Indore News – इंदौर की धरोहर “लालबाग पैलेस” की सुरक्षा पर सेंध, करोड़ों की लागत से बनी सुरक्षा दीवार में से लोहे की जालियां निकाल ले उड़े नशाखोर

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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लालबाग पैलेस की सुरक्षा दीवार पुरातत्व विभाग, पर्यटन विभाग और विकास प्राधिकरण ने करोड़ों रुपए की लागत से बनाई थी। अब लालबाग की सुरक्षा पर ही एक तरह से सेंध लगा है और सुरक्षा दीवार की लोहे की जालियां नशाखोरी करने वाले उखाड़ कर ले गए हैं।
कर्बला की ओर से लालबाग पैलेस की सुरक्षा दीवार विकास प्राधिकरण ने बनाई। तकरीबन 2 करोड रुपए पुरातत्व विभाग ने खर्च किए और 5 करोड़ रुपए पर्यटन विभाग के खर्च करने के बावजूद न तो सुरक्षा हो रही है और ना ही दीवार टिक पाई है। बीते 18 वर्ष पूर्व ही सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया और नतीजा मुख्य गेट को छोड़कर चारों ओर से लालबाग पैलेस परिसर खुला हुआ है। इस इलाके में कहीं से भी वाहन चालक अंदर आ जा सकते हैं जिसमें कोई सुरक्षा नहीं है। यहां के कर्मचारियों का कहना है कि असामाजिक तत्व यहां दिनभर नशाखोरी करते हैं और पुलिस जवानों के भी नहीं रहने से परेशानी और बढ़ रही है। असामाजिक तत्व नशाखोरी करने के साथ ही यहां पर आए दिन चोरियां करते हैं जिसको लेकर हमने थाना अन्नपूर्णा में भी शिकायत की है परंतु कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लालबाग पैलेस प्रभारी डीपी पांडे ने बताया कि हम ने पुलिस को भी खबर की है परंतु असामाजिक तत्वों का काम है जो लोहे की जालियां निकाल कर ले जाते हैं। हमने पुरातत्व विभाग को भी दीवार की सूचना दी है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।