MP News – प्रदेश में ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस व्यवस्था में सामने आई बड़ी खामी, जाने पूरा मामला

By
sadbhawnapaati
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार...
2 Min Read

MP News | प्रदेश में एक अगस्त से शुरू की गई आनलाइन लर्निंग लाइसेंस व्यवस्था में बड़ी खामी सामने आई है। जिन आवेदकों के पास आधार कार्ड नहीं है या उसमें फोन नंबर अटैच नहीं है। उन्हें दस्तावेज अपलोड करने के बाद वेरिफिकेशन के लिए आरटीओ जाना ही पड़ेगा। वहीं अधिकारी भी, इसलिए परेशान हैं कि आखिर वे कितने लोगों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करेंगे।

एक अगस्त से प्रदेशभर के आरटीओ में नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें आवेदक को लर्निंग लाइसेंस के लिए आरटीओ आने की जरूरत नहीं है। इसमें सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को आ रही है, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है या उससे मोबाइल नंबर अटैच नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार नए नियम के अनुसार ऐसे लोगों आवेदन करते समय अपने दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करने पड़ रहे हैं, लेकिन इसके बाद दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करवाने आरटीओ ही आना होगा। यहां वेरिफिकेशन के बाद ही वे लोग आनलाइन टेस्ट दे सकेंगे।

अधिकारियों का कहना है ऐसे तो नई व्यवस्था का उद्देश्य पूरा ही नहीं हो सकेगा। वहीं दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करना हमारा काम नहीं है। अगर किसी व्यक्ति ने जाली दस्तावेज लगाकर वेरिफिकेशन करवा लिया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। मंगलवार को दिनभर आरटीओ अधिकारी इस पर चर्चा करते रहे कि इस विसंगति से कैसे निपटा जाए।

दिक्कत आ रही

एजेंटों के अनुसार अभी नई व्यवस्था शुरू हुई है। इससे बैंक पेमेेंट में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा कई बार वेबसाइट अंतिम समय में क्रेश हो जाती है। इससे आवेदक को पूरी प्रक्रिया फिर से दोहरानी पड़ती है। तीन दिन में 122 लर्निंग लाइसेंस बन पाए हैं। पहले दिन 16, दूसरे दिन 56 और मंगलवार को 50 ही बन पाए।

मुख्यालय को भेज रहे जानकारी

लर्निंग लाइसेंस व्यवस्था से लोगों को आसानी हो गई है, लेकिन जिनके पास आधार कार्ड नहीं उनकी परेशानी से मुख्यालय को अवगत करवा रहे हैं।

– अर्चना मिश्रा, एआरटीओ

Share This Article
Follow:
"दैनिक सदभावना पाती" (Dainik Sadbhawna Paati) (भारत सरकार के समाचार पत्रों के पंजीयक – RNI में पंजीकृत, Reg. No. 2013/54381) "दैनिक सदभावना पाती" सिर्फ एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि समाज की आवाज है। वर्ष 2013 से हम सत्य, निष्पक्षता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर चलते हुए प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचा रहे हैं। हम क्यों अलग हैं? बिना किसी दबाव या पूर्वाग्रह के, हम सत्य की खोज करके शासन-प्रशासन में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर करते है, हर वर्ग की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना, समाज में जागरूकता और सदभावना को बढ़ावा देना हमारा ध्येय है। हम "प्राणियों में सदभावना हो" के सिद्धांत पर चलते हुए, समाज में सच्चाई और जागरूकता का प्रकाश फैलाने के लिए संकल्पित हैं।