भोपाल : दूसरी पत्नी मकान अपने नाम करने का बार-बार दबाव बना रही थी, बेटे संग मिलकर कर दी पति की हत्या

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sadbhawnapaati
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भोपाल के हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक के ड्राइवर अमर सिंह की हत्या उसकी दूसरी पत्नी ने अपने बेटे के मिलकर की। दूसरी पत्नी अमर सिंह से पहली पत्नी के नाम मकान को अपने नाम करने का कह रही थी।

छोला थाना पुलिस के अनुसार 55 वर्षीय अमर सिंह परिवार के साथ लाल कोटी भानपुर के पास रहते थे। वे हमीदिया अस्पताल में सरकारी ड्राइवर थे। अभी हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर दीपक मरावी की गाड़ी चला रहे थे। अमर सिंह ने पहली पत्नी की मौत के बाद डेढ़ साल पहले दूसरी शादी शांति कुशवाह से की। शांति कुशवाह के पहले से दो बेटे और एक बेटी थी। अमर सिंह की दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो गई। सोमवार को अमर सिंह घर पहुंचे तो पत्नी ने मंदिर में भंडारा खाने चलने की बात कही। दो बाइक पर सवार होकर निकले। रास्ते में शांति कुशवाह ने मालीखेड़ी पुलिया के पास अमर सिंह को रूकने को कहा, जहां शांति का बड़ा बेटा शिवराज भी पहुंच गया। उसने अमर सिंह पर धारदार हथियार और पत्थर से वार कर हत्या कर दी। दोनों शव पुलिया के नीचे फेंक कर घर आ गए।

ऐसे हुआ खुलासा

अमर सिंह के रिश्तेदार रात में उनकी तलाश कर रहे थे। साथ ही शिवराज भी था। उसके हाथ पर खून लगा था। जिसके बारे में पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा था। इस संबंध में पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने शिवराज से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया।

पहली पत्नी के नाम मकान

अमर सिंह का मकान उनकी पहली पत्नी के नाम पर है। जिसमें वह शांति देवी और उसके तीनों बच्चों के साथ रहते थे। दूसरी पत्नी मकान अपने नाम करने का बार-बार दबाव बना रही थी। अमर सिंह ने मकान उसके नाम करने से मना कर दिया था।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।