mp News- सड़क नहीं है इस कारण बीमार बुआ को पीठ पर लादकर 2 किमी तक दौड़ा भतीजा

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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बैतूल में दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आयी है. व्यवस्था में खामी और संसाधनों की कमी से जूझते समाज में मानवीय संवेदनाएं अब भी जीवित हैं. बैतूल का एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है. इसमें एक नौजवान एक बुजुर्ग महिला को अपनी पीठ पर लादे भागा जा रहा है. महिला की तबियत खराब है और नौजवान उसे अस्पताल लेकर जा रहा है क्योंकि मौके पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी.

विकास के हजार दावों के बीच ऐसी कई तस्वीरें सामने आ जाती हैं जो संसाधनों की कमी और सिस्टम की खामी की कड़वी हकीकत को बयां करती हैं. ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई है बैतूल की आमला तहसील के कलमेश्वरा गांव से. यहां आज भी सड़क नहीं है. जब सड़क ही नहीं है तो बाकी सुविधाओं की कितनी कमी होगी इसका अंदाज लगाया जा सकता है.

सड़क नहीं तो एंबुलेंस नहीं
आमला तहसील के कलमेश्वरा गांव में खेत में काम कर रही एक महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी. आस पास काम कर रहे साथियों ने एंबुलेंस को बुलवाया. लेकिन गांव में सड़क नहीं है और रास्ता ऐसा है कि वहां तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती थी. एंबुलेंस वाले ने आने से मना कर दिया. ऐसे में अगर समय पर इलाज न मिलता तो महिला की जान पर बन सकती थी. खेत पर महिला का भतीजा भी काम कर रहा था. उसने हालात की नजाकत को समझते हुए अपनी बुआ को उठाया और अपनी पीठ पर लादकर चल पड़ा.

2 किमी तक महिला को पीठ पर लादा
अस्पताल दूर था और रास्ता कठिन. लेकिन भतीजे ने हिम्मत नहीं हारी. वो पीठ पर अपनी बुआ को लादे आगे बढ़ता गया. वो करीब दो किलो मीटर तक ऐसे ही चलता रहा और बुआ को एंबुलेंस तक पहुंचा दिया. किसी ने उसका वीडियो बना लिया और अब वही वीडियो वायरल हो रहा है.
सड़क नहीं है गांव में
इस गांव के ग्रामीण काफी अरसे से सड़क की मांग कर रहे हैं. लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है. जिससे ये हालात बन रहे हैं. बारिश के मौसम में तो हालात और बिगड़ जाते हैं. ये तस्वीरें सामने आते ही हड़कम्प मचा है और जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारी भी जल्द ही सड़क बनाने के आश्वासन दे रहे हैं.
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।