“पृथ्वी पर न्याय करने आए शनि देव — राजा सूर्य चला प्रजा के घर”
मकर संक्रांति 2026 से शुरू हुआ कर्मों के फल का काल
मकर संक्रांति 2026 से शुरू हुआ कर्मों के फल का काल
✍️ ज्योतिषीय विश्लेषण:
श्री विनोद जैन, ज्योतिषाचार्य, इंदौर
इंदौर। ज्योतिषीय दृष्टि से मकर संक्रांति 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कालखंड लेकर आ रही है। 18 जनवरी 2026 रात 12:03:16 बजे से 19 जनवरी 2026 सुबह 01:20:59 बजे तक सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ऐसा दुर्लभ योग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में “राजा का प्रजा के घर जाना” कहा गया है। यह संकेत है कि सत्ता, शासन और शक्ति को अब कर्मों का हिसाब देना होगा।
पंचग्रह योग का निर्माण –
18 जनवरी 2026, रविवार को शाम 04:40 बजे चंद्रमा मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के मकर राशि में प्रवेश करते ही पंचग्रह योग का निर्माण होगा। इस अद्भुत और अकल्पनीय योग में—सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध और शुक्र — ये पाँचों ग्रह शनि की राशि मकर में एक साथ विराजमान होंगे। ये सभी ग्रह सूर्य के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा में स्थित रहेंगे। यह योग अत्यंत दुर्लभ है और इसे कर्मों के न्याय का काल माना जा रहा है।
शनि देव का न्याय: कर्मों का फल मिलेगा –
इस समय शनि ग्रह स्वयं मीन राशि में, अपने ही नक्षत्र उत्तर भाद्रपद में विराजमान रहेंगे। इस कारण मकर राशि में स्थित सभी ग्रहों को अपने-अपने कर्मों का परिणाम न्यायाधीश शनि देव को सौंपना होगा। यह काल स्पष्ट संकेत देता है कि—जो व्यक्ति, संस्थान, सरकारें और संगठन ईमानदारी, सत्य और प्रकृति को साक्षी मानकर कार्य करते आए हैं, उन्हें उन्नति, संपत्ति वृद्धि और जीवन में स्थिरता मिलेगी। वहीं जो लोग अन्याय, भ्रष्टाचार, छल या प्रकृति के विरुद्ध कार्यों से धन या शक्ति अर्जित करते आए हैं, उन्हें शनि देव दंड देकर सही मार्ग पर लाने का कार्य करेंगे।
सूर्य ग्रह: सत्ता और सरकारों का हिसाब –
जब सूर्य ग्रह शनि के घर मकर राशि में प्रवेश करता है, तो यह संकेत देता है कि—केंद्र और राज्य सरकारों, मंत्रिमंडलों, प्रशासन, बड़ी कंपनियों, सीईओ, एनजीओ और सभी जिम्मेदार संस्थाओं को अपने पिछले वर्षों के कार्यों का उत्तर देना होगा। इस बड़े परिवर्तन के चलते—केंद्र और राज्य सरकारों में बड़े मंत्रिमंडलीय बदलाव संभव हैं। मध्यप्रदेश सरकार में इंदौर से एक महिला को प्रतिनिधित्व मिलने का योग भी बनता दिखाई दे रहा है। यदि जवाबदेही नहीं निभाई गई, तो जनता विरोध में खड़ी होगी, शनि देव स्वयं जनता के माध्यम से न्याय दिलाने का कार्य करेंगे।
चंद्र ग्रह: मानसिक अस्थिरता से समाधान की ओर –
इस समय चंद्र ग्रह अस्त हैं और अमावस्या तिथि होने के कारण मन में व्याकुलता, भ्रम, मानसिक तनाव और विकल्पों की अधिकता रहेगी। लेकिन शनि देव का यह न्यायकाल मन के दोषों, मानसिक विकारों और भावनात्मक असंतुलन को दंड और मार्गदर्शन के माध्यम से सही दिशा में ले जाने का अवसर भी देगा।
मंगल ग्रह: युद्ध और प्रशासनिक अव्यवस्था –
मंगल ग्रह अस्त अवस्था में हैं। इसके प्रभाव से—विश्व में युद्ध की स्थितियाँ बनेंगी, भारत के आसपास भी संघर्ष के संकेत हैं, व्यापार और अर्थव्यवस्था में रुपये की कमी से कठिनाइयाँ बढ़ेंगी, शासन और प्रशासन के बीच तालमेल कमजोर रहेगा, यदि बिगड़े कार्य समय पर नहीं सुधारे गए, तो शनि देव उन्हें जनता के माध्यम से उजागर कर सुधार करवाएंगे।
बुध ग्रह: व्यापार, बाजार और विवेक की परीक्षा –
बुध ग्रह भी अस्त अवस्था में हैं। इससे निर्णयों में भ्रम, गलत सोच और अविवेकपूर्ण फैसले बढ़ेंगे। इस काल में—सोना, चांदी, लोहा, तांबा नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं, फिर गिरावट भी आएगी, शेयर बाजार पहले ऊपर जाएगा, फिर तेजी से नीचे आएगा, लालच में किया गया व्यापार भारी नुकसान दे सकता है। यह बुद्धि की परीक्षा का समय है— सोच-समझकर, शांत रहकर किया गया कार्य ही लाभ देगा।
शुक्र ग्रह: विलासिता से अनुशासन की ओर –
शुक्र ग्रह, जो सुख-सुविधा और ऐश्वर्य का प्रतीक है, अस्त अवस्था में शनि के घर में है। इस कारण—अनावश्यक खर्चों पर रोक लगेगी, आसान पैसों से सुख पाने के मार्ग बंद होंगे, जीवन में अनुशासन और सीमाओं का पाठ पढ़ाया जाएगा, जिन्होंने धन का दुरुपयोग किया है, उन्हें शनि देव सही मार्ग दिखाकर अनुशासित जीवन की ओर ले जाएंगे।
विश्व निष्कर्ष: परिवर्तन की अनिवार्यता –
पूरे विश्व में, युद्ध का माहौल, व्यापार में उथल-पुथल, बड़े देशों द्वारा छोटे देशों पर दबाव, भारत के आसपास अस्थिर वातावरण, लेकिन इसी परिवर्तन के बाद—नई टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, रक्षा, सिंचाई, कृषि, इंजीनियरिंग, उद्योग और नए आर्थिक सिस्टम के माध्यम से विश्व और भारत एक नई दिशा की ओर अग्रसर होंगे। विश्व निष्कर्ष के अनुसार, ताइवान को लेकर चीन के साथ युद्ध की स्थिति, ईरान पर अमेरिका के संभावित सैन्य हस्तक्षेप और भारत के आसपास के क्षेत्रों में संघर्ष की संभावनाएं प्रबल रूप से बनती दिखाई दे रही हैं। ग्रहों की वर्तमान चाल यह संकेत दे रही है कि आने वाले महीनों में विश्व का माहौल युद्ध और तनाव की स्थिति में बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अशांति, सैन्य गतिविधियों में तेजी और राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्थिरता प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
अंतिम संदेश: शनि देव का आशीर्वाद -शनि ग्रह के मीन राशि में, अपने ही नक्षत्र में स्थित होने के कारण—ईमानदार, सत्यनिष्ठ और कर्मशील मानवों को वृद्धि, रिद्धि-सिद्धि, सुख, शांति और निरोगी काया का आशीर्वाद मिलेगा। यह समय डर का नहीं, सुधार और आत्मशुद्धि का है।
🙏 ॐ नमः 🙏

