MP News – प्रदेश में 1 अप्रैल से सस्ती होगी शराब :  10 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी की जा रही कम 

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मप्र। मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से शराब सस्ती हो जाएगी। देसी शराब का 110 रुपए में मिलने वाला 180 एमएल का पौवा 85 रुपए का हो जाएगा।
विदेशी शराब से 10 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी कम की जा रही है, जिससे यह शराब 50 रुपए से 500 रुपए तक सस्ती होगी।
प्रदेश में देसी शराब सस्ती करने के लिए शराब बनने से लेकर ग्राहक तक पहुंचने की कमाई का मार्जिन घटा दिया गया है।
मंत्रिमंडल समूह की हुई बैठक में हेरिटेज लिकर का पेटेंट कराने पर सहमति बनी है। इससे जनजातियों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सकेगा।
मध्यप्रदेश हेरिटेज (पारंपरिक) शराब नीति 2022 में आदिवासियों को महुए की शराब बनाए जाने को अनुमति दी गई है। फिलहाल, महुआ से शराब बनाया जाना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डिंडोरी और आलीराजपुर में लागू होगा।

4 गुना ज्यादा स्टॉक रख सकेंगे

प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा घोषित नई शराब नीति 1 अप्रैल से लागू होने जा रही है। इसमें खास यह भी होगा कि आम नागरिक, जिनकी सालाना आय 1 करोड़ या अधिक है, वह 50 हजार फीस जमा कर बार का लाइसेंस ले सकेंगे।
अभी व्यक्ति को तीन बोतल सील पैक और एक खुली बोतल या एक पेटी बीयर रखने की अनुमति थी।
नई व्यवस्था के तहत वह इस क्षमता का चार गुना स्टॉक रख सकेगा। बता दें कि प्रदेश में फिलहाल 2544 देसी और 1061 विदेशी शराब दुकानें हैं।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।