पीने वाले नहीं मानते, MP में संस्कृति मंत्री का शराबबंदी पर बेतुका बयान, जाने और क्या कहा 

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता उमा भारती मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर माहौल बनाने में जुटी हुई हैं।
लेकिन शराबबंदी को लेकर राज्य की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर का अजीबोगरीब बयान सामने आया है।
शिवराज सिंह चौहान सरकार की मंत्री उषा ठाकुर ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति शराब नहीं पीता है तो उसको कोई नहीं पिला सकता है।
सबसे पहले हमें लोगों कि मन और मानस को बदलना होगा कि नशे से दूर हो जाएं, उन्हें आध्यात्म की तरफ लाना होगा।

उन्होंने कहा कि जिन प्रदेशों में शराबबंदी है उन प्रदेशों की दुर्गति हो रही है। उन्होंने कहा, ‘जहां शराबबंदी है वहां शराब की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। वहां शराब सबसे ज्यादा महंगी होती है।

जिनको पीना है वह कभी भी मानता नहीं है, इसलिए उन्हें आध्यात्म की तरफ जाना होगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराब की दुकान में जो पत्थऱ फेंके थे क्या वो वो सही है? तब इसपर उन्होंने जवाब देते हुए कहा …नो कमेंट

याद दिला दें कि कुछ समय पहले मीडिया से बातचीत में उमा भारती ने कहा था कि मैंने गुनगा (भोपाल) से शराबबंदी अभियान का आगाज कर दिया है।

अब मैं गांव या शहर में शराब दुकानों के सामने खड़ी होने लगूंगी। ऐसा करने से जनमत स्पष्ट होगा और जागरूकता भी आएगी।

नशाबंदी के लिए समाज और शराबबंदी के लिए सरकार को अगुवाई करना पड़ेगी। क्योंकि शराब दुकानें तो सरकार की नीति से खुलती हैं।

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।