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MP Top Hindi News – मध्यप्रदेश समाचार

MP Top Hindi News-1

डेयरी उद्योग में रोजगार एवं स्व-रोजगार देगा एमपीसीडीएफ

*सहकारी दुग्ध संघ इंदौर, उज्जैन एवं आईटीआई के बीच हुआ करार
*दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ तकनीशियन ट्रेड इसी वर्ष होगा प्रारंभ
भोपाल। मध्यप्रदेश को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के प्रबंध संचालक तरूण राठी ने बताया है कि प्रदेश के युवाओं को डेयरी तकनीक में कौशल उन्नयन कर डेयरी उद्योग में रोजगार एवं स्व-रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस उद्देश्य से इंदौर और उज्जैन के दुग्ध संघों एवं शासकीय आई.टी.आई की सहभागिता से मिल्क एवं मिल्क प्रोडेक्ट तकनीशियन ट्रेड के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुग्ध संघ इंदौर, उज्जैन एवं प्राचार्य आई.टी.आई इंदौर, उज्जैन के मध्य एमओयू संपादित किया गया। मालवा क्षेत्र में ट्रेड प्रारंभ होने से उज्जैन, इंदौर एवं देवास आदि स्थानों के डेयरी संयंत्रों में छात्र-छात्राओं को रोजगार एवं स्व-रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
डीएसटी योजना से मिलेगा लाभ
श्री राठी ने बताया कि केन्द्रीय कौशल विकास मंत्रालय के ड्यूअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) योजना में संचालित ट्रेड में 5 माह का सैद्धान्तिक अध्ययन करवाया जाएगा। साथ ही आई.टी.आई. द्वारा 7 माह का प्रायोगिक प्रशिक्षण संबंधित दुग्ध संघ के डेयरी संयंत्रों में किया जाएगा। ट्रेड में प्रवेश एम.पी.ऑनलाइन से होगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण है।
भोपाल में हो रहा है संचालित
यह ट्रेड भोपाल दुग्ध संघ एवं आई.टी.आई भोपाल की सहभागिता से वर्ष 2020-21 से संचालित किया जा रहा है। पहले बैच के 18 छात्र प्रदेश के सहकारिता एवं निजी डेयरी संयंत्रों में कार्यरत है। इन्हें औसतन 15000 रूपये प्रतिमाह की आय हो रही है। नेशनल काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) से मान्यता प्राप्त होने से इस ट्रेड से छात्र पूरे देश में कहीं भी रोजगार पा सकते हैं।

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रेलवे की पार्सल सुविधा ठेके पर; पैकिंग के नाम पर होगी वसूली

भोपाल। भोपाल रेल मंडल, भोपाल स्टेशन पर पैकिंग करने का कांटेक्ट पार्सल ऑफिस में प्राइवेट फर्म को देने की तैयारी कर रहा है। ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी कि पार्सल में जो पैकेट बुक हो रहे हैं। उनकी सही तरीके से पैकिंग हो।आवाजाही के दौरान पैकेट सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचे।पार्सल बुक करते समय पैकिंग और बीमा इत्यादि कराने की जिम्मेदारी भी ठेकेदार को दी जाएगी। नुकसान होने पर बीमा कंपनी के माध्यम से मुआवजा दिलाने का काम भी ठेकेदार के माध्यम से संभव होगा। भोपाल रेल मंडल के कामर्शियल विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय में अब ठेकेदार को अधिकृत किया जाएगा। ठेकेदार पार्सल की जांच करे, बेहतर पैकिंग करें। पार्सल का बीमा कराए। पार्सल भेजने वालों से शुल्क के रूप में राशि भी एकत्रित करे। इससे रेलवे स्टेशनों पर पैकिंग शुल्क के नाम पर नया शुल्क लगाने की तैयारी रेलवे ने शुरू कर दी है। रेलवे की गलती से जो मुआवजा अभी रेलवे को देना पड़ता था। वह आगे चलकर ना देना पड़े, इसके लिए बीमा को अनिवार्य करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

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कहां है, ईडी और सीबीबाई ?: के.के. मिश्रा

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने आज जारी अपने बयान में कहा है कि प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं महाघोटाले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद हुई सीबीआई जांचोपरांत विभिन्न न्यायालयों द्वारा दोषी परीक्षार्थियों को सीबीआई द्वारा प्रस्तुत आरोप पत्र को आधार मानकर सजाई जा सुना रही है। जिसका मुख्य आधार आरोप पत्र में उल्लेखित गड़बड़ी और बिचौलियों के माध्यम से हुए लेनदेन को भी शामिल किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर इस बात प्रमाण है कि लगभग 90 अरब रूपयों के इस महाघोटाले में करोड़ों रूपयों की बेनामी मनीलांड्रिंग हुई हैं!
श्री मिश्रा ने कहा कि विभिन्न न्यायालयों के फैसलों और आरोपितों को हो रही सजा के बाद अब यह बात सामने आना स्वाभाविक है कि उक्त बेनामी मनीलांड्रिंग की करोड़ों रूपयों की राशि कहां है? वह किन-किन बिचौलियों के माध्यम से किन-किन प्रभावी लोगों तक पहुंची है? इन स्थितियों में यह भी स्पष्ट हो चुका है कि इस महाघोटाले में यदि मनीलांड्रिंग हुई है तो अब तक ईडी खामोश क्यों रही! किसके दबाव में किन लोगों को बचाना चाह रही है? यह ईडी की कार्यशैली और प्रतिष्ठा पर एक बड़ा सवालिया निशान है। लिहाजा, यह स्पष्ट होना चाहिए कि ईडी और सीबीआई जैसी भ्रष्टाचार व अन्य अपराधों को नियंत्रित करने वाली इकाईयां अपने संवैधानिक दायित्वों से इतर किनके हितों को संरक्षित कर रही है?
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