MP News – MP के तेंदुओं को खर्राटे पसंद नहीं, वन मंत्री ने मजदूर पर हमले की अजीब वजह बताई

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
3 Min Read

Mp News. MP के तेंदुओं को खर्राटे पसंद नहीं हैं। यह हम नहीं, खुद वन मंत्री कुंवर विजय शाह कह रहे हैं। जिसमें वह हंसते हुए बता रहे हैं कि तेंदुए ने मजदूर पर हमला क्यों   किया? मजदूर द्वारा लिए जा रहे खर्राटे की आवाज तेंदुए को पसंद नहीं आई। इस कारण उसने बीच में सो रहे मजदूर के चेहरे पर हमला कर दिया। वन मंत्री के इस तरह से हादसे की वजह बताने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।

बता दें, पचमढ़ी में टेंट में सो रहे मजदूर पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस पर मप्र के वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने हास्यास्पद बयान दिया है। उन्होंने बयान देने के दौरान तीन बार खर्राटे भरने की आवाज निकाली और पूरा मामला हंसते हुए बताया। वह यहीं नहीं रुके, उन्होंने हमले का कारण बताते हुए कहा कि होशंगाबाद के पचमढ़ी के पास नीमघान में 7 मजदूर तंबू लगाकर सो रहे थे। बीच में सो रहा एक मजदूर खर्राटे भर रहा था।

तेंदुए को यह आवाज पसंद नहीं आई। उसे लगा कि मेरी तरह आवाज कैसे निकाल रहा है। इससे नाराज होकर उसने बीच वाले मजदूर पर हमला कर दिया। हमले के बाद नाक और चेहरे को जबड़े में दबाकर वह अपने साथ खींचकर ले जाने लगा।

कांग्रेस ने कहा- गरीब, मजदूरों के लिए भाजपा की सोच घातक है

इधर, वन मंत्री के इस बयान को कांग्रेस ने शर्मनाक बताया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शिवराज चंद्ररोल ने कहा वन मंत्री का बयान शर्मनाक है। गरीब, मजदूरों के लिए भाजपा की ये सोच और संस्कृति कुत्सित और घातक है।

यह है पूरा मामला

चार दिन पहले पचमढ़ी के पास नीमघान गांव के जंगल में पर्यटक स्थल पर पुलिया का निर्माण में लगे मजदूर तंबू में सो रहे थे, तभी तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ, युवक संजू पुत्र महेश (20) को जबड़े में दबाकर ले जाने लगा, तभी संजू के जीजा संदीप तेंदुए से भिड़ गया। उसने तेंदुए के जबड़े में मुक्के मारे, तब जाकर तेंदुए ने युवक को छोड़ा। हमले में युवक के नाक और सिर में चोट आई थी।

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।