अतिथि विद्वान एवं असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में प्रदेश के मूल निवासियों को मिले प्राथमिकता 

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उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त के नाम सौंपा गया ज्ञापन

देवेन्द्र मालवीय.

भोपाल – सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग सतपुड़ा भवन पहुंचकर नेट/सेट /पीएचडी धारकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग के नाम प्रदेश में शीघ्र सहायक प्राध्यापक भर्ती  हेतु विज्ञप्ति जारी करने के संदर्भ में ज्ञापन पत्र सौंपा, ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश के मूल निवासियों को पहली प्राथमिकता दिलाने की मांग की गई है.

3 वर्षों बाद नवीनतम आवेदकों के लिए अतिथि विद्वान भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है जिसमें बाहरी अभ्यर्थियों के भी आवेदन लिए जा रहे हैं.

स्थानीय उम्मीदवारों की मांग है कि अतिथि विद्वान भर्ती में भी पहली प्राथमिकता प्रदेश के मूल निवासियों की होना चाहिए, बाहरी अभ्यार्थियों को अतिथि विद्वान भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखना चाहिए जिससे कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके.

नेट/सेट,पीएचडी संघ के पदाधिकारी डॉ.घनश्याम गेडाम एवं रणजीत गौर ने बतलाया कि अन्य राज्यों द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती में बाहरी अभ्यर्थियों के लिए कोटा निर्धारित किया जाता है परंतु मध्यप्रदेश में कोई कोटा निर्धारित नहीं किया गया है जिससे प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के अधिकारों का हनन हो रहा है.
वहीं दूसरी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बार-बार प्रदेश के मूल निवासियों को रोजगार देने की बात कही जा रही है उसके बावजूद भी शासकीय नौकरियों में बाहरी अभ्यर्थियों के लिए कोई रोक-टोक नहीं है !

ज्ञात हो कि पिछले कई वर्षों से प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में स्थाई असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्तियां नहीं हुई है जबकि प्रदेश में हजारों नेट,सेट एवं पीएचडी धारक शिक्षित युवा बेरोज़गार घूम रहे हैं.

कई दिनों से उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव प्रदेश में लगभग 10,000 प्रोफेसरों की भर्ती की बात कर रहे थे परंतु पिछले दिनों उन्होंने सिर्फ 1,500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती की बात कही है जिससे प्रदेश के अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है और उन्होंने मांग की है कि अधिकतम रिक्त पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए अपनी मांगों को लेकर अभ्यार्थियों ने उच्च शिक्षा मंत्री जी के बंगले के सामने सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन भी किया.

ज्ञापन पत्र सौंपने वालों में प्रमुख रूप से रणजीत गौर, डॉ.देवेन्द्र बघेल, अंकुर नाविक, कमलेश पटेल, कमल सिंह भूरिया, गोविंद, डॉ.इंदु डूंडवे, शिवराज सिंह, कनेश, डॉ.जुवानसिंह ,डॉ.बिरज मुवेल,राजा डाबर आदि उपस्थित रहे.

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