Indore News – निगम का खजाना भरा: लोक अदालत में राजस्व में आए 50 करोड़ से अधिक, निजी कंपनी और विकास प्राधिकरण ने ही करोड़ों जमा कराए

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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Indore News। नगर निगम द्वारा साल के अंत में राजस्व वसूली को लेकर शनिवार को शहर भर के सभी 19 जोन में लोक अदालत लगाई गई थी। इसमें शनिवार को कई सालों का रिकॉर्ड टूटा है।
एक निजी कंपनी और विकास प्राधिकरण ने ही करोड़ों रुपए जमा कराए हैं। रात तक राजस्व का आंकड़ा करीब 50 करोड़ के अधिक पहुंचा है। कोरोना काल के बाद यह सबसे बड़ी राशि निगम के खजाने में जमा हुई है।
कमिश्नर प्रतिभा पाल के मुताबिक नगर निगम के साथ शहर भर के करीब 19 जोन में लोक अदालत लगी थी। निगम के खजाने में करीब 50 करोड़ से अधिक की राशि आई है। कोरोना काल के बाद यह अब तक की वसूली की सबसे ज्यादा राशि है हजारों लोगों ने संपत्ति कर और जलकर जमा कराया है।
जानकारी के मुताबिक विकास प्राधिकरण की सम्पत्तियों को लेकर भी लोक अदालत में सेटलमैट किए गए। इसमें शनिवार सुबह ही 12 करोड़ का चेक निगम को सौंपा था।
इसके साथ ही इकोसिस में अपनी संपत्ति को लेकर करीब 10 करोड़ 40 लाख का बैंक निगम को साथ इसमें दोपहर तक ही वसूली का आंकड़ा 35 करोड़ के ऊपर पहुंच गया था।
छले दिनों संभागायुक्त कलेक्टर बनगर निगम के अधिकारियों ने कचरा शुल्क के साथ अन्य शुल्क जमा कराए थे। शहर की जनता से अपील की गई थी।
इसी कड़ी में हाईकोर्ट रजिस्ट्रार बीके द्विवेदी ने अपने निवास का शुल्क जमा कराया। वहीं, जिला न्यायाधीश डी के पालीवाल, न्याय मनीष श्रीवास्तव ने भी कबरा शुल्क संपत्ति कर की राशि निगम अधिकारियों को सौंपी है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।