National News – कई राज्‍यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, Air Force ने संभाला मोर्चा, जानें राज्‍यवार कैसे हैं हालात

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"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
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नई दिल्‍ली : मानसून के चलते उत्तर एवं मध्य भारत के कई राज्यों में हो रही भारी बारिश हो रही है. इसकी वजह से नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर बाढ़ आ गई है तो कई जगह ऐसे ही हालात बने हुए हैं. पहाड़ी राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, जम्मू, असम, पश्चिम बंगाल एवं अन्य जगहों पर हालात खराब हैं. कई जगहों पर लोगों के नदी के तेज बहाव में बह जाने की भी खबरें हैं तो कई जगहों पर माल का भी काफी नुकसान हुआ है. भारतीय वायुसेना कई जगह मोर्चा संभाले हुए है और बाढ़ में फंसे लोगों के राहत एवं बचाव अभियान को चला रही है.

मौसम विभाग ने भी मध्य प्रदेश , राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में भी अगले 2 से 3 दिन तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है.

आइये राज्‍यवार जानते हैं कहां कैसे हैं हालात.

पश्चिम बंगाल के हुगली में और मध्यप्रदेश के शिवपुरी मे बाढ़ पीडितों की मदद के लिए भारतीय वायु सेना ने मोर्चा संभाला. हुगली मे 31 लोगों को दो हेलिकॉप्टर के जरिये रेस्क्यु किया गया तो वहीं मध्यप्रदेश के शिवपुरी मे भी हेलीकॉप्टर से 10 लोगों को रेस्क्यु किया गया है.

राजस्‍थान.
झालावड़ में बने अस्थायी पुल को पार करते वक्त एक व्यक्ति पानी के तेज धारा मे बह गया. ग्रामीणों ने उसका रेस्क्यु किया.

बूंदी जिले में हो रही अच्छी बरसात के साथ ही पहाड़ों से फूट रहे झरनों के चलते पिकनिक स्थलों पर पिकनिक मनाने के लिए बढ़ी तादाद में लोग आ रहे हैं.

राजस्थान में झमाझम बारिश का दौर जारी है. इस सीजन में पहली बार औसत से ज्यादा बारिश हुई है. मंगलवार को 3 जिलों में रेड अलर्ट, 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने मंगलवार को बारां, सवाई माधोपुर और कोटा के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा प्रदेश के 9 जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार अजमेर, जयपुर, अलवर, करौली, भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ जिले में भारी बारिश हो सकती है.

झालावाड़ के मांडवी रोड स्थित पुलिया पर एक स्कूल टीचर ने नाले के तेज बहाव मे सड़क पार करने के लिए बाइक से निकलने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के चलते बाइक फिसलने के कारण टीचर बरसाती नाले के तेज बहाव मे फंस गया. ग्रामीणों ने रस्सी डालकर टीचर को रेस्क्यू किया.

अलवर जिले में सोमवार को हुई जबरदस्त बारिश बाला किला की पहाड़ियों से बहने वाले झरनों में आज पानी की आवक शुरू हो गई. इसके बाद इन झरनों में नहाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने शुरू हो गए.

जयपुर में बारिश के चलते जयपुर के परकोटे में हादसा हो गया. यहां करीब 100 साल पुराना बरगद का पेड़ गुलाबी नगरी के बापू बाजार में गिर गया. पेड़ गिरने से कई वाहन उसके नीचे दब गए, जबकि एक वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया.

मध्‍य प्रदेश
शिवपुरी का प्राकृतिक झरना भदैया कुंड अपने पूरे शबाब पर है. यहां लगातार हो रही बारिश से कल-कल कर झरना बह रहा है. यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं.

मुरैना जिले में कई इलाकों में अधिक बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. नदी के जारोली घाट पर 50 फीट ऊंचाई एवं 300 फुट की लंबाई वाला बना पुल पूरी तरह डूब गया है. पुल की ऊंचाई से नदी का बहाव 5 फीट ऊपर है. वहीं 500 फीट चौड़ी धार चल रही है.

गुना जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं. जिले में बने हुए डैम ओवरफ्लो हो गए हैं. राघोगढ़ में स्थित संजय सागर बांध ओवरफ्लो हो चुका है. साथ ही गुना शहर के पास भुजरिया तालाब एवं अन्य तालाब भी ओवरफ्लो होकर बहने लगे हैं. सिंगर बादशाह तालाब में ओवरफ्लो होने के कारण निचली बस्तियों में पानी भर चुका है.

टीकमगढ़ में बेतवा और जामनी नदी पूरे उफान पर है. यहां पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है. प्रशासन ने नदी किनारे न जाने को लेकर अलर्ट जारी किया है, लेकिन लोग इसके बाद भी नदी किनारे जाकर सेल्फी ले रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं.

उत्तर प्रदेश.
बाराबंकी में बाढ़ग्रस्त तमाम गांवों में अब सरयू नदी का जलस्तर कम होने के बाद नदी ने अपनी कटान शुरू कर दी है, तो ग्रामीणों ने घर को नदी में समा जाने के डर से अपना आशियाना खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया है, जिससे उसमें लगी ईंट और दूसरे सामान का उपयोग बाद में किया जा सके. ग्रामीणों द्वारा मकान तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

झांसी में 18 घंटे से लगातार घनघोर बारिश होने की वजह से शहर पानी-पानी हो गया. शहर की गलियों में चारों तरफ 4-5 फ़ीट पानी भर गया. दुकानों व घरों में पानी भरने से लोग परेशान हो गए. शहर की मुख्य सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही में बहुत दिक्कत हो रही है.

झांसी कोतवाली क्षेत्र के ओरछा गेट के अंदर-बाहर नाव का प्रयोग तक किया जा रहा है. बच्चे बारिश में नाव में बैठकर सड़क पर घूमते दिखे तो आम जनता परेशान रही. दतिया गेट क्षेत्र में लोग ट्यूब पर तैरते नजर आए. झांसी मंडी रोड पर पानी भरने से कारें मोटर साइकिल आदि बंद हो गईं और लोग उनमें धक्का लगाते नजर आए.

बिजनौर में गंगा व नदियों का जलस्तर बढ़ने से जहां गंगा तेज़ी से कटान कर रही है तो वही दूसरी तरफ गंगा का कई फिट पानी किसानों की लहलहाती फसलो में पानी जमा हो गया है, जिसकी वजह से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल चोपट होती नजर आ रही है.

असम
डिब्रूगढ़ में ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम मे डालकर नदी पार करनी पड़ती है. ग्रामीण सरकार से एक पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं.

उत्तराखंड
हरिद्वार में सूखी नदी में सोमवार को अचानक पानी आ जाने से श्मशान घाट के पास अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे व्यक्ति की कार पानी में बहने लगी.

जम्मू
उधमपुर में सेना ने 5 दिन में पुल तैयार कर दिया. यह पुल भारी बारिश और लैंडस्लाइड के चलते बह गया था.

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