Indore News – मेडिकल संगठनों की नाराजगी: सरकार ब्यूरोक्रेट्स को सौंप रही स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में एडीएम की नियुक्ति के विरोध में दिनांक 06/01/2022 मेडिकल संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम कमिश्नर इंदौर को सुबह 11:30 बजे ज्ञापन दिया। इस दौरान कहा गया कि मोदी जी जहाँ नवाचार में विशेषज्ञों की सेवाएं ले रही हैं, वही प्रदेश सरकार आय एस एस के भरोसे अंग्रेजों के शासन की याद दिला रही है। सरकार ने आज तक 13 में से 11 कॉलेज में पूर्णकालिक डीन नियुक्त नहीं किये, स्वास्थ्य विभाग नॉन फंक्शनल बन गया है, केवल 40 % कर्मचारी ही नियुक्त है, 60% सीट खाली है मेडिकल कॉलेजों में, अस्पताल प्रबंधक बायोमेडिकल इंजीनियर जैसे पद होने के बावजूद खाली है।
इस दौरान आईएमए इंदौर के अध्यक्ष डॉ सुमित शुक्ला, मेडिकल टीचर एसोसिएशन एमजीएमएमसी की अध्यक्ष डॉ पूनम माथुर, सचिव डॉ अशोक ठाकुर, एमजीएमएमसी एलुमनी एसो. के , सचिव डॉ संजय लोंढे, जेडीए इंदौर के सभी सदस्य, अजाक्स के जिलाध्यक्ष करण भगत, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के विभागीय अध्यक्ष गोपाल बहाड, नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश जाट, नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पाठक, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गिलके, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रांतीय सचिव दिलीप पाटिल, लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष भीम सिंह कुशवाह, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार पांडे सहित बड़ी संख्या में डाक्टर्स, नर्सेस एवं कर्मचारी अधिकारी शामिल थे।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।