भोपाल। प्रदेश में खनिज संसाधनों को लेकर नए नियम निर्देश जारी हो चुके हैं। आठ अप्रैल 2022 के बाद से इन नियमों का पालन भी किया जा रहा है।
खनिज के अवैध कारोबार से जुड़े नए नियमों की मानें तो अवैध कारोबारियों को अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन करने पर अच्छा खासा जुर्माना देना पड़ सकता है।
इस बार उक्त तीनों ही मामलों में पकड़े जाने पर अवैध कारोबारियों को 15 गुना अर्थदंड के साथ-साथ, वाहनों के अनुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि भी चुकानी है।
मसलन टैक्टर ट्रॉली के जब्त होने पर जो ट्रैक्टर ट्रॉली अब तक सिर्फ दस हजार रुपए जुर्माना देकर बच जाती थी अब उसके लिए 50 हजार रुपए अर्थदंड तक चुकाना पड़ सकता है।
यही नहीं इसके साथ-साथ अधिकतम 25 हजार रुपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि भी चुकानी पड़ेगी। हालांकि कुछ मामलों में जहां सीधे शासन द्वारा अवैध परिवहन में जब्त वाहन को राजसात कर दिया जाता था, अब उन्हें एक मौका प्रशमन राशि जुर्माना सहित जमा करने पर दिया जाएगा।
इससे राजसात की जटिल प्रक्रिया के पूर्व एक मौका उन्हें अपने वाहन को बचाने का मिल सकेगा। हालांकि इन सभी मामलों में सभी अवैध प्रकरणों में नोटिस जारी करने के 15 दिनों के अंदर ही लगाए गए जुर्माना को जमा करना जरूरी होगा।
माप कर लगाया जाएगा अर्थदंड
पहले के नियमों के तहत वाहन अनुसार अर्थदंड अधिरोपित किया जाता था। नए राजपत्र के जारी होने के बाद पकड़े गए वाहन में खनिज की मात्रा के अनुसार अर्थदंड लगाया जाएगा।
मसलन किसी ट्रैक्टर ट्रॉली वाहन में तीन घन मीटर रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है तो उसके पकड़े जाने पर निर्धारित रॉयल्टी 360 रुपए का 15 गुना अर्थदंड लगाया जाएगा।
साथ ही पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि 25 हजार रुपए और लगाई जाने के बाद यह राशि 30 हजार रुपए से अधिक हो जाएगी। जबकि पूर्व में यह 10 हजार रुपए तक ही थी।
वहीं तीन घनमीटर तक रॉयल्टी चुकता करने के बाद यदि उससे अधिक एक घनमीटर भी अधिक खनिज या रेत की मात्रा मिली तो उस पर भी बकाया रॉयल्टी को 15 गुना करके वसूल किया जाएगा, लेकिन उस पर पर्यावरण शुल्क का एक तिहाई हिस्सा वसूला जाएगा।

