नई दिल्ली एजेंसी | मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर जारी अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लौटा दिया है।
कोर्ट ने कहा कि जब मामले पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रही है तो दो अदालतों को इस मसले पर सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट को 16 दिसंबर को इस पर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इससे पहले 7, 11, 13 और 14 दिसंबर में सुनवाई टल गई थी।
कांग्रेस नेता सैयद जाफर और जया ठाकुर ने मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव लेकर सरकार के अध्यादेश को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता के वकील वरुण ठाकुर ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट के सामने अध्यादेश को गैर-संवैधानिक होने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने भी यह माना है। उसने यह भी कहा कि चूंकि, मामला हाईकोर्ट में पहले से चल रहा है। इस वजह से इसे लेकर दो अदालतों को सुनवाई करने की जरूरत नहीं है।
नए अध्यादेश से सरकार ने ऐसी पंचायतों का परिसीमन निरस्त कर दिया है, जहां एक साल में चुनाव नहीं हुए हैं। सभी जिला, जनपद या ग्राम पंचायतों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यानी 2014 की ही व्यवस्था रहेगी। जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वही रहेगा।


