प्रदेश में ई-स्कूटर में आग का पहला मामला, चार्जिंग के दौरान लगी आग, टू-व्हीलर पूरी तरह जल गया 

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sadbhawnapaati
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ई-वाहन में आग लगने का मध्य प्रदेश का पहला मामला सामने आया है। भोपाल के निशातपुरा इलाके में ई-स्कूटर में चार्जिंग के दौरान बैटरी में ब्लास्ट होकर आग लग गई है। कुछ ही देर में टू-व्हीलर पूरी तरह जल गया।

भोपाल क्राइम ब्रांच में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ राहुल गुरु परिवार के साथ निशानतपुरा नए जेल रोड पर रहते हैं। उन्होंने अपनी बेटी को दो महीने पहले काया कंपनी का ई-स्कूटर खरीदकर दिया था।

89 हजार में खरीदा ई-स्कूटर शनिवार रात करीब 10 बजे घर की पार्किंग में चार्जिंग में लगा था। परिवार के सभी सदस्य घर में थे। तभी अचानक पार्किंग में तेज धमाका हुआ। नीचे जाकर देखा तो बिजली बोर्ड और स्कूटर जल रहा था।

घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, जिसने आग पर काबू पाया। हालांकि कुछ ही देर में ही पूरा स्कूटर जल गया, सिर्फ लोहे का ढांचा बचा। जानकारी के अनुसार गाड़ी की बैटरी में तेज धमाका होने के बाद आग लगने की बात कही जा रही है।

बता दें देश में एक महीने में ई-व्हीकल में आग लगने की 7 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। 23 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

उसने एक दिन पहले ही बूम मोटर्स की इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदी थी और चार्जिंग के लिए अपने कमरे में लगाया था। चार्जिंग के दौरान बैटरी में फटने के हादसे में जलने और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। बच्चे और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।