MP News – म.प्र. में माँ नर्मदा पर बन रहा विश्व का सबसे बड़ा तैरता सोलर पार्क, दुनिया का 9वां ‘अजूबा’; देखें PHOTOS

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हाल ही में कहा कि ओंकारेश्वर में विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पार्क स्थापित होने से बिजली की समस्या दूर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सौर ऊर्जा से बिजली की कमी दूर करने और पर्यावरण संरक्षण के हर संभव प्रयास जारी हैं. मंत्री हरदीप डंग पूर्व सांसद स्व. नंदकुमार सिंह के साथ 11 जनवरी को यहां का निरीक्षण करने गए थे. उन्होंने बताया था कि इस प्लांट से 2022-23 तक 600 मेगावाट ऊर्जा मिलने लगेगी. इस प्रोजेक्ट में 3,000 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है
बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन, वर्ल्ड बैंक और पॉवर ग्रिड ने सैद्धांतिक सहमति दे दी थी. प्रोजेक्ट से जुड़ी पहली स्टडी पूरी हो चुकी है. इस प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट के इलाके से लेकर खंडवा सब-स्टेशन तक ट्रांसमिशन लाइन रूट का सर्वे किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी ये भी कराई जाएगी कि इससे समाज और पर्यावरण पर क्या असर होगा.
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी इस प्रोजेक्ट से बिजली खरीदेगी. कंपनी ने 400 मेगावाट बिजली खरीदने की बात कही है. प्रोजेक्ट में बनाए जा रहे सोलर पैनल ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर में तैरेंगे. हो सकता है कि अगले दो सालों में प्रदेश को सस्ती बिजली मिलने लगे. यहां बिजली का उत्पादन बांध के करीब 2,000 हेक्टेयर जलक्षेत्र में होगा.
इस सोलर पैनल की खास बात ये है कि पानी के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं होगा. ये सतह पर अपने आप तैरेंगे. तेज लहरों से भी उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा. सूरज की किरणों से लगातार बिजली बनती रहेगी.
इस प्रोजेक्ट को लेकर ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने मीडिया से कहा है कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना में मध्य प्रदेश लगातार कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. हाल ही में 15 सौ मेगावाट की आगर-शाजापुर-नीमच सोलर पार्क के लिए हुई बिल्डिंग में देश में सबसे कम सोलर टैरिफ का रिकॉर्ड बना है.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।