इंदौर में बैंककर्मियों की बड़ी हड़ताल -इंदौर की 600 बैंक शाखाएं पूरी तरह रहेंगी बंद, चेक भी नहीं होंगे क्लियर

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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सार्वजनिक क्षेत्र की दो बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंकों की दो दिन की देशव्यापी हड़ताल सोमवार से शुरू हो रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हो रही हड़ताल में इंदौर में करीब 600 बैंक शाखाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी और इनके 4800 अधिकारी, कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के कारण चेक क्लियर नहीं होंगे, लेकिन ATM की सेवाएं जारी रहेंगी।

यूनियंस के संयोजक मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया कि इस हड़ताल में को-ऑपरेटिव और कुछ निजी बैंक शामिल नहीं हैं, लेकिन बाकी सभी बैंक बंद रहेंगी। हड़ताल के चलते इंदौर में हर दिन होने वाला करीब 400 करोड़ का लेन-देन प्रभावित होगा और चेक भी क्लियरिंग में नहीं आ सकेंगे। कोविड के चलते कोई सभा और रैली नहीं निकाली जाएगी और अलग-अलग परिसरों में हड़तालकर्मी पोस्टर, बैनर लेकर मांगों के लिए सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक प्रदर्शन करेंगे।

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UFBU में शामिल 9 यूनियन

हड़ताल का नेतृत्व करने वाली UFBU संस्था 9 यूनियनों का नेतृत्व करती है। सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA), बैंक एंप्लॉइज ऑफ इंडिया (BEFI), भारतीय राष्ट्रीय बैंक कर्मचारी महासंघ (INBEF), भारतीय राष्ट्रीय बैंक अधिकारी कांग्रेस (INBOC), नेशनल बैंक ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) और नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) शामिल हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।
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