राष्ट्रीय रक्षा एवं सामरिक अध्ययन हेतु राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रशिक्षणरत अधिकारी पहुंचे इन्दौर – कलेक्टर ने बतायीं इन्दौर की विशेषताएं 

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इन्दौर। राष्ट्रीय रक्षा एवं सामरिक अध्ययन हेतु राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के प्रशिक्षणरत अधिकारी मध्य प्रदेश के दौरे पर है।
इसी क्रम में उक्त अधिकारी 23 मार्च से 25 मार्च तक इन्दौर के भ्रमण पर रहेंगे। उक्त प्रशिक्षणरत अधिकारियों को इन्दौर की विशेषताएं एवं अन्य उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के लिए आज एआईसीटीएसएल के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मनीष सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया, निगमायुक्त प्रतिभा पाल, राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के एसडीएस मेजर जनरल हरि.बी. पिल्लई, आईपीएस सोलोमन यश कुमार एवं राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अन्य प्रतिनिधिगण सहित जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

नागरिकों की जागरूकता और अनुशासन से इन्दौर बना नंबर वन 

कलेक्टर मनीष सिंह ने राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रतिनिधियों को इन्दौर की विशेषताओं के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि विगत दिवस इन्दौर में आयोजित गेर में पांच लाख से अधिक संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इसमें 30 प्रतिशत महिलाएं एवं वृद्धजन शामिल रहे और पूरे समारोह में किसी भी तरह का मॉलेस्टेशन का केस या अन्य कानूनी व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हुई। यह है इन्दौर के नागरिकों की जागरूकता और अनुशासन का प्रमाण। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की एकजुटता से ही इन्दौर पिछले 5 वर्षों से स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन रहा है।
कलेक्टर सिंह ने बताया कि अन्य विदेशी देशों में सॉलिड वेस्ट 7 दिन में एक बार एकत्रित किया जाता है जबकि इन्दौर में आवासीय क्षेत्रों में प्रतिदिन सॉलिड वेस्ट एकत्रित किया जाता है एवं कमर्शियल क्षेत्रों में दिन में दो बार कचरा कलेक्शन किया जाता है।
इन्दौर मैं वेस्ट को सोर्स पर ही सेग्रिगेट किया जाता है साथ ही गीले एवं सूखे कचरे की प्रोसेसिंग पृथक-पृथक की जाती है। जिससे यहां उत्पन्न होने वाली एनर्जी की कैलोरीफिक वैल्यू कई गुना ज्यादा होती है।
उन्होंने बताया कि इन्दौर में आवास योजना के तहत सैंडविच पैनल तकनीक पर आवासों का निर्माण किया जा रहा है। यहां कन्वेंशनल टेक्नोलॉजी की जगह नवाचार को प्राथमिकता दी जाती है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में भूमि तथा जल की साफ सफाई पर तो ध्यान दिया ही है बल्कि अब वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित करने की दिशा में प्रशासन अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि 1 साल की अवधि के अंदर अंदर इन्दौर जिले का पीएम 10 परमीसिबल लिमिट प्राप्त कर लेगा और इन्दौर की वायु गुणवत्ता देश के महानगरों में सबसे उच्च होगी।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि इन्दौर को आईटी हब बनाने के लिए भी प्रयास जारी है।

यहां पर स्टार्टअप पार्क एवं डाटा कलेक्शन पार्क भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन्दौर में जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं नागरिकों की जागरूकता एवं एकजुटता से ही इन्दौर देश में अपनी अलग पहचान बना पाया है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय रक्षा मंत्रालय नई दिल्ली के प्रतिनिधि राष्ट्रीय रक्षा एवं सामरिक अध्ययन हेतु देश के विभिन्न क्षेत्रों का सोशियो-इकोनॉमिक पर्सपेक्टिव से अवलोकन कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रतिनिधियों द्वारा इन्दौर का दौरा किया जा रहा है।
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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।