदा था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इसके अलावा मृतक विनोद का मोबाइल भी आरोपी के पास से बरामद हुआ है।
चरवाहे ने देखा शव, सरपंच को दी सूचना
जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद उसने तत्काल इसकी सूचना सरपंच को दी। सरपंच ने पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे।
परिजनों ने जताया संदेह, पुलिस ने स्पष्ट की स्थिति
मृतक के चचेरे भाई सुनील अहिरवार ने बताया कि विनोद के सिर के पास एक छेद था, जिससे गोली मारे जाने का संदेह हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि लूट के उद्देश्य से हत्या की गई है और सिर पर दो बड़े पत्थर भी पटके गए थे।
वहीं मृतक के बड़े भाई सुदामा अहिरवार ने बताया कि विनोद के पास कलेक्शन के एक लाख 14 हजार रुपए थे, जो उसकी जेब से नहीं मिले। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि हत्या पत्थर से सिर कुचलकर की गई है। हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
कंपनी और ग्रामीणों में आक्रोश
फ्यूजन फाइनेंस कंपनी के एरिया मैनेजर अमन मिश्रा ने बताया कि विनोद के पास एक लाख 14 हजार रुपए का कलेक्शन था, जो अब तक बरामद नहीं हुआ है। मंगलवार शाम उसका मोबाइल बंद होने के बाद परिजनों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार को उसकी हत्या की खबर सामने आई।
मृतक के पड़ोसी रामेश्वर विश्वकर्मा ने बताया कि विनोद अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसके एक बेटा और एक बेटी है। वह बेहद सीधा-साधा और मेहनती व्यक्ति था। गांव में उसकी हत्या से शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

