फिर बेरोजगारी ने ली एक जान: पढ़ाई के साथ-साथ करना चाहता था काम, नौकरी नहीं मिलने पर परेशान होकर खाया जहर 

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sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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इंदौर। नौकरी की तलाश कर रहे एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। युवक के पिता आरक्षक है और आबकारी विभाग में रतलाम में पदस्थ है। युवक का एमवाय अस्पताल में उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक युवक का नाम मनीष (22) है। वह राजाबाग कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। मनीष एमए में अध्ययनरत था और साथ में नौकरी की तलाश कर रहा था।
उसके पिता बने सिंह आबकारी विभाग रतलाम में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। मनीष ने शुक्रवार को जहर खाया था, जिसके बाद उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां उपचार के दौरान गत दिनों मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मनीष का एक छोटा भाई और है।
परिवार मूल रूप से गंधवानी का रहने वाला है। अभी तक यही माना जा रहा है कि मनीष नौकरी न मिलने के कारण  तनाव में था।
पढ़ाई करने के साथ ही वह नौकरी की तलाश कर रहा था। संभवतः इसके चलते ही तनाव में था और इसी वजह से आत्महत्या की होगी। पुलिस जांच कर रही है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।