Indore News – कॉलोनी सेल को लेकर प्रशासन करेगा सुधार अब हर फाइल की कम्प्यूटर में एंट्री होगी

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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कलेक्टोरेट की कॉलोनी सेल में कॉलोनाइजर लाइसेंस के साथ ही विकास मंजूरी और कार्य पूर्णता मिलने में हो रही देरी की लगातार आ रही शिकायतों के बाद कलेक्टर ने इसे लेकर सख्ती शुरू कर दी है। क्रेडाई व अन्य कॉलोनाइजरों द्वारा बताई गई समस्याओं के बाद कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर कॉलोनी सेल के नोडल अधिकारी व अपर कलेक्टर राजेश राठौड़ ने शुक्रवार को कॉलोनी सेल की बैठक ली ।

एक-एक फाइल, इसमें लगने वाले आवेदन और होने वाली देरी को समझा। सामने आया कि कई फाइलों में बेवजह देरी होती है। मंजूरी प्रक्रिया में कई विभाग शामिल हैं और वहां से भी मंजूरियां आने, खासकर पुलिस से रिपोर्ट आने में समय लगता है। इसके लिए तय किया गया कि हर फाइल की कम्प्यूटर में एंट्री होगी। हर दिन का अपडेशन होगा कि फाइल अभी किस स्टेज पर और कहां लंबित है। साथ ही किसी फाइल के लगने पर उसकी एक बार में पूरी स्टडी की जाएगी कि किन दस्तावेजों की इसमें कमी है, वह लिखित में कॉलोनाइजर को एक बार में ही दिया जाएगा। दस्तावेज लगाने के बाद फाइल फिर आगे बढ़ेगी और इसमें लगातार ट्रैकिंग की जाएगी।

अब 1959 से ही जमीन के रिकॉर्ड लगेंगे.

कॉलोनी काम में अब 1925 की जगह 1959 से ही जमीन के रिकॉर्ड लगेंगे। अपर कलेक्टर राठौड़ ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश के बाद यह बदलाव कर आदेश जारी हो रहे हैं। 1925 मीसल बंदोबस्त की जरूरत होने पर ही ये लिए जाएंगे। बाकी कॉलोनी सेल अपने स्तर पर दस्तावेजों की जांच कर आगे मंजूरी के लिए भेजेगा।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।