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MP News -1

MP के खंडवा में फल विक्रेता के मंत्री का नाम लेने पर बिफरा पुलिसकर्मी, गाली-गलौच का वीडियो VIRAL

मध्य प्रदेश के खंडवा में फल विक्रेता को पुलिसकर्मी के सामने मंत्री विजय शाह का नाम लेना मुसीबत बन गया। मंत्री का नाम लेते हुए पुलिसकर्मी ने कहा क्या विजय शाह नौकरी कर रहा है और फल विक्रेता पर गालियों की बौछार कर दी। यह वीडियो वायरल होने के बाद हुए हंगामे पर पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया।

खंडवा के खालवा ब्लाक की गोलाई माल में एक फल विक्रेता और एक पुलिसकर्मी के बीच हाथठेला हटाने को लेकर हुए विवाद का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें पुलिसकर्मी फल विक्रेता से बदतमीजी करता दिख रहा है। हाट बाजार में ये  पुलिसकर्मी फल विक्रेता को हटाने के लिए गंदे शब्दों का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है। पुलिस वाला शिवराज सरकार के जनजातीय समुदाय से आने वाले मंत्री विजय शाह को लेकर भी अपशब्द कहता दिख रहा है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कुछ लोग खालवा थाने पहुंचे थे जिनकी शिकायत पर एफआईआर लिखी गई।

बाइक के लिए जगह नहीं मिली तो फल विक्रेता से हुई बहस
जब यह पुलिसकर्मी गुलाई माल के हाट बाजार से निकल रहा था तभी एक फल विक्रेता से रास्ते से ठेला हटाने की बात को लेकर बहस हो गई। जिस पर पुलिसकर्मी अपनी बाइक से उतर कर उस  फल विक्रेता के पास पहुंचता है और उससे अपशब्दों का उपयोग करता है। भीड़ में मौजूद किसी शख्स ने यह वीडियो बना लिया। सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया । इस वीडियो के वायरल होने के बाद कुछ लोग पुलिस कर्मी की शिकायत करने हलवा थाने पहुंचे हैं।

पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड
हरसूद एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि वायरल वीडियो हेड कांस्टेबल प्रदीप तोमर का है ।वीडियो संज्ञान में आने के बाद तुरंत पुलिस कर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है ।आज कुछ लोग खालवा थाने शिकायत दर्ज कराने आए थे ।उनकी शिकायत पर एट्रोसिटी एक्ट सहित दुर्व्यवहार करने का केस दर्ज कर लिया गया है।

MP News -2   

इंदौर में मुन्नाभाई एमबीबीएस: एक छात्र ने मोबाइल चालू रखकर कान में लगा रखा था ब्लूटूथ, दूसरे ने बनियान में छिपाया डिवाइस

 एमबीबीएस की परीक्षा के दौरान नकल करते दो मुन्नाभाई पकड़े गए। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) की उड़नदस्ता टीम ने यह कार्रवाई की है। जहां एक छात्र के पास मोबाइल मिला, जिस पर काल चालू था। सुनने के लिए छात्र ने कान में ब्लूट्रूथ लगा रखा था, जबकि दूसरे छात्र ने सिम लगे डिवाइस को बनियान में छिपाया और तार को बनियान के सहारे सील दिया। दल ने दोनों मेडिकल छात्रों के खिलाफ नकल का प्रकरण बनाया है। अब नकल समिति के सामने रखा जाएगा। वहीं परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तलाशी नहीं लेने को लेकर केंद्र को नोटिस दिया जाएगा।

एमबीबीएस थर्ड प्राफ (पार्ट-2) की परीक्षा 18 फरवरी से सात मार्च तक है। एमजीएम मेडिकल कालेज में बनाए केंद्र में तीन मेडिकल कालेज के विद्यार्थी परीक्षा दे रहे है। सोमवार को एमबीबीएस का दूसरा पेपर जनरल मेडिसीन का हुआ। दोपहर 12 बजे से पेपर शुरू हुआ। इस बीच विश्वविद्यालय का उड़नदस्ता एमजीएम मेडिकल कालेज पहुंचा। दल में डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर, डा. विवेक साठे, डा. चेताली उइके थी। एमजीएम मेडिकल कालेज, अरबिंदो मेडिकल कालेज और इंडेक्स मेडिकल कालेज के करीब 80 विद्यार्थी थे। टीम ने एक छात्र की तलाशी ली तो उसके जेब से मोबाइल निकला। जिस पर काल चालू था। ब्लूट्रूथ डिवाइस से मोबाइल कनेक्ट था। पूछने पर छात्र ने माइक्रो ब्लूट्रूथ कान में लगा होने की जानकारी दी, जिसे टीम के सदस्य ने निकलने की कोशिश की। मगर वह सर्जिकल ब्लूट्रूथ था, जो डाक्टर की मदद से कान में लगाया जाता है। बाद में टीम ने मोबाइल जप्त कर लिया।

छात्र का उतरवाया शर्ट

कार्रवाई के दौरान परीक्षा कक्ष में एक और छात्र की गतिविधियां दल के सदस्यों को संदिग्ध नजर आई। फिर दल ने छात्र की तलाशी ली। शर्ट उतरवाया तो बनियान में एक छोटा इलेक्ट्रोनिक डिवाइस छिपाया हुआ था, जिसकी तार को बनियान के सहारे सिलवाया था। इस छात्र ने भी कान में सर्जिकल व माइक्रो ब्लूट्रूथ लगाया था। तत्काल टीम ने डिवाइस जप्त किया। दल ने डिवाइज की जांच की तो उसमें सिम लगी मिली।

केंद्र में सिर्फ महिला पर्यवेक्षक

एमजीएम कालेज में बने केंद्र में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों की तलाशी नहीं ले रहे है। जिम्मेदार कोरोना की आड़ लेने लगे हैं। केंद्र में सिर्फ महिला पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई है। पूरे मामले में कालेज की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि परीक्षा में मोबाइल व अन्य अधुनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में परीक्षा कक्ष तक मोबाइल कैसे पहुंचा। वहीं छात्रों की तलाशी के लिए पुरूष पर्यवेक्षक को नहीं रखा है। दल ने इसे लेकर भी केंद्राध्यक्ष को नाराजगी जताई है

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।