केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय कैलेंडर बनाने की पहल, उज्जैन में 22-23 अप्रैल को जुटेंगे देशभर के 300 विद्वान, पंचागों की प्रदर्शनी भी लगेगी

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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इन्दौर। परशुराम महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा एवं प्रदेश प्रभारी पं. संजय मिश्रा ने केन्द्र सरकार द्वारा अंग्रेजी कैलेंडर के बजाय भारतीय कैलेंडर को मान्यता देने की सार्थक पहल करने का स्वागत किया है। इसके लिए उज्जैन में 22-23 अप्रैल को विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में देशभर के विद्वानों की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पंचांगों की प्रदर्शनी का आयोजन किया है।
परशुराम महासभा ने कई बार देश में एक समान तिथि, वार, त्योहार तय करने की मांग उठाई है। सामान्यतः विभिन्न अंचलों के पंचांगों के कारण हमारे तीज-त्योहार, व्रत आदि की तिथियों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। महासभा ने देश में अंग्रेजी कैलेंडर की जगह भारतीय कैलेंडर को मान्यता देने की मांग भी उठाई थी। अब केन्द्र सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के संदर्भ में केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान प्रसार, भारतीय तारा भौतिकी संस्थान, खगोल विज्ञान केन्द्र, विज्ञान भारती, धारा, म.प्र विज्ञान-प्रौद्योगिकी परिषद विक्रम विश्वविद्यालय व पाणिनी संस्कृत वि.वि. उज्जैन की भागीदारी में 22-23 अप्रैल को उज्जैन में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पंचागों की प्रदर्शनी का आयोजन रखा है। इसमें विभिन्न विभाग एवं अन्य केन्द्रों से आए विद्वान मिलकर एक भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर की रचना के लिए मंथन करेंगे। इस आयोजन में देशभर के प्रख्यात 300 विद्वान भाग लेंगे। परशुराम महासभा की ओर से इन्दौर होकर उज्जैन जाने वाले विद्वानों का सम्मान किया जाएगा।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।