9 हाथियों के दल ने शहडोल में कई घरों को तोड़ा,महुआ के महक के कारण नहीं जा रहे हाथी, अब नाइट विजन ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

भोपाल । प्रदेश के कई जिलों में इनदिनों गजराज का आतंक जारी है। बांसा में एक बार फिर हाथियों ने जमकर आतंक मचाया। हाथियों के दल ने कई कच्चे घरों को तोड़ दिया। वहीं हाथियों का दल मासियारी गांव में डेरा जमाए है।
मासियारी गांव में हाथियों का झुंड पिछले पांच दिन से डेरा जमाए हुए है। महुआ के महक के कारण हाथियों का दल आगे नहीं जा रहा है। हाथियों का दल दिन में आराम करता है।
वहीं रात में कोहराम मचाते हुए घरों को तोड़ रहे हैं। संजय रिजर्व टाइगर से आया हाथियों का दल अब तक 5 ग्रामीणों को कुचल कर मौत के घाट उतार चुका है।
वहीं रात में आतंक मचाने के कारण वन विभाग अब नाइट विजन ड्रोन कैमरे से हाथियों की निगरानी करेगी। पन्ना टाइगर रिजर्व से नाइट विजन के ड्रोन कैमरा आ गया है। पुलिस विभाग के भी ड्रोन कैमरों से हाथियों की निगरानी हो रही है।
वन विभाग, राजस्व और पुलिस विभाग की सयुक्त टीम निगरानी जांच कर रही है। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।

12 गांवों के 350 लोगों को शिफ्ट किया

हाथियों से आतंक के कारण ग्रामीणों दहशत में जी रहे हैं। शासन ने एहतियातन हाथियों के रास्ते में आने वाले 12 गांवों के 350 लोगों को पंचायत और स्कूल भवनों में शिफ्ट किया है।
ये टीम हाथियों से 100 से 200 मीटर की दूरी पर पटाखा, ट्रेंकुलाइज गन, लाठी और मशाल लेकर हाथियों को वपास लौटने का प्रयास कर रही है। संजय रिजर्व टाइगर से आया हाथियों का दल अब तक 5 ग्रामीणो को कुचल कर मौत के घाट उतार चुका है।
एनजीओ के माध्यम से हाथियों की हो रही निगरानी
हाथियों के संरक्षण में एनजीओ भी गाइडेन्स का काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कलकत्ता के एनजीओ के माध्यम से हाथियों की निगरानी की जा रही है। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।
Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।